§1यह बिज़नेस क्या है
सुपर-इनैमल तांबे का तार ऑटोमैटिक कॉइल वाइंडिंग मशीन पर बॉबिन पर लपेटा जाता है। CRGO स्टील की पत्तियाँ (स्टैम्पिंग) लगाई जाती हैं, पूरा हिस्सा माइल्ड स्टील के डिब्बे में रखा जाता है, तार कनेक्टर पर निकाले जाते हैं, और पॉलिएस्टर रेज़िन भरकर वैक्यूम में भिगोया जाता है। हर चोक पर निशान लगाकर IS 6616:1982 के अनुसार जाँचकर पैक किया जाता है। सोडियम वेपर लैंप सड़कों और हाईवे पर लगते हैं; मरकरी वेपर लैंप फ़्लड और कारख़ानों की रोशनी में लगते थे।
क्षमता: हर साल 6,000 चोक (500 महीना), ₹580 प्रति नग के हिसाब से ₹34.80 लाख के।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
कॉइल वाइंडिंग तकनीशियन जो पहले से लाइटिंग निर्माताओं या स्ट्रीट-लाइट ठेकेदारों को बेचता हो।
किसके लिए नहीं
नया व्यक्ति: शहरों के LED पर जाने से इन चोक का बाज़ार सिकुड़ रहा है।
फ़ायदे
- छोटी स्थायी पूँजी (₹1.34 लाख)
- लपेटने और भरने की सरल प्रक्रिया
- लाइटिंग निर्माताओं और नगर निकाय ठेकेदारों को बिक्री
- इसी सेट-अप से दूसरे चोक और छोटे ट्रांसफ़ॉर्मर भी बनते हैं
नुकसान
- LED स्ट्रीट लाइटें सोडियम लैंप की जगह ले रही हैं, माँग घट रही है
- पारे के कारण मरकरी वेपर लैंप बंद किए जा रहे हैं
- तांबा और CRGO स्टील लागत का बड़ा हिस्सा
- इस क्षेत्र में पहले से कई इकाइयाँ (प्रोफ़ाइल)
कौन-से हुनर चाहिए
- कॉइल वाइंडिंग
- वैक्यूम इम्प्रेग्नेशन और भराई
- IS 6616 के अनुसार जाँच
- लाइटिंग ठेकेदारों को बिक्री
कठिनाई 3/5 क्यों: तकनीक सरल, पर LED के आने से बाज़ार सिकुड़ रहा है।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- स्ट्रीट-लाइट और फ़्लड-लाइट निर्माता
- नगर निकाय और हाईवे लाइटिंग ठेकेदार
- बिजली सामान के थोक विक्रेता
कैसे बिकता है
- लाइटिंग निर्माताओं को सप्लाई
- बिजली सामान के डीलर
- ठेकेदारों के टेंडर
जानने लायक
- प्रोफ़ाइल माँग को नए हाईवे और शहरों की रोशनी से जोड़ती है।
- शहर अब सोडियम और मरकरी लैंप की जगह LED फ़िटिंग लगा रहे हैं, जिनमें चोक की जगह ड्राइवर लगता है।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| मोटर सहित ऑटोमैटिक कॉइल वाइंडिंग मशीन | 1 | ₹25,000 |
| वैक्यूम इम्प्रेग्नेशन प्लांट | 1 | ₹23,000 |
| बिजली ओवन, 3 kW | 1 | ₹10,000 |
| हाथ की शियरिंग मशीन | 1 | ₹5,000 |
| मोटर सहित रेज़िन मिक्सर | 1 | ₹2,000 |
| सोल्डरिंग आयरन, प्लास, कैंची और अन्य औज़ार | 1 lot | ₹5,000 |
| डिमरस्टैट, वोल्टमीटर, वाटमीटर, एमीटर सहित टेस्ट बेंच | 1 | ₹12,000 |
| हाई-वोल्टेज टेस्टर 0–5 kV, मेगर 500 V, 2 मल्टीमीटर | 1 lot | ₹12,100 |
स्रोत: DC-MSME project profile — Chokes for Sodium/Mercury Vapour Lamps (2003)
- सुपर-इनैमल तांबे का तार, 17.5 SWGहर महीने 500 kg, ₹190/kg = ₹95,000
- CRGO बिजली स्टैम्पिंगहर महीने 1,750 kg = ₹1,13,750
- माइल्ड स्टील के डिब्बेहर महीने 500, ₹12 = ₹6,000
- बॉबिन, इन्सुलेटिंग काग़ज़, कनेक्टर, पॉलिएस्टर कंपाउंड, हार्डवेयर, पैकिंग₹13,000 महीना
स्रोत: DC-MSME project profile — Chokes for Sodium/Mercury Vapour Lamps (2003)
Building Business Bazaar में सप्लायर
Quality Machine Tools · Mumbai →Vacuum Plants & Instruments Mfg. Co. (P) Ltd · Pune →Filco Electric Industries · Mumbai →Hindustan Wire Products · Patiala →India Cable Co. Ltd · Nagpur →S. A. Industries · Kolkata →Technimax · Mumbai →Toshiniwal Brothers Pvt. Ltd · Bengaluru →
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST
- स्थानीय निकाय से ट्रेड लाइसेंस
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- MudraCentralचालू₹20 लाख तक कर्ज़, बिना कोलैटरल
- CM YUVAUPचालू₹5 लाख तक, बिना ब्याज
₹8.82 लाख की परियोजना: PMEGP और MUDRA (तरुण) लागू; छोटी शुरुआत यूपी की CM-YUVA से हो सकती है।
§7पैसा
निवेश का आधार: DC-MSME प्रोफ़ाइल: मशीनें ₹70,000 (ऑटोमैटिक कॉइल वाइंडर ₹25,000, वैक्यूम इम्प्रेग्नेशन प्लांट ₹23,000, 3 kW ओवन ₹10,000, शियर, रेज़िन मिक्सर और औज़ार) + जाँच उपकरण ₹24,100 + बिजली फ़िटिंग ₹9,410 + फ़र्नीचर ₹20,000 + शुरुआती ख़र्च ₹10,000 = स्थायी पूँजी ₹1.34 लाख; 3 महीने की कार्यशील पूँजी ₹7.48 लाख; कुल ₹8.82 लाख। भवन किराए का।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): 3 महीने की कार्यशील पूँजी ₹7.48 लाख; महीने का ख़र्च ₹2.49 लाख, जिसमें तांबे का तार ₹95,000 और CRGO स्टैम्पिंग ₹1.14 लाख।
दाम 2002–03 के हैं — मशीन, कच्चे माल और मज़दूरी का ख़र्च अब काफ़ी ज़्यादा होगा।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: EEPC India
- माल भेजने से पहले DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से 8 अंकों की ITC(HS) लाइन पक्की कर लें।
- पहली खेप भेजने से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- LED स्ट्रीट लाइटों की ओर तेज़ बदलाव
- तांबे के दाम बढ़ना
- वाइंडिंग की ग़लती से माल ख़राब
- नगर निकाय टेंडर और देर से भुगतान
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: सोडियम और मरकरी वेपर लैंप के चोक (बैलास्ट) की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
सोडियम और मरकरी वेपर लैंप के चोक (बैलास्ट) शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
