कहानी
बनारस की ब्रोकेड बुनाई भारत की सबसे प्रसिद्ध हथकरघा परंपराओं में से एक है, जिसमें हथकरघे पर रेशम में सोने और चाँदी की ज़री बुनी जाती है। यह शिल्प शहर के बुनकर मोहल्लों और आसपास के गाँवों में केंद्रित है, और ज़्यादातर काम परिवार घर के करघों पर करते हैं। पिछले दशकों में कई बुनकर पावरलूम पर चले गए हैं, जबकि हथकरघा साड़ियाँ इस व्यापार का सबसे महँगा हिस्सा बनी हुई हैं।
आँकड़ों में
₹300 करोड़ का दीनदयाल हस्तकला संकुल, जो वाराणसी के हथकरघा और हस्तशिल्प के लिए व्यापार सुविधा केंद्र और शिल्प संग्रहालय है, 22 सितंबर 2017 को राष्ट्र को समर्पित किया गया।
PIB (Ministry of Textiles): Prime Minister dedicates Deendayal Hastkala Sankul to the Nation · 2017वाराणसी में ₹7.89 करोड़ की कुल परियोजना लागत से दस ब्लॉक-स्तरीय हथकरघा क्लस्टर मंज़ूर हुए, जिनमें 4,129 बुनकर शामिल हैं।
PIB (Ministry of Textiles): Welfare Schemes for Weavers of Varanasi · 2017वाराणसी में प्रशिक्षण, धागा, रँगाई, ताना-बाना और IT सेवाओं के लिए कॉमन सर्विस सेंटर के साथ नौ साझा सुविधा केंद्र बने; 21,000 से अधिक लोगों को लाभ मिला।
PIB (Ministry of Textiles): Welfare Schemes for Weavers of Varanasi · 2017
GI टैग
- Banaras Brocades and Sareesआवेदन संख्या GI Application No. 99; Registration No. 110GI Registry, IP India - Application 99: Banaras Brocades and Sarees
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- बुनकरों के लिए डिज़ाइन और जैक्वार्ड कार्ड या डिजिटल डिज़ाइन सेवा
- GI प्रमाण के साथ ऑनलाइन और सीधे ग्राहक को साड़ी बिक्री
- बुनकरों को धागा, ज़री और रँगाई की सप्लाई
- जॉब-वर्क पर साड़ी फ़िनिशिंग, पॉलिश और पैकिंग
क्लस्टर की मुश्किलें
- दूसरी जगहों की सस्ती पावरलूम और नक़ली 'बनारसी' साड़ियाँ
- कम कमाई से हथकरघा बुनकर काम छोड़ रहे हैं
- रेशमी धागे और ज़री की बढ़ती क़ीमतें
- ऑर्डर और उधार के लिए बुनकरों की बड़े व्यापारियों पर निर्भरता
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
बनारसी रेशमी साड़ी बुनाई →ज़री और सिल्क कढ़ाई →साड़ी रंगाई और छपाई →साड़ी रोलिंग और पॉलिशिंग →हथकरघा और हस्तशिल्प की दुकान →
स्रोत (5)
- PIB (Ministry of Textiles): Prime Minister dedicates Deendayal Hastkala Sankul to the Nation
- PIB (Ministry of Textiles): Welfare Schemes for Weavers of Varanasi
- ODOP Uttar Pradesh: List of Common Facility Centres
- MSME-DI: State Profile of Uttar Pradesh 2015-16 (clusters in U.P.)
- GI Registry, IP India: Registration Details of Geographical Indications
