§1कितना बड़ा है
भारतीय रेल ने FY 2025-26 में 1,674 इंजन और 6,677 LHB डिब्बे बनाए
PIB (Ministry of Railways): Record freight, passenger services and self reliance in FY 2025-26FY 2025-26 में माल लदान 1,670 मिलियन टन पहुँचा
PIB (Ministry of Railways): Record freight, passenger services and self reliance in FY 2025-26FY 2024-25 में रिकॉर्ड 1,681 इंजन बने: चित्तरंजन 700, बनारस 477, पटियाला 304, और मधेपुरा व मढ़ौरा में 100-100
PIB (Ministry of Railways): India produces 1,681 locomotives in FY 2024-25Jan 2025 से Nov 2025 तक वैगन उत्पादन 33,703 रहा
PIB: Ministry of Railways Year End Review 2025मढ़ौरा डीज़ल इंजन फ़ैक्टरी (Wabtec के साथ PPP) को गिनी के लिए 150 इंजनों के 400 मिलियन USD के निर्यात ऑर्डर मिले हैं; लगभग 65% पुर्ज़े भारत से ही लिए जाते हैं
PIB: Ministry of Railways Year End Review 2025ब्रॉड गेज नेटवर्क का 99.2% बिजलीकरण हो चुका है
PIB: Ministry of Railways Year End Review 2025
§2शुरू करने के रास्ते
- डिब्बा और वैगन निर्माताओं के लिए मशीन किए पुर्ज़े, नट-बोल्ट और रबर पुर्ज़े
- डिब्बे के अंदर का सामान: सीटें, बर्थ, पैनल, LED लाइटें
- बिजली और सिग्नल के केबल हार्नेस
- पटरी रखरखाव और स्टेशन के कामों के उप-ठेके
- ट्रेन और स्टेशन पर खानपान / हाउसकीपिंग के ठेके
§3हब और क्लस्टर
- चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स (पश्चिम बंगाल) (PIB 2117830)
- बनारस लोकोमोटिव वर्क्स, वाराणसी (उत्तर प्रदेश) (PIB 2117830)
- पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स (पंजाब) (PIB 2117830)
- मधेपुरा बिजली इंजन फ़ैक्टरी और मढ़ौरा डीज़ल इंजन फ़ैक्टरी (बिहार) (PIB 2117830; Year End Review 2025)
- ICF चेन्नई (तमिलनाडु) - डिब्बों का उत्पादन (Year End Review 2025)
- दाहोद बिजली मालगाड़ी इंजन सुविधा (गुजरात) (Year End Review 2025)
§4लाइसेंस और पंजीकरण
- सूचीबद्ध सुरक्षा / ज़रूरी सामान के लिए RDSO वेंडर मंज़ूरी
- IREPS (भारतीय रेल ई-ख़रीद) पर और ख़रीदने वाली उत्पादन इकाई / ज़ोन में वेंडर पंजीकरण
- आम सामान के लिए GeM विक्रेता पंजीकरण
- टेंडर में माँगे जाने पर ISO 9001 / IRIS गुणवत्ता प्रमाणन
- Udyam पंजीकरण (MSME) - मुफ़्त, ऑनलाइन, PAN + Aadhaar के आधार पर
- GST पंजीकरण (टर्नओवर सीमा से ऊपर या दूसरे राज्य में बिक्री करने पर ज़रूरी)
- काम के ढाँचे के अनुसार Shops & Establishments पंजीकरण या फ़ैक्टरी लाइसेंस (Factories Act)
- CPCB 2025 की लाल/नारंगी/हरी/सफ़ेद/नीली श्रेणी के अनुसार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से स्थापना / संचालन की सहमति (सफ़ेद श्रेणी को छूट)
- IEC - DGFT से Importer Exporter Code (केवल आयात या निर्यात करने पर)
§5नियामक
- रेल मंत्रालय / रेलवे बोर्ड
- RDSO (Research Designs and Standards Organisation) - सुरक्षा वाले सामान के विनिर्देश और वेंडर मंज़ूरी
- रेल सुरक्षा आयोग
- उत्पादन इकाइयाँ और ज़ोनल रेलवे - उनका अपना वेंडर पंजीकरण
§6सरकारी मदद
- Public Procurement (Preference to Make in India) Order 2017 - रेलवे टेंडरों में स्थानीय सामग्री को प्राथमिकता
- PPP निर्माण (मधेपुरा, मढ़ौरा) और Gati Shakti कार्गो टर्मिनल (रेल मंत्रालय)
- MSME ख़रीद नीति - केंद्रीय PSU और विभागों के लिए हर साल 25% ख़रीद MSE से करने का लक्ष्य
- दूसरी योजनाएँ: Udyam से जुड़े MSME लाभ, PMEGP, CGTMSE ऋण गारंटी, Stand-Up India, Startup India (DPIIT मान्यता), निर्यातकों के लिए RoDTEP / ड्यूटी ड्रॉबैक और Export Promotion Mission
§7निर्यात के लिए
- EEPC India (रेलवे उपकरण)
- RITES Ltd (रेल मंत्रालय का PSU) - रोलिंग स्टॉक निर्यात और कंसल्टेंसी
- DGFT
§8फ़ायदे और नुकसान
फ़ायदे
- बहुत बड़ा और स्थिर ख़रीदार: FY 2025-26 में 1,674 इंजन और 6,677 LHB डिब्बे बने [PIB 2248962]
- Jan से Nov 2025 तक 33,703 वैगन बने - पुर्ज़ों की बड़ी माँग [PIB YER 2025]
- निर्यात ऑर्डर शुरू हो गए हैं (गिनी को 150 इंजनों के लिए 400 मिलियन USD) [PIB YER 2025]
नुकसान
- सुरक्षा वाले सामान के लिए RDSO वेंडर मंज़ूरी धीमी और सख़्त है
- लगभग सारी माँग एक ही ख़रीदार से टेंडर के ज़रिए - दाम का दबाव और भुगतान में समय
- सबसे कम बोली वाले टेंडर से छोटे वेंडरों का मार्जिन कम रह जाता है
- उत्पादन सरकारी उत्पादन इकाइयों में सिमटा है
