कहानी
छत्तीसगढ़ में जंगल के पेड़ों पर पाले गए कोकून से बने टसर रेशम को 'कोसा' कहते हैं। चांपा के बुनकर परिवार इस धागे से सुनहरे-भूरे रंग की खुरदरी बनावट वाली साड़ियाँ और कपड़ा बुनते हैं, जो पूरे देश में बिकता है। 'चांपा सिल्क साड़ी एवं कपड़ा' पंजीकृत GI है, और MSME-DI प्रोफ़ाइल में चांपा कोसा शिल्प क्लस्टर दर्ज है।
आँकड़ों में
'चांपा सिल्क साड़ी एवं कपड़ा' 2010-11 में आवेदन संख्या 172 के तहत GI के रूप में पंजीकृत हुआ।
Registration Details of Geographical Indications (GI Registry, IP India) · 2026MSME-DI जांजगीर-चांपा प्रोफ़ाइल में ज़िले का एक क्लस्टर दर्ज है: कोसा शिल्प के लिए चांपा हस्तशिल्प क्लस्टर।
Brief Industrial Profile of Janjgir-Champa District (MSME-DI, Ministry of MSME) · 2016
GI टैग
- Champa Silk Saree and Fabricsआवेदन संख्या GI Application No. 172Registration Details of Geographical Indications (GI Registry, IP India)
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- कोकून ख़रीद और कोसा धागे की रीलिंग
- GI कोसा साड़ियों की ऑनलाइन बिक्री
- प्राकृतिक रंग और डिज़ाइन सेवाएँ
- कोसा स्टोल और होम-फ़र्निशिंग
क्लस्टर की मुश्किलें
- जंगलों से कोकून की अनियमित आपूर्ति
- नक़ली 'कोसा' कपड़ा
- बुनकरों का कम मुनाफ़ा
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
हथकरघा और हस्तशिल्प की दुकान →शॉल, स्टोल, स्कार्फ़ और रैप →क्षेत्रीय ख़ास उत्पादों का ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस →
