§1कितना बड़ा है
जून 2025 में भारत की स्थापित बिजली क्षमता 476 GW पहुँची: 240 GW थर्मल (50.52%; कोयला 219 GW, गैस 20 GW), 110.9 GW सौर, 51.3 GW पवन; गैर-जीवाश्म 235.7 GW (49%), जिसमें 8.8 GW परमाणु शामिल
PIB backgrounder: India's Energy Landscape - Powering Growth with Sustainable Energy (22 Jun 2025)बिजली उत्पादन 2015-16 में 1,168 BU से बढ़कर 2024-25 में अनुमानित 1,824 BU हुआ; बिजली की कमी 4.2% (2013-14) से घटकर 0.1% (2024-25) रह गई
PIB backgrounder: India's Energy Landscape - Powering Growth with Sustainable Energy (22 Jun 2025)प्रति व्यक्ति बिजली खपत 45.8% बढ़कर 2013-14 के 957 kWh से 2023-24 में 1,395 kWh हुई
PIB backgrounder: India's Energy Landscape - Powering Growth with Sustainable Energy (22 Jun 2025)कोयला उत्पादन 2014-15 में 609.18 MT से बढ़कर 2024-25 में 1,047.68 MT हुआ
PIB backgrounder: India's Energy Landscape - Powering Growth with Sustainable Energy (22 Jun 2025)पनबिजली क्षमता 35.8 GW से बढ़कर 48 GW हुई (FY2014 से FY2025), FY2030 तक 55 GW का लक्ष्य; 2025 में 25 NPCIL रिएक्टरों में परमाणु क्षमता 8,780 MW
PIB backgrounder: India's Energy Landscape - Powering Growth with Sustainable Energy (22 Jun 2025)शहरी गैस वितरण 53 से बढ़कर 307 भौगोलिक क्षेत्रों तक पहुँचा; PNG कनेक्शन 0.254 करोड़ (2014) से बढ़कर 1.47 करोड़ (2025) हुए
PIB backgrounder: India's Energy Landscape - Powering Growth with Sustainable Energy (22 Jun 2025)
§2शुरू करने के रास्ते
- DISCOM टेंडरों के लिए बिजली ठेके का काम (HT/LT लाइन, सबस्टेशन)
- सबस्टेशन और कैप्टिव संयंत्रों के लिए O&M (संचालन और रखरखाव) सेवा
- थर्मल संयंत्रों और बॉयलरों को बायोमास ब्रिकेट/पेलेट देने वाला संयंत्र
- कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) संयंत्र - मार्च 2025 तक 150 परियोजनाएँ / 1,211 TPD [PIB Jun 2025]
- स्मार्ट मीटर लगाने और मीटर रीडिंग का उप-ठेका
§3हब और क्लस्टर
- कोयला क्षेत्र: झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश (सिंगरौली) - जाने-माने थर्मल और कोयला केंद्र
- पनबिजली: हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, सिक्किम, अरुणाचल - जाने-माने केंद्र
§4लाइसेंस और पंजीकरण
- राज्य लाइसेंसिंग बोर्ड से बिजली ठेकेदार लाइसेंस (वायरिंग/लाइन के काम के लिए)
- Electricity Act 2003 के तहत उत्पादन, ट्रांसमिशन या वितरण लाइसेंस - उत्पादन के लिए लाइसेंस ज़रूरी नहीं (तय आकार से बड़ी पनबिजली को छोड़कर); वितरण के लिए SERC का लाइसेंस चाहिए
- CEA के सुरक्षा नियमों का पालन और HT लगाने के लिए मुख्य विद्युत निरीक्षक की मंज़ूरी
- तय सीमा से बड़े थर्मल संयंत्रों के लिए पर्यावरण मंज़ूरी (EIA Notification 2006)
- शहरी गैस वितरण क्षेत्रों के लिए PNGRB की अनुमति
- Udyam पंजीकरण (MSME) - मुफ़्त, ऑनलाइन, PAN + Aadhaar के आधार पर
- GST पंजीकरण (टर्नओवर सीमा से ऊपर, या दूसरे राज्य में बिक्री या ई-कॉमर्स पर बिक्री करने पर ज़रूरी)
- आकार और बिजली की खपत के अनुसार Shops & Establishment पंजीकरण या फ़ैक्टरी लाइसेंस (Factories Act / राज्य नियम)
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से स्थापना की सहमति (Consent to Establish) और संचालन की सहमति (Consent to Operate) - श्रेणी (लाल/नारंगी/हरी/सफ़ेद) CPCB 2025 की एकीकृत सूची के अनुसार; सफ़ेद श्रेणी को सहमति से छूट है
- आयात या निर्यात करने पर DGFT से IEC (Importer Exporter Code)
§5नियामक
- बिजली मंत्रालय (Ministry of Power); केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA)
- CERC (केंद्र) और राज्य विद्युत नियामक आयोग (दरें, लाइसेंस)
- कोयला मंत्रालय; पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय; PNGRB (शहरी गैस)
- राज्य DISCOM और मुख्य विद्युत निरीक्षक (बिजली सुरक्षा)
- MoEFCC / SPCB (पर्यावरण मंज़ूरी और सहमति)
§6सरकारी मदद
- National Bioenergy Programme (2021-26, बजट ₹1,715 करोड़): कचरे से ऊर्जा, बायोमास ब्रिकेट/पेलेट और बायोगैस संयंत्र [PIB Jun 2025]
- पनबिजली: पूर्वोत्तर की परियोजनाओं के लिए ISTS शुल्क में छूट और इक्विटी सहायता [PIB Jun 2025]
- RDSS (Revamped Distribution Sector Scheme) - DISCOM के स्मार्ट मीटर और बिजली नुक़सान घटाने वाले काम के टेंडर (इस बार स्थिति नहीं जाँची गई)
- दूसरी योजनाएँ जो यहाँ भी लागू होती हैं (पूरा ब्योरा योजनाओं वाले खंड में): Udyam के लाभ, PMEGP, PM Mudra Yojana, CGTMSE ऋण गारंटी, Stand-Up India, MSE-CDP (क्लस्टर विकास), RAMP, MSME ZED और Lean प्रमाणन, MSME Champions, TReDS, Startup India (SISFS सीड फ़ंड, Fund of Funds, CGSS), RoDTEP, EPCG, Advance Authorisation, Districts as Export Hubs, ODOP (एक ज़िला एक उत्पाद)
§7फ़ायदे और नुकसान
फ़ायदे
- माँग लगातार बढ़ रही है (दस साल में उत्पादन 1,168 BU से बढ़कर 1,824 BU) [PIB Jun 2025]
- लाइन, सबस्टेशन और मीटर के कामों के सरकारी टेंडर लगातार आते रहते हैं
नुकसान
- उत्पादन और वितरण में बहुत पूँजी लगती है और इन पर PSU और बड़े समूहों का दबदबा है
- DISCOM देर से भुगतान करते हैं, जिससे ठेकेदारों को नुक़सान होता है
- सुरक्षा और पर्यावरण के नियमों का भारी पालन
