§1कितना बड़ा है
भारत के आयात-निर्यात (EXIM) व्यापार का मात्रा में 95% और मूल्य में 65% समुद्री परिवहन से होता है
PIB backgrounder: Setting Sail - India's Shipbuilding Revival (14 Oct 2025)नवंबर 2024 तक भारत के पास 1,552 भारतीय झंडे वाले जहाज़ों का बेड़ा है, कुल 13.65 मिलियन Gross Tonnage (GT)
PIB backgrounder: Setting Sail - India's Shipbuilding Revival (14 Oct 2025)सितंबर 2025 में ₹69,725 करोड़ की जहाज़ निर्माण और समुद्री सुधार योजनाएँ घोषित हुईं
PIB backgrounder: Setting Sail - India's Shipbuilding Revival (14 Oct 2025)जहाज़ निर्माण में हर निवेश से नौकरियाँ 6.4 गुना बढ़ती हैं और पूँजी 1.8 गुना लौटती है
PIB backgrounder: Setting Sail - India's Shipbuilding Revival (14 Oct 2025)राष्ट्रीय लक्ष्य: 2047 तक भारत को दुनिया के शीर्ष पाँच जहाज़ निर्माता देशों में लाना
PIB backgrounder: Setting Sail - India's Shipbuilding Revival (14 Oct 2025)
§2शुरू करने के रास्ते
- शिपयार्ड के लिए स्टील फ़ैब्रिकेशन, ब्लास्टिंग और पेंटिंग के उप-ठेके
- समुद्री बिजली, HVAC और आउटफ़िटिंग सेवाएँ
- मछली पकड़ने, पर्यटन और अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए FRP नाव निर्माण
- शिप चैंडलिंग (जहाज़ों को रसद सप्लाई) और बंदरगाह के पास लॉजिस्टिक्स (बंदरगाह लाइसेंस चाहिए)
- क्रू मैनिंग एजेंसी (DG Shipping RPS लाइसेंस चाहिए)
§3हब और क्लस्टर
- मुंबई - Mazagon Dock Shipbuilders Ltd (PIB backgrounder Oct 2025)
- कोलकाता - Garden Reach Shipbuilders & Engineers Ltd (PIB backgrounder Oct 2025)
- विशाखापत्तनम - Hindustan Shipyard Ltd (PIB backgrounder Oct 2025)
- कोच्चि - Cochin Shipyard; ₹3,700 करोड़ की प्रस्तावित फ़ैब्रिकेशन सुविधा (PIB backgrounder Oct 2025)
- तमिलनाडु - Cochin Shipyard और Mazagon Dock के प्रस्तावित जहाज़ निर्माण परिसर, जिनमें दस लाख (one million) GT सालाना क्षमता वाली ₹15,000 करोड़ की सुविधा शामिल (PIB backgrounder Oct 2025)
§4लाइसेंस और पंजीकरण
- लागू होने पर DG Shipping पंजीकरण / मंज़ूरी (शिपयार्ड, जहाज़ मरम्मत इकाई, क्रू एजेंसियों के लिए recruitment and placement service लाइसेंस)
- Merchant Shipping Act, 2025 के तहत जहाज़ पंजीकरण
- स्टीवडोरिंग, माल चढ़ाने-उतारने या बंदरगाह सेवाओं के लिए बंदरगाह प्राधिकरण का लाइसेंस
- जहाज़ के डिज़ाइन और निर्माण के लिए क्लासिफ़िकेशन सोसाइटी की मंज़ूरी
- कस्टम क्लियरेंस के काम के लिए कस्टम ब्रोकर लाइसेंस (CBIC)
- Udyam पंजीकरण (MSME) - मुफ़्त, ऑनलाइन, PAN + Aadhaar के आधार पर
- GST पंजीकरण (टर्नओवर सीमा से ऊपर या दूसरे राज्य में बिक्री करने पर ज़रूरी)
- काम के ढाँचे के अनुसार Shops & Establishments पंजीकरण या फ़ैक्टरी लाइसेंस (Factories Act)
- CPCB 2025 की लाल/नारंगी/हरी/सफ़ेद/नीली श्रेणी के अनुसार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से स्थापना / संचालन की सहमति (सफ़ेद श्रेणी को छूट)
- IEC - DGFT से Importer Exporter Code (केवल आयात या निर्यात करने पर)
§5नियामक
- बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय
- Directorate General of Shipping (DG Shipping) - जहाज़ पंजीकरण, सर्वे, नाविक प्रमाणन
- Indian Register of Shipping और दूसरी क्लासिफ़िकेशन सोसाइटी - जहाज़ की श्रेणी
- बड़े बंदरगाह प्राधिकरण; छोटे बंदरगाहों के लिए राज्य समुद्री बोर्ड
- भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) - राष्ट्रीय जलमार्ग
§6सरकारी मदद
- Shipbuilding Financial Assistance Scheme - ₹24,736 करोड़: ₹100 करोड़ से कम के जहाज़ों पर 15% सहायता, ₹100 करोड़ से ऊपर 20%, ग्रीन / हाइब्रिड / ख़ास जहाज़ों पर 25%; कम से कम 30% घरेलू मूल्यवर्धन; जहाज़ तोड़ने पर स्क्रैप मूल्य के 40% का क्रेडिट नोट; मार्च 2036 तक मान्य [PIB Oct 2025]
- Maritime Development Fund - ₹25,000 करोड़ (₹20,000 करोड़ Maritime Investment Fund; ₹5,000 करोड़ Interest Incentivization Fund, जिसमें भारतीय शिपयार्ड के कर्ज़ पर 3% तक ब्याज प्रोत्साहन) [PIB Oct 2025]
- Shipbuilding Development Scheme - नए और मौजूदा जहाज़ निर्माण क्लस्टरों, जोखिम कवर और क्षमता विकास के लिए ₹19,989 करोड़, मार्च 2036 तक [PIB Oct 2025]
- बड़े जहाज़ों को बुनियादी ढाँचे का दर्जा (19 Sep 2025); भारतीय शिपयार्ड को Right of First Refusal; Make in India Order 2017 के तहत ₹200 करोड़ से कम के जहाज़ भारतीय यार्ड से ख़रीदे जाएँगे [PIB Oct 2025]
- Sagarmala कार्यक्रम; Green Tug Transition Programme; Harit Nauka दिशानिर्देश [PIB Oct 2025]
- दूसरी योजनाएँ: Udyam से जुड़े MSME लाभ, PMEGP, CGTMSE ऋण गारंटी, Stand-Up India, Startup India (DPIIT मान्यता), निर्यातकों के लिए RoDTEP / ड्यूटी ड्रॉबैक और Export Promotion Mission
§7निर्यात के लिए
- EEPC India (जहाज़, नावें और समुद्री इंजीनियरिंग सामान)
- DGFT
§8फ़ायदे और नुकसान
फ़ायदे
- बड़ी और लंबी अवधि की सहायता: मार्च 2036 तक मान्य ₹69,725 करोड़ का पैकेज [PIB Oct 2025]
- हर जहाज़ पर 15-25% सहायता और भारतीय यार्ड को ख़रीद में प्राथमिकता [PIB Oct 2025]
- नए जहाज़ निर्माण क्लस्टरों का मक़सद MSME को सप्लाई चेन में जोड़ना है [PIB Oct 2025]
नुकसान
- शिपयार्ड में बहुत पूँजी लगती है और निर्माण में लंबा समय लगता है
- प्रोत्साहन के लिए कम से कम 30% घरेलू मूल्यवर्धन चाहिए [PIB Oct 2025]
- दुनिया के जहाज़ निर्माण पर बड़े विदेशी यार्डों का दबदबा है; छोटी फ़र्में केवल उप-ठेकेदार के रूप में आ पाती हैं
- ज़्यादातर सहायता यार्डों और क्लस्टरों को जाती है, छोटे सप्लायरों को सीधे नहीं
