§1शुरू करने के रास्ते

  • सुरक्षा गार्ड एजेंसी (PSARA)
  • फ़ैक्टरियों और दफ़्तरों के लिए हाउसकीपिंग और फ़ैसिलिटी मैनेजमेंट
  • मशीन या गाड़ी किराये पर देना (JCB, मचान, जनरेटर)
  • MSME के लिए स्टाफ़िंग और वेतन (पेरोल) आउटसोर्सिंग

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§2हब और क्लस्टर

  • औद्योगिक और दफ़्तरी केंद्र (NCR, मुंबई-पुणे, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, अहमदाबाद) - कोई सरकारी केंद्र सूची इस्तेमाल नहीं की गई

§3लाइसेंस और पंजीकरण

  1. निजी सुरक्षा एजेंसियों के लिए राज्य से PSARA लाइसेंस
  2. स्टाफ़िंग और फ़ैसिलिटी ठेकों के लिए ठेका मज़दूर लाइसेंस / OSH Code पंजीकरण
  3. कर्मचारियों के लिए EPF और ESIC पंजीकरण
  4. Shops & Establishment पंजीकरण; प्रोफ़ेशनल टैक्स (राज्य)
  5. सरकारी कर्मचारी और FM ठेकों पर बोली लगाने के लिए GeM विक्रेता पंजीकरण
  6. Udyam पंजीकरण (MSME) - मुफ़्त, ऑनलाइन, PAN + Aadhaar के आधार पर
  7. GST पंजीकरण (टर्नओवर सीमा से ऊपर, या दूसरे राज्य में बिक्री या ई-कॉमर्स पर बिक्री करने पर ज़रूरी)
  8. आकार और बिजली की खपत के अनुसार Shops & Establishment पंजीकरण या फ़ैक्टरी लाइसेंस (Factories Act / राज्य नियम)
  9. राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से स्थापना की सहमति (Consent to Establish) और संचालन की सहमति (Consent to Operate) - श्रेणी (लाल/नारंगी/हरी/सफ़ेद) CPCB 2025 की एकीकृत सूची के अनुसार; सफ़ेद श्रेणी को सहमति से छूट है
  10. आयात या निर्यात करने पर DGFT से IEC (Importer Exporter Code)

§4नियामक

  • श्रम और रोज़गार मंत्रालय (Labour Codes, EPFO, ESIC)
  • Private Security Agencies (Regulation) Act 2005 के तहत राज्य नियंत्रक प्राधिकरण
  • DoT (कॉल सेंटर के दूरसंचार संसाधन)

§5सरकारी मदद

  • Government e-Marketplace (GeM) पर कर्मचारी, सुरक्षा और FM सेवाओं की सरकारी ख़रीद - इस बार स्थिति नहीं जाँची गई
  • दूसरी योजनाएँ जो यहाँ भी लागू होती हैं (पूरा ब्योरा योजनाओं वाले खंड में): Udyam के लाभ, PMEGP, PM Mudra Yojana, CGTMSE ऋण गारंटी, Stand-Up India, MSE-CDP (क्लस्टर विकास), RAMP, MSME ZED और Lean प्रमाणन, MSME Champions, TReDS, Startup India (SISFS सीड फ़ंड, Fund of Funds, CGSS), RoDTEP, EPCG, Advance Authorisation, Districts as Export Hubs, ODOP (एक ज़िला एक उत्पाद)

सारी योजनाएँ

§6फ़ायदे और नुकसान

फ़ायदे

  • हर महीने चलने वाले ठेके; कम स्थायी पूँजी
  • सरकार ये सेवाएँ GeM से ख़रीदती है

नुकसान

  • कम मार्जिन; ग्राहक देर से भुगतान करें तब भी PF/ESI जैसे क़ानूनी भुगतान करने पड़ते हैं
  • श्रम नियमों का बोझ और कर्मचारियों का छोड़कर जाना

स्रोत