§1यह बिज़नेस क्या है
सूखे छिलके वाले अखरोट आकार से छाँटे जाते हैं, शेलिंग मशीन में तोड़े जाते हैं और वाइब्रो सेपरेटर पर छिलका गिरी से अलग होता है। कलर सॉर्टर अलग रंग की गिरी निकालता है, मेटल डिटेक्टर जाँच करता है और गिरी 100 g के पैकेट में भरी जाती है। रिपोर्ट के अनुसार भारत के लगभग 98% अखरोट जम्मू-कश्मीर में होते हैं।
क्षमता: 300 दिनों में रोज़ 200 kg; 5% बर्बादी के बाद साल में 57,000 kg, जो 100 g के 5,70,000 पैकेट बनते हैं। पहले साल 30%, पाँचवें साल तक 50%।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश या उत्तराखंड के अखरोट वाले इलाक़े का व्यक्ति, जिसके बाग़वानों और मेवा व्यापारियों से संपर्क हों।
किसके लिए नहीं
जो अखरोट के बाग़ों से दूर हो, या जिसके पास साल भर का कच्चा माल रखने का पैसा न हो।
फ़ायदे
- पैक की हुई गिरी घरों, मिठाई बनाने वालों और बेकरी के काम की
- रिपोर्ट के अनुसार बेकरी उत्पादों में अखरोट ख़ूब लगता है
- रिपोर्ट के अनुसार अखरोट विदेशी मुद्रा कमाता है
- रिपोर्ट में ब्रेक-ईवन कम (24–27%)
नुकसान
- अकेला कलर सॉर्टर ₹22.00 लाख का
- आपूर्ति जम्मू-कश्मीर और कुछ पहाड़ी राज्यों तक सीमित
- अखरोट साल में एक बार उतरता है, इसलिए माल ख़रीदकर रखना पड़ता है
- ठीक से न रखें तो गिरी बासी (कड़वी) हो जाती है
कौन-से हुनर चाहिए
- आकार और रंग से अखरोट छाँटना
- शेलिंग और छँटाई मशीनें चलाना
- भंडारण और नमी पर नियंत्रण
- मेवा व्यापारियों, दुकानों और बेकरी को बेचना
कठिनाई 3/5 क्यों: प्रक्रिया आसान, पर महँगा सॉर्टर और साल में एक बार मिलने वाला कच्चा माल।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- मेवा व्यापारी और थोक विक्रेता
- खुदरा दुकानें और सुपरमार्केट
- बेकरी और मिठाई बनाने वाले
- बाल और त्वचा उत्पाद बनाने वाले (रिपोर्ट में यह उपयोग बताया गया है)
कैसे बिकता है
- मेवा की थोक मंडियाँ
- बेकरी और दुकानों को सीधी सप्लाई
- निर्यातक
जानने लायक
- रिपोर्ट के अनुसार भारत के लगभग 98% अखरोट जम्मू-कश्मीर में होते हैं।
- रिपोर्ट में पहले साल की बिक्री 30% क्षमता पर ₹125.26 लाख है, ₹75 प्रति 100 g पैकेट।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| छँटाई (ग्रेडिंग) मशीन | 1 | ₹1,30,000 |
| अखरोट तोड़ने (शेलिंग) की मशीन | 1 | ₹85,000 |
| वाइब्रो सेपरेटर | 1 | ₹95,000 |
| रंग से छाँटने वाली मशीन (कलर सॉर्टर) | 1 | ₹22,00,000 |
| मेटल डिटेक्टर | 1 | ₹1,30,000 |
| भरने और पैक करने की मशीन | 1 | ₹1,80,000 |
| माल ढोने और दूसरे उपकरण (डिब्बे, ट्रॉली, तौल मशीन, बकेट एलिवेटर, बेल्ट कन्वेयर) | पूरा सेट | ₹1,50,000 |
स्रोत: NIFTEM-K (MoFPI) PMFME Detailed Project Report – Walnut Processing Unit (2022)
- तोड़े हुए अखरोट (सूखे, छिलके सहित)पहले साल हर 100 g पैकेट पर ₹45 माना गया
- पैकेट100 g के पैकेट
स्रोत: NIFTEM-K (MoFPI) PMFME Detailed Project Report – Walnut Processing Unit (2022)
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- FSSAI लाइसेंस
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST पंजीकरण
- पैक माल के लिए लीगल मेट्रोलॉजी पंजीकरण
- निर्यात करें तो IEC और APEDA पंजीकरण
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMFMECentralअस्पष्ट35% सब्सिडी, अधिकतम ₹10 लाख
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- AIFCentralअस्पष्ट3% ब्याज छूट, ₹2 करोड़ तक
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
सबसे पहले PMFME लागू (DPR उसी के लिए बना; रिपोर्ट में सब्सिडी अधिकतम ₹10 लाख)। कटाई के बाद के प्रसंस्करण में AIF मदद कर सकता है; ₹38.49 लाख की परियोजना पर PMEGP और CGTMSE लागू।
§7पैसा
निवेश का आधार: प्लांट और मशीनरी ₹29.70 लाख (इसमें कलर सॉर्टर ₹22.00 लाख) + अन्य स्थायी संपत्ति ₹2.00 लाख + कार्यशील पूँजी ₹6.79 लाख = ₹38.49 लाख। जगह किराए की (लागत में नहीं जोड़ी)।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹6.79 लाख, जिसमें बैंक से ₹6.11 लाख; 7 दिन का कच्चा और तैयार माल, ख़रीदारों को 10 दिन की उधारी, सप्लायरों से 7 दिन की उधारी।
PMFME के लिए NIFTEM-K का मॉडल DPR, 2022 में छपा (अंदर साल नहीं छपा) — मशीनों के आज के दाम जाँच लें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: APEDA
- रिपोर्ट के अनुसार भारतीय अखरोट यूरोप को निर्यात होता है।
- माल भेजने से पहले 8 अंकों वाली ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।
- पहली खेप से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- ख़राब फ़सल से कच्चे अखरोट का दाम बढ़ना
- बासी या फफूँद लगा माल
- आयातित अखरोट से होड़
- महँगे कलर सॉर्टर का ख़राब होना
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: अखरोट प्रसंस्करण (गिरी) इकाई की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (FSSAI लाइसेंस, उद्यम (Udyam) पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
अखरोट प्रसंस्करण (गिरी) इकाई शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
