§1किसके लिए

  • MSMEs, पहली बार के निर्यातक, ज़्यादा मज़दूरी वाले क्षेत्र; कुछ हिस्सों के लिए EPCs, लॉजिस्टिक्स देने वाले और राज्य भी

काम की है अगर

IEC + Udyam वाला कोई भी MSME निर्यातक।

समय न लगाएँ अगर

ज़्यादातर वित्तीय हिस्सों के लिए बड़े गैर-MSME निर्यातक।

§2पात्रता

  1. ज़्यादातर हिस्से: मान्य IEC और Udyam Registration वाले MSME निर्यातक

§3लाभ

प्रकाशित नहीं

गाइडलाइन में लाभ की सूची नहीं दी गई है। आवेदन से पहले पोर्टल या बैंक से पूछ लें — हम अंदाज़े से सूची नहीं बनाते।

§4नियम — सहायता का तरीका

  1. कुल ₹25,060 करोड़, FY2025-26 से FY2030-31

§5दस्तावेज़

जो दस्तावेज़ तैयार हो जाए, उस पर निशान लगाते जाएँ।

§6आवेदन कैसे करें

  1. 1

    Niryat Protsahan: dgft.gov.in पर IC भरें → UIN पाएँ → UIN बैंक/फ़ैक्टर को दें → बैंक दावा भरता है

  2. 2

    LIFT/TRACE: सेवा से पहले trade.gov.in पर IC → निर्यात के बाद Reimbursement Claim

  3. 3

    FLOW/INSIGHT/MAS: trade.gov.in पर प्रस्ताव → EPM Division → Sub-Committee → Steering Committee

§7फ़ायदे और नुकसान

फ़ायदे

  • वित्तीय और गैर-वित्तीय निर्यात मदद के लिए एक डिजिटल खिड़की
  • बंद हो चुकी IES और MAI की जगह कई साल का पक्का बजट

नुकसान

  • विस्तृत दिशानिर्देश और positive lists अलग DGFT दस्तावेज़ों में हैं; छोटे निर्यातकों को उन पर नज़र रखनी पड़ती है
  • शुरुआती रफ़्तार: Jan 2026 से ब्याज छूट के लिए ~3,000 और गिरवी मदद के लिए ~60 निर्यातक पंजीकृत (PIB)

→मिलती-जुलती योजनाएँ

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पात्रता जाँच, DPR और आवेदन फ़ाइल — WhatsApp पर पूछें।

हमारा हितमदद हमारी पेड सेवा है। योजना में आवेदन आप ख़ुद भी कर सकते हैं।

स्रोत

  1. PIB backgrounder: Export Promotion Mission — Integrated Pathway for MSMEs (24 Feb 2026)

18 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया। केवल जानकारी के लिए — विभाग या बैंक से पक्का करें। कोई गलती दिखी? बताएँ.