
खंड 14
भारत में आयात कैसे करें: चरण-दर-चरण
IEC लें, ITC(HS) आयात नीति और उत्पाद नियम (BIS, FSSAI, पादप-संगरोध) जाँचें, माल पहुँचने से पहले ICEGATE पर बिल ऑफ़ एंट्री दाखिल करें, BCD, SWS और IGST भरें, खुदरा पैकेटों पर लेबल लगाएँ, और बैंक से आपूर्तिकर्ता को भुगतान करें। गोदाम-भंडारण से शुल्क बाद में दिया जा सकता है।
- कदम
- 12
- दस्तावेज़
- 10
- शब्दों की व्याख्या
- 15
- 01
आयातक-निर्यातक कोड (IEC) लें
IEC के बिना कोई व्यावसायिक आयात मंज़ूर नहीं होता, सिवाय छूट वाली श्रेणियों के, जैसे निजी उपयोग का आयात। एक ही IEC आयात और निर्यात दोनों के लिए चलता है।
कैसे करेंबंद करें- dgft.gov.in पर फ़ॉर्म ANF-2A में रद्द चेक या बैंक प्रमाणपत्र और पते के प्रमाण के साथ आवेदन करें।
- हर साल अप्रैल–जून के बीच IEC अपडेट या पुष्टि करें।
- 02
अपनी वस्तु की आयात नीति (ITC(HS)) जाँचें
आयात 'मुक्त' है, जब तक ITC(HS) की अनुसूची I में वस्तु 'प्रतिबंधित' (DGFT लाइसेंस चाहिए), 'निषिद्ध' या 'STE' (केवल राज्य व्यापार उद्यम आयात कर सकते हैं) न लिखी हो। यह नीति नए सामान के लिए है; पुराने सामान के अलग नियम हैं।
कैसे करेंबंद करें- अपनी वस्तु का 8 अंकों का टैरिफ़ कोड (कस्टम्स टैरिफ़ के अनुसार) खोजें और dgft.gov.in पर 'Regulatory Updates' में अनुसूची I पढ़ें।
- कोड के सामने लिखी नीति-शर्त पढ़ें; 'मुक्त' वस्तु के लिए भी BIS, FSSAI, पादप-संगरोध या अन्य मंज़ूरी लग सकती है।
- 'प्रतिबंधित' वस्तु के लिए ऑर्डर देने से पहले dgft.gov.in पर आयात प्राधिकार के लिए आवेदन करें।
- 03
उत्पाद मानक जाँचें: BIS गुणवत्ता नियंत्रण आदेश और अन्य मंज़ूरियाँ
अगर कोई उत्पाद BIS गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (QCO) के तहत है, तो वैध लाइसेंस या प्रमाणपत्र वाले BIS मानक चिह्न के बिना उसका आयात नहीं हो सकता। विदेशी कारख़ाने के पास वह BIS लाइसेंस होना चाहिए।
कैसे करेंबंद करें- अनिवार्य प्रमाणन वाले उत्पादों की BIS सूचियाँ (ISI मार्क योजना, पंजीकरण योजना आदि) और आने वाले QCO की सूची देखें।
- भुगतान से पहले अपने आपूर्तिकर्ता से विदेशी निर्माता प्रमाणन योजना (FMCS) के तहत उसका BIS लाइसेंस नंबर माँगें।
- पौधे, बीज और पादप उत्पादों के लिए पादप-संगरोध से आयात रिलीज़ आदेश (Import Release Order) चाहिए (PQMS या राष्ट्रीय एकल खिड़की पर आवेदन); कुछ रोपण सामग्री के लिए आयात के बाद संगरोध (PEQ) भी ज़रूरी है।
- खाद्य पदार्थों के लिए FSSAI मंज़ूरी चाहिए (अगला चरण)।
- 04
खाद्य आयात: FSSAI लाइसेंस और मंज़ूरी
FSSAI के केंद्रीय लाइसेंसिंग प्राधिकरण से आयात लाइसेंस के बिना कोई खाद्य आयात नहीं कर सकता। बंदरगाह पर कस्टम्स बिल ऑफ़ एंट्री को निरीक्षण और नमूने के लिए FSSAI की खाद्य आयात मंज़ूरी प्रणाली (FICS) को भेज सकता है।
कैसे करेंबंद करें- IEC के साथ-साथ खाद्य आयातक के रूप में FSSAI का केंद्रीय लाइसेंस लें।
- खुद या अपने कस्टम्स ब्रोकर को FICS पर पंजीकृत कराएँ।
- मंज़ूरी के समय खाद्य की कम से कम 60% शेल्फ़-लाइफ़ बची होनी चाहिए, या समाप्ति से तीन महीने, जो भी कम हो।
- FSSAI निरीक्षण करे तो दो नमूने अधिसूचित प्रयोगशाला भेजे जाते हैं; पास होने पर अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) मिलता है।
- कुछ लेबल कमियाँ (आयातक का नाम-पता, FSSAI लोगो और लाइसेंस नंबर, शाकाहारी/मांसाहारी चिह्न) कस्टम्स बॉन्डेड गोदाम में एक न हटने वाले स्टिकर से ठीक की जा सकती हैं।
- 05
ICEGATE पर पंजीकरण करें और कस्टम्स ब्रोकर नियुक्त करें
बिल ऑफ़ एंट्री ICEGATE पर दाखिल होते हैं। ज़्यादातर छोटे आयातक लाइसेंसधारी कस्टम्स ब्रोकर रखते हैं, जो काग़ज़ दाखिल करता है और बंदरगाह पर जाँच संभालता है।
कैसे करेंबंद करें- IEC और डिजिटल हस्ताक्षर से ICEGATE पर पंजीकरण करें और GSTIN जोड़ें, ताकि आयात पर दिए IGST का क्रेडिट ले सकें।
- अपने बंदरगाह पर लाइसेंसधारी कस्टम्स ब्रोकर चुनें; उन्हें प्राधिकार पत्र दें और e-Sanchit पर दस्तावेज़ अपलोड करें।
- 06
माल पहुँचने से पहले बिल ऑफ़ एंट्री दाखिल करें
बिल ऑफ़ एंट्री आपकी आयात घोषणा है। 2021 से इसे पहले दाखिल करना ज़रूरी है: अनुमानित आगमन से 30 दिन पहले से लेकर आगमन से एक दिन पहले के अंत तक कभी भी। यह घरेलू उपभोग (अभी मंज़ूरी लें और शुल्क दें) या गोदाम-भंडारण (बॉन्डेड गोदाम में रखें और बाद में शुल्क दें) के लिए हो सकता है।
कैसे करेंबंद करें- समुद्री माल: जहाज़ आने से एक दिन पहले के अंत तक दाखिल करें; बांग्लादेश, मालदीव, म्यांमार, पाकिस्तान या श्रीलंका से भेजे माल के लिए आगमन वाले दिन के अंत तक।
- हवाई माल, अंतर्देशीय कंटेनर डिपो (ICD) और भूमि कस्टम्स स्टेशन: आगमन वाले दिन के अंत तक दाखिल करें।
- इनवॉइस, पैकिंग लिस्ट, बिल ऑफ़ लैडिंग या एयरवे बिल, और कोई लाइसेंस या प्रमाणपत्र e-Sanchit पर अपलोड करें।
- देर से दाखिल बिल ऑफ़ एंट्री पर विलंब शुल्क लगता है।
- 07
आयात शुल्क का हिसाब लगाएँ और भुगतान करें
आयात शुल्क परतों में बनता है: कस्टम्स टैरिफ़ से मूल सीमा शुल्क (BCD); सीमा शुल्कों पर 10% समाज कल्याण अधिभार (SWS); मूल्य और इन शुल्कों के जोड़ पर वस्तु की GST दर से IGST; और कुछ वस्तुओं पर एंटी-डंपिंग जैसे अन्य शुल्क।
कैसे करेंबंद करें- cbic.gov.in पर कस्टम्स टैरिफ़ में अपने 8 अंकों के कोड की BCD दर देखें; यह भी देखें कि व्यापार समझौते के तहत उत्पत्ति प्रमाणपत्र से कम दर मिलती है या नहीं।
- SWS कुल सीमा शुल्क का 10% है, माल के मूल्य का नहीं; अगर सीमा शुल्क छूट से शून्य है, तो SWS भी शून्य है।
- बिल ऑफ़ एंट्री पर GSTIN हो तो आयात पर दिया IGST इनपुट टैक्स क्रेडिट के रूप में लिया जा सकता है।
- GST क्षतिपूर्ति उपकर 22 सितंबर 2025 से ज़्यादातर वस्तुओं पर नहीं लगता, और रिपोर्टों के अनुसार तंबाकू पर भी 1 फ़रवरी 2026 से समाप्त हो गया; अपनी वस्तु के लिए टैरिफ़ में पुष्टि करें।
- शुल्क ICEGATE ई-पेमेंट से ऑनलाइन भरें।
स्रोत (5)
- Foreign Trade Policy 2023, Chapter 2 (revised, v1.2.2), DGFT · 2023
- Section 110, Finance Act 2018: Social Welfare Surcharge on imported goods (reproduced on taxheal.com) · 2018
- DHL India: Import duty in India (secondary source, worked example of the IGST base)
- ClearTax: GST compensation cess (secondary source) · 2025
- taxo.online (1 Jan 2026): GST compensation cess on tobacco to end on 1 Feb 2026 (news report) · 2026
- 08
आयातित खुदरा पैकेटों पर लेबल लगाएँ (विधिक माप विज्ञान)
आयातित खुदरा पैकेटों पर बिक्री से पहले विधिक माप विज्ञान की सभी अनिवार्य घोषणाएँ होनी चाहिए, जिनमें आयातक का नाम और पता शामिल है। पैकेटबंद सामान आयात करने वाली कंपनियाँ पैकेज्ड कमोडिटीज़ नियमों के नियम 27 के तहत पंजीकरण कराती हैं।
कैसे करेंबंद करें- हर खुदरा पैकेट पर आयातक का नाम-पता और बाकी अनिवार्य घोषणाएँ (जैसे शुद्ध मात्रा और खुदरा बिक्री मूल्य) छापें या चिपकाएँ।
- पैकेटबंद वस्तुओं के आयातक के रूप में विधिक माप विज्ञान प्राधिकरण में पंजीकरण कराएँ; 29 मई 2026 से प्रमाणपत्र रद्द होने तक मान्य रहता है, और विवरण हर साल ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करना होता है।
- AEO टियर-2 या टियर-3 ऑपरेटरों के बॉन्डेड गोदाम का उपयोग करने वाले आयातक घोषणाएँ वहीं लगा सकते हैं, पर गोदाम से निकलने से पहले पैकेटों पर ये होनी चाहिए।
- 09
हाई-सी सेल (समुद्र में रहते माल की बिक्री) पर ख़रीदना
हाई-सी सेल में माल भारत पहुँचने से पहले, रास्ते में ही बेच दिया जाता है। आख़िरी खरीदार अपने नाम से बिल ऑफ़ एंट्री दाखिल करता है और मंज़ूरी के समय एक ही बार शुल्क और IGST देता है।
कैसे करेंबंद करें- माल पहुँचने से पहले मूल आयातक के साथ हाई-सी सेल अनुबंध करें और पृष्ठांकित (endorsed) बिल ऑफ़ लैडिंग लें।
- अपने IEC से बिल ऑफ़ एंट्री दाखिल करें; IGST हर हाई-सी सेल में जुड़े मूल्य समेत पूरे मूल्य पर लगता है।
- दस्तावेज़ों की पूरी श्रृंखला रखें: मूल इनवॉइस, हाई-सी सेल अनुबंध और दिए गए कमीशन का विवरण।
- 10
बॉन्डेड गोदाम या MOOWR से शुल्क भुगतान टालें
आप बिल ऑफ़ एंट्री 'गोदाम-भंडारण के लिए' दाखिल कर माल कस्टम्स बॉन्डेड गोदाम में रख सकते हैं और शुल्क केवल माल निकालते समय दे सकते हैं। MOOWR (धारा 65) के तहत लाइसेंसधारी इकाई गोदाम के अंदर उत्पादन भी कर सकती है; तैयार माल निर्यात होने पर आयातित कच्चे माल का शुल्क नहीं देना पड़ता।
कैसे करेंबंद करें- बंदरगाह के पास सार्वजनिक या निजी बॉन्डेड गोदाम का उपयोग करें, या कस्टम्स से निजी गोदाम लाइसेंस के लिए आवेदन करें।
- MOOWR के लिए गोदाम लाइसेंस और उत्पादन की अनुमति के लिए आवेदन करें; इसमें कोई निवेश सीमा या निर्यात बाध्यता नहीं है।
- भारत में बेचते समय एक्स-बॉन्ड बिल ऑफ़ एंट्री दाखिल करें और तभी शुल्क दें।
- 11
विदेशी आपूर्तिकर्ता को अपने बैंक से भुगतान करें
आयात का भुगतान अधिकृत डीलर बैंक के ज़रिए, अनुबंध में लिखी अवधि के भीतर होता है। सौदा असली होने की जाँच के बाद बैंक अग्रिम भुगतान की अनुमति दे सकता है, पर सोना या चाँदी के आयात के लिए अग्रिम की अनुमति नहीं है।
कैसे करेंबंद करें- बैंक को इनवॉइस और बिल ऑफ़ एंट्री दें; बैंक आयात को IDPMS में दर्ज करता है।
- अगर आपने अग्रिम दिया और माल नहीं आया, तो वह अग्रिम भारत वापस लाना होगा।
- 12
निर्यात के लिए आयात करते हैं तो: एडवांस ऑथराइज़ेशन और EPCG
निर्यातक एडवांस ऑथराइज़ेशन के तहत कच्चा माल शुल्क-मुक्त आयात कर सकते हैं (18 महीने में निर्यात), और EPCG के तहत मशीनें शुल्क-मुक्त (6 साल में बचाए गए शुल्क का 6 गुना निर्यात)।
कैसे करेंबंद करें- dgft.gov.in पर आवेदन करें: एडवांस ऑथराइज़ेशन के लिए फ़ॉर्म ANF 4A, EPCG के लिए ANF 5A; IEC और RCMC चाहिए।
- आयातित कच्चा माल और मशीनें 'वास्तविक उपयोगकर्ता' शर्त के तहत हैं; इन्हें आगे बेचा नहीं जा सकता।
ज़रूरी दस्तावेज़
| बिल ऑफ़ लैडिंग / एयरवे बिल / लॉरी या रेलवे रसीद / डाक रसीद (CN-22 या CN-23) | अनिवार्य। माल की डिलीवरी लेने के लिए ज़रूरी परिवहन दस्तावेज़। | कौन जारी करता है शिपिंग लाइन, एयरलाइन, वाहक या डाकघर |
|---|---|---|
| वाणिज्यिक इनवॉइस-सह-पैकिंग लिस्ट | अनिवार्य। आपूर्तिकर्ता का इनवॉइस, जिसमें सामान, मात्रा, दाम और पैकिंग हो। अलग-अलग इनवॉइस और पैकिंग लिस्ट भी मान्य हैं। | कौन जारी करता है विदेशी आपूर्तिकर्ता |
| बिल ऑफ़ एंट्री | अनिवार्य। कस्टम्स को आपकी आयात घोषणा, जो ICEGATE पर पहले से दाखिल होती है। | कौन जारी करता है आयातक या कस्टम्स ब्रोकर |
| उत्पत्ति प्रमाणपत्र | व्यापार समझौते के तहत कम शुल्क पाने के लिए ज़रूरी। | कौन जारी करता है आपूर्तिकर्ता के देश का प्राधिकरण |
| आयात लाइसेंस या प्राधिकार | केवल ITC(HS) में 'प्रतिबंधित' वस्तुओं के लिए, या एडवांस ऑथराइज़ेशन या EPCG के तहत शुल्क-मुक्त आयात पर। | कौन जारी करता है DGFT |
| विदेशी निर्माता का BIS लाइसेंस या पंजीकरण | गुणवत्ता नियंत्रण आदेश वाले उत्पादों के लिए; माल पर मानक चिह्न होना चाहिए। | कौन जारी करता है भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) |
| FSSAI आयात लाइसेंस और NOC | खाद्य के लिए: आयात से पहले केंद्रीय लाइसेंस, और बंदरगाह पर निरीक्षण के बाद अनापत्ति प्रमाणपत्र। | कौन जारी करता है FSSAI |
| आयात रिलीज़ आदेश / पादप-स्वच्छता प्रमाणपत्र | पौधों, बीजों और पादप उत्पादों के लिए: निर्यातक देश का पादप-स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और भारतीय पादप-संगरोध का रिलीज़ आदेश। | कौन जारी करता है निर्यातक देश की पादप संरक्षण संस्था; भारतीय पादप-संगरोध स्टेशन |
| विधिक माप विज्ञान आयातक पंजीकरण | खुदरा पैकेटों में बिकने वाली पैकेटबंद वस्तुओं के आयातकों के लिए। | कौन जारी करता है विधिक माप विज्ञान प्राधिकरण |
| बीमा प्रमाणपत्र | FOB, FCA, CFR या CPT पर ख़रीदने पर ज़रूरी, क्योंकि रास्ते में माल का बीमा आपको खुद कराना होता है। | कौन जारी करता है बीमा कंपनी |
जो शब्द आप सुनेंगे
- EXW
- एक्स वर्क्स: खरीदार आपके परिसर से माल उठाता है और निर्यात मंज़ूरी व पूरा परिवहन खुद संभालता है। आपका काम सबसे कम, पर निर्यात काग़ज़ों पर आपका नियंत्रण नहीं रहता।
- FCA
- फ़्री कैरियर: आप निर्यात मंज़ूरी कराते हैं और तय जगह पर खरीदार के वाहक को माल सौंपते हैं। किसी भी परिवहन, कंटेनर समेत, के लिए ठीक।
- CPT
- कैरिज पेड टू: आप तय गंतव्य तक भाड़ा देते हैं, पर पहले वाहक को माल सौंपते ही जोखिम खरीदार का हो जाता है।
- CIP
- कैरिज एंड इंश्योरेंस पेड टू: CPT जैसा, साथ में माल का बीमा भी आप कराते हैं। Incoterms 2020 में CIP के लिए CIF से ऊँचे स्तर का बीमा कवर माँगा गया है।
- DAP
- डिलीवर्ड एट प्लेस: आप खरीदार के देश में तय जगह तक माल पहुँचाते हैं, उतारने के लिए तैयार। आयात शुल्क खरीदार देता है।
- DPU
- डिलीवर्ड एट प्लेस अनलोडेड: DAP जैसा, पर तय जगह पर माल उतारना भी आपकी ज़िम्मेदारी है। इसने पुराने DAT की जगह ली है।
- DDP
- डिलीवर्ड ड्यूटी पेड: आप माल पहुँचाते हैं और खरीदार के देश का आयात शुल्क व कर भी देते हैं। आपका काम और जोखिम सबसे ज़्यादा; खरीदार देश के कस्टम्स नियम न जानते हों तो इससे बचें।
- FAS
- फ़्री अलॉन्गसाइड शिप (केवल समुद्री): आप निर्यात मंज़ूरी के साथ तय बंदरगाह पर जहाज़ के पास माल रखते हैं।
- FOB
- फ़्री ऑन बोर्ड (केवल समुद्री): आप निर्यात मंज़ूरी कराकर तय भारतीय बंदरगाह पर खरीदार के जहाज़ पर माल लदवाते हैं; समुद्री भाड़ा और बीमा खरीदार देता है।
- CFR
- कॉस्ट एंड फ़्रेट (केवल समुद्री): आप गंतव्य बंदरगाह तक समुद्री भाड़ा देते हैं, पर भारत में जहाज़ पर माल चढ़ते ही जोखिम खरीदार का हो जाता है।
- CIF
- कॉस्ट, इंश्योरेंस एंड फ़्रेट (केवल समुद्री): CFR जैसा, साथ में खरीदार के लिए न्यूनतम बीमा भी आप कराते हैं।
- Advance payment
- खरीदार शिपमेंट से पहले भुगतान करता है। आपके लिए सबसे सुरक्षित; पहले ऑर्डर और छोटे खरीदारों में आम। अग्रिम आपके अधिकृत डीलर बैंक के ज़रिए आना चाहिए।
- Letter of Credit (LC)
- खरीदार का बैंक वादा करता है कि LC से बिल्कुल मेल खाते दस्तावेज़ देने पर भुगतान करेगा। दस्तावेज़ सही हों और जारी करने वाला बैंक मज़बूत हो तो सुरक्षित।
- Documents against Payment (D/P)
- आपका बैंक शिपिंग दस्तावेज़ खरीदार के बैंक को भेजता है, जो भुगतान मिलने पर ही उन्हें खरीदार को देता है। खरीदार मना करे तो आपका माल विदेश में अटक जाता है।
- Documents against Acceptance (D/A)
- खरीदार भविष्य की तारीख पर भुगतान का वादा (स्वीकृति) करके दस्तावेज़ ले लेता है। बैंक के रास्तों में सबसे जोखिम भरा; ECGC कवर लें।
इन गलतियों से बचें
- BIS QCO सूची जाँचे बिना ऑर्डर देना: BIS चिह्न के बिना माल बंदरगाह पर रोका या वापस भेजा जा सकता है।
- बिल ऑफ़ एंट्री देर से दाखिल करना: विलंब शुल्क लगता है, और बंदरगाह पर डेमरेज व भंडारण शुल्क बढ़ते जाते हैं।
- कम शेल्फ़-लाइफ़ वाला खाद्य आयात करना: 60% (या तीन महीने, जो कम हो) से कम पर मंज़ूरी नहीं मिलेगी।
- कम शुल्क के लिए गलत टैरिफ़ वर्गीकरण: कस्टम्स दोबारा आकलन कर ब्याज और जुर्माने सहित शुल्क माँग सकता है।
- बिल ऑफ़ एंट्री पर GSTIN न देना: आयात पर दिए IGST का इनपुट क्रेडिट मिलना मुश्किल हो सकता है।
- लेबल पर आयातक का नाम-पता और MRP के बिना आयातित खुदरा पैकेट बेचना।
- बिना जाँच के नए विदेशी आपूर्तिकर्ता को बड़ा अग्रिम देना; माल न आने पर भी वह अग्रिम वापस लाना ज़रूरी है।
- एडवांस ऑथराइज़ेशन या EPCG के तहत आयातित माल स्थानीय बाज़ार में बेचना: ये 'वास्तविक उपयोगकर्ता' शर्त के तहत हैं।
स्रोत (21)
- Handbook of Procedures 2023, Chapter 2 (version 07/2026), DGFT · 2026
- HBP 2023 Appendix 2K: Scale of application fee (DGFT) · 2023
- Foreign Trade Policy 2023, Chapter 2 (revised, v1.2.2), DGFT · 2023
- BIS: Products under compulsory certification · 2026
- BIS: Guidance document on Quality Control Orders (QCOs) · 2021
- Directorate of Plant Protection, Quarantine & Storage: Import & Export Procedure · 2026
- Food Safety and Standards (Import) Regulations, 2017 (consolidated Version V, 01.06.2022; FAOLEX copy) · 2022
- FSSAI: FAQs on food import clearance (FICS)
- ICEGATE (CBIC): Registration services page · 2026
- Bengaluru Air Customs Public Notice 12/2021: Changes in Section 46 of the Customs Act (advance filing of bill of entry), communicating CBIC Circular 08/2021-Customs · 2021
- Section 110, Finance Act 2018: Social Welfare Surcharge on imported goods (reproduced on taxheal.com) · 2018
- DHL India: Import duty in India (secondary source, worked example of the IGST base)
- ClearTax: GST compensation cess (secondary source) · 2025
- taxo.online (1 Jan 2026): GST compensation cess on tobacco to end on 1 Feb 2026 (news report) · 2026
- Gazette of India G.S.R. 418(E), 29 May 2026: Legal Metrology (Packaged Commodities) Third Amendment Rules, 2026 (copy hosted on taxheal.com) · 2026
- CBEC Circular 33/2017-Customs (1 Aug 2017): IGST on high sea sales of imported goods (reproduced on taxheal.com) · 2017
- CHEMEXCIL circular: CBIC FAQs on Manufacture and Other Operations in Warehouse Regulations (MOOWR), 2019 · 2020
- RBI: Foreign Exchange Management (Export and Import of Goods and Services) Regulations, 2026 (Notification FEMA 23(R)/2026-RB, 13 Jan 2026, as amended by FEMA 23(R)/(1)/2026-RB, 22 Sep 2026) · 2026
- FTP 2023 Chapter 4: Duty Exemption / Remission Schemes (DGFT) · 2023
- FTP 2023 Chapter 5: EPCG Scheme (DGFT) · 2023
- International Chamber of Commerce: Incoterms 2020 · 2020