§1यह बिज़नेस क्या है
चाइना क्ले, सोडियम सल्फ़ेट, सोडा ऐश, गंधक और कोयले को घोल (स्लरी) में मिलाया जाता है, पहले गरम किया जाता है, फिर भट्ठी में 700–750 °C पर पकाया जाता है। पके माल को ठंडा करके बारीक पीसा जाता है, साइलो में रखा जाता है और सिली हुई बोरियों में भरा जाता है। ख़रीदार हैं प्लास्टिक, छपाई की स्याही, पेंट, सीमेंट, साबुन, डिटर्जेंट और काग़ज़ बनाने वाले।
क्षमता: रोज़ 2,500 kg; पूरी क्षमता पर साल में 7,50,000 kg। रिपोर्ट पहले साल 45% से शुरू करके पाँचवें साल 65% तक ले जाती है।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
रसायन विज्ञान पढ़ा व्यक्ति या पिगमेंट/डिटर्जेंट के धंधे से जुड़ा व्यक्ति, जो भट्ठी और प्रदूषण नियम सँभाल सके।
किसके लिए नहीं
जो साफ़-सुथरी, छोटी, घर से चलने वाली इकाई चाहता है।
फ़ायदे
- कई उद्योग इसे लेते हैं — पेंट, प्लास्टिक, स्याही, साबुन, डिटर्जेंट, काग़ज़
- कच्चा माल आम रसायन हैं जो खुले बाज़ार में मिलते हैं
- रिपोर्ट में ब्रेक-ईवन कम (28%) है
- बोरियों में थोक बिक्री, इसलिए पैकिंग आसान
नुकसान
- भट्ठी से सल्फ़र डाइऑक्साइड गैस निकलती है जिसे रोकना ज़रूरी है
- इस समूह में सबसे बड़ी लागत — ₹43.89 लाख
- हर बैच में रंग की छटा एक जैसी रखनी पड़ती है
- कच्चा माल बिक्री का लगभग 70% है, इसलिए मार्जिन पतला
कौन-से हुनर चाहिए
- भट्ठी चलाना और तापमान नियंत्रण
- रंग मिलान और गुणवत्ता जाँच
- प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन
- उद्योगों को बिक्री (B2B)
कठिनाई 4/5 क्यों: भट्ठी की प्रक्रिया, गैस नियंत्रण और बड़ा निवेश।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- प्लास्टिक और मास्टरबैच बनाने वाले
- पेंट और छपाई की स्याही बनाने वाले
- साबुन, डिटर्जेंट और कपड़ों का नील बनाने वाले
- सीमेंट और काग़ज़ उद्योग
कैसे बिकता है
- कारख़ानों को सीधी सप्लाई
- रसायन और रंग के व्यापारी
जानने लायक
- रिपोर्ट इसे सुरक्षित, ग़ैर-ज़हरीला पिगमेंट बताती है जो कई उद्योगों में लगता है।
- प्रक्रिया में बहुत सल्फ़र डाइऑक्साइड निकलती है जिसे सँभालना पड़ता है।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| अनलोडिंग बिन | 1 | ₹20,000 |
| भंडारण टंकी (500–1,000 लीटर) | 1 | ₹1,00,000 |
| बारीक पीसने की चक्की | 1 | ₹1,20,000 |
| स्लरी मिक्सर (500–1,500 लीटर) | 1 | ₹1,50,000 |
| स्लरी टंकी (500–1,500 लीटर) | 1 | ₹90,000 |
| प्रीहीटर | 1 | ₹7,00,000 |
| भट्ठी (किल्न) | 1 | ₹14,00,000 |
| क्लिंकर कूलर | 1 | ₹4,00,000 |
| साइलो (50–100 टन) | 1 | ₹2,00,000 |
| बोरी सिलाई मशीन (रोज़ 1,000 बोरी) | 1 | ₹38,000 |
| अन्य मशीनें और माल ढोने के उपकरण | 1 lot | ₹1,50,000 |
स्रोत: PMEGP sample project report — Ultramarine Blue (prepared by Udyami/Samadhan)
- सफ़ेद काओलिन (चाइना क्ले)पिगमेंट की मूल मिट्टी
- निर्जल सोडियम सल्फ़ेटपूरी क्षमता पर साल में 10,00,000 kg, ₹16 प्रति kg
- निर्जल सोडियम कार्बोनेट (सोडा ऐश)साल में 64,000 kg, ₹60 प्रति kg
- गंधक पाउडरसाल में 52,000 kg, ₹45 प्रति kg
- लकड़ी का कोयलासाल में 1,20,000 kg, ₹16 प्रति kg
- पैकिंग सामग्रीसाल में ₹4,00,000 (एकमुश्त)
स्रोत: PMEGP sample project report — Ultramarine Blue (prepared by Udyami/Samadhan)
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति (रिपोर्ट में NOC लिखा है)
- फ़ैक्टरी अधिनियम की सीमा पार करने पर फ़ैक्टरी लाइसेंस
- अपने ब्रांड का ट्रेडमार्क (वैकल्पिक)
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
- Stand-Up IndiaCentralबंद₹10 लाख – ₹1 करोड़ कर्ज़
PMEGP में ₹50 लाख तक की विनिर्माण परियोजना आती है, इसलिए ₹43.89 लाख फ़िट है; बिना गिरवी के लोन के लिए CGTMSE; SC/ST या महिला उद्यमी हों तो Stand-Up India।
§7पैसा
निवेश का आधार: प्लांट और मशीनरी ₹33.68 लाख + फ़र्नीचर ₹1.32 लाख + कार्यशील पूँजी ₹8.89 लाख = ₹43.89 लाख (ज़मीन अपनी या किराए की)। पैसा: टर्म लोन ₹31.50 लाख, अपना ₹4.39 लाख, कार्यशील पूँजी लोन ₹8 लाख।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): परियोजना लागत में कार्यशील पूँजी ₹8.89 लाख (बैंक का कार्यशील पूँजी लोन ₹8 लाख) — 10 दिन का कच्चा माल और तैयार माल, साथ में ख़रीदारों को उधार।
रिपोर्ट पर साल नहीं छपा है — मशीनों के मौजूदा दाम जाँच लें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात परिषद / बोर्ड: Not verified yet
- अभी तक कोई HS कोड या निर्यात संस्था सरकारी सूची से जाँची नहीं गई है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- सल्फ़र डाइऑक्साइड पर प्रदूषण बोर्ड की कार्रवाई
- सोडियम सल्फ़ेट या गंधक के दाम बढ़ना
- छटा बिगड़ने पर बैच वापस होना
- उद्योगों से देर से भुगतान
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: अल्ट्रामरीन ब्लू (नील) पिगमेंट की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
अल्ट्रामरीन ब्लू (नील) पिगमेंट शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
