§1कितना बड़ा है
भारत की जैव-अर्थव्यवस्था USD 10 बिलियन (2014) से बढ़कर USD 165.7 बिलियन (2024) हुई, GDP का लगभग 4.25%; 2030 तक USD 300 बिलियन का लक्ष्य
PIB backgrounder (DBT): India - A Global Bioeconomy Powerhouse (5 Sep 2025)2024 में उप-क्षेत्र: BioIndustrial USD 78.2 bn (47%), BioPharma USD 58.4 bn (35%), BioResearch/BioIT USD 15.6 bn (9%), BioAgri USD 13.5 bn (8%)
PIB backgrounder (DBT): India - A Global Bioeconomy Powerhouse (5 Sep 2025)2025 में 20% इथेनॉल मिश्रण हासिल, लक्ष्य से पाँच साल पहले
PIB backgrounder (DBT): India - A Global Bioeconomy Powerhouse (5 Sep 2025)BioE3 Policy (Biotechnology for Economy, Environment and Employment - अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोज़गार के लिए जैव प्रौद्योगिकी) Aug 2024 में शुरू; National Biofoundry Network Aug 2025 में शुरू
PIB backgrounder (DBT): India - A Global Bioeconomy Powerhouse (5 Sep 2025)
§2शुरू करने के रास्ते
- जैव-खाद / जैव-कीटनाशक इकाई
- कॉन्ट्रैक्ट रिसर्च या जाँच लैब
- जाँच किट असेंबली (CDSCO लाइसेंस)
- एंज़ाइम या प्रोबायोटिक मिलाना
- BIRAC BIG अनुदान से बायोइन्फ़ॉर्मेटिक्स / डेटा सेवा स्टार्टअप
§3हब और क्लस्टर
§4लाइसेंस और पंजीकरण
- बायोलॉजिक्स और जाँच किट के लिए CDSCO / राज्य दवा लाइसेंस
- GMO पर काम के लिए IBSC संस्थागत जैव-सुरक्षा समिति और RCGM मंज़ूरी
- FCO के तहत जैव-खाद पंजीकरण; CIB&RC में जैव-कीटनाशक पंजीकरण
- अपने R&D के लिए DSIR मान्यता (वैकल्पिक, टैक्स और अनुदान के लिए)
- Udyam Registration (MSME पंजीकरण) - मुफ़्त, ऑनलाइन, PAN + आधार से
- GST registration (तय टर्नओवर सीमा से ऊपर या दूसरे राज्य में बिक्री पर ज़रूरी)
- Shops & Establishments registration या Factory Licence (Factories Act) - काम के ढाँचे के हिसाब से
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से Consent to Establish / Operate - CPCB 2025 की Red/Orange/Green/White/Blue श्रेणी के अनुसार (White को छूट)
- IEC - DGFT से Importer Exporter Code (सिर्फ़ आयात या निर्यात करने पर)
§5नियामक
- जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT)
- CDSCO (दवाएँ, टीके, जाँच किट)
- RCGM / GEAC (जेनेटिकली मॉडिफ़ाइड जीव)
- FSSAI (खाद्य एंज़ाइम, न्यूट्रास्यूटिकल्स)
- Fertiliser Control Order (जैव-खाद) / CIB&RC (जैव-कीटनाशक)
§6सरकारी मदद
- BIRAC योजनाएँ - BIG (Biotechnology Ignition Grant), SBIRI, BIPP
- BioE3 Policy और बायो-मैन्युफ़ैक्चरिंग हब
- दवाओं / बल्क ड्रग्स के लिए PLI (जहाँ लागू हो)
- BIRAC की मदद वाले बायो-इनक्यूबेटर
- सभी क्षेत्रों पर लागू योजनाएँ: Udyam से जुड़े MSME लाभ, PMEGP, CGTMSE कर्ज़ गारंटी, Stand-Up India, Startup India (DPIIT मान्यता), निर्यातकों के लिए RoDTEP / duty drawback और Export Promotion Mission
§7निर्यात के लिए
- Pharmexcil (बायोफ़ार्मा, टीके)
- DGFT
§8फ़ायदे और नुकसान
फ़ायदे
- एक दशक में USD 10 bn से USD 165.7 bn तक तेज़ बढ़त [PIB Bioeconomy 2025]
- स्टार्टअप के लिए अनुदान (BIRAC)
- BioE3 से नीति का ज़ोर
नुकसान
- शोध (R&D) और मंज़ूरी में लंबा समय
- ख़ास कुशल लोग और लैब पर पूँजी चाहिए
- उत्पाद के हिसाब से कई नियामक
- बौद्धिक संपदा (IP) और जैव-सुरक्षा के नियम
