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खंड 36

अरोकियास्वामी वेलुमणि

Thyrocare Technologies · कोयंबटूर के पास एक गाँव, तमिलनाडु

शुरुआतभूमिहीन किसान के बेटे; परिवार दो भैंसों के दूध से मिलने वाले ₹50 हफ़्ते पर चलता था
आजथायरोकेयर, ₹2 लाख से खड़ी जाँच (डायग्नॉस्टिक) कंपनी, जिसका 2016 में सूचीबद्ध होने पर मूल्य लगभग ₹3,300 करोड़ था
₹2 लाख
थायरोकेयर की शुरुआती पूँजी
लगभग ₹3,300 करोड़
कंपनी का मूल्य · 2016

कहानी

ए वेलुमणि का जन्म 1959 में कोयंबटूर से 26 किलोमीटर दूर एक गाँव में एक भूमिहीन किसान के घर हुआ। पिता परिवार नहीं चला पाए, तो माँ ने दो भैंसें खरीदीं। उनके दूध से हर हफ़्ते मिलने वाले ₹50 से लगभग दस साल तक घर चला।

1978 में उन्होंने बीएससी की, पर कमज़ोर अंग्रेज़ी और अनुभव न होने के कारण नौकरी मिलना मुश्किल रहा। आख़िर वे ₹150 महीने पर एक कैप्सूल कारखाने में रसायनज्ञ बने और ₹100 घर भेजते थे। बाद में वे ₹880 महीने पर मुंबई के भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में लगे और ज़्यादा कमाने के लिए ट्यूशन पढ़ाते रहे। उन्होंने थायरॉयड जैव-रसायन में पीएचडी भी की।

1995 में उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़ दी। उन्होंने ₹2 लाख से थायरोकेयर शुरू से खड़ी की, जिसमें पत्नी सुमति का बड़ा साथ रहा, जिन्होंने 16 साल बाद बैंक की नौकरी छोड़ी। थायरोकेयर 2016 में शेयर बाज़ार में आई और उसका मूल्य लगभग ₹3,300 करोड़ तक पहुँच चुका था। अपनी पहली नौकरी की मुश्किल याद रखते हुए उन्होंने नए स्नातकों को ही नौकरी देना चुना।

समय-रेखा

  1. 1959कोयंबटूर के पास एक भूमिहीन किसान के घर जन्म।
  2. 197819 साल में बीएससी; बाद में ₹150 महीने पर कैप्सूल कारखाने में नौकरी।
  3. 1995अपना काम शुरू करने के लिए भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र से इस्तीफ़ा दिया।
  4. 2016थायरोकेयर शेयर बाज़ार में सूचीबद्ध; मूल्य लगभग ₹3,300 करोड़।
स्रोत (2)
  1. From 2 lakhs to 3,300 crores! How A Velumani did it! · 2016
  2. 'Started working in a cotton field when I was 11': From poverty to building Thyrocare that is worth more than Rs 3,000 crore · 2024

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