§1किसके लिए
- IEC और RCMC वाले छत्तीसगढ़ के निर्यातक
- पहली बार निर्यात करने वाले
- MSME निर्यातक
- ODOP और GI उत्पादों के क्लस्टर / उत्पादक समूह
काम की है अगर
छत्तीसगढ़ के छोटे और पहली बार निर्यात करने वाले, ख़ासकर ODOP/GI उत्पादों के।
समय न लगाएँ अगर
जो निर्यातक वही ख़र्च केंद्र के Export Promotion Mission में पहले से ले रहे हैं।
§2पात्रता
- निर्यातक = जिस इकाई के पास Import-Export Code और संबंधित EPC/बोर्ड का RCMC हो
- पहली बार निर्यातक = मान्य IEC, और आवेदन से पहले के 3 साल में कोई शिपिंग बिल दाखिल न हुआ हो
- जो ख़र्च भारत सरकार के Export Promotion Mission (EPM) या किसी दूसरी GoI/CG योजना में पहले से मिला हो, उसका दावा नहीं
- ख़र्च या इवेंट के 12 महीने के अंदर दावा
§3लाभ
- पहली बार निर्यातक: RCMC और ज़रूरी पंजीकरण ख़र्च का 75%, अधिकतम Rs 20,000 (एक बार)
- ई-कॉमर्स निर्यात: एक बार के ऑनबोर्डिंग ख़र्च का 75%, हर IEC पर हर साल अधिकतम Rs 2 लाख, 2 साल तक
- ब्रांडिंग और निर्यात पैकेजिंग (ODOP/GI क्लस्टर): 50%, हर साल Rs 15 लाख तक
- निर्यात क्रेडिट बीमा: MSME को ECGC प्रीमियम का 50%, पहली बार निर्यातक को 75%, हर IEC पर हर साल अधिकतम Rs 5 लाख
- ICD/MMLP से माल भेजना: Rs 10,000 प्रति TEU, हर IEC पर हर साल अधिकतम Rs 20 लाख, 3 साल तक
- राज्य के अंदर ICD/MMLP तक भाड़ा: 50%, हर IEC पर हर साल अधिकतम Rs 2 लाख
- GI मिलने पर GI पंजीकरण शुल्क की वापसी Rs 2 लाख तक
- निर्यात उत्कृष्टता पुरस्कार: Rs 2 लाख हर एक (3 पुरस्कार) और Rs 51,000 सांत्वना (9)
§4नियम — सहायता का तरीका
- बस्तर और सरगुजा संभाग की इकाइयों को +10% अनुदान और +10% सीमा
- महिला, SC, ST, पूर्व सैनिक, सेवानिवृत्त अग्निवीर, LWE प्रभावित और दिव्यांग संस्थापकों को +10%
- ODOP/GI निर्यातकों, स्टार्टअप निर्यात इकाइयों और थ्रस्ट क्षेत्र इकाइयों को +10%
- सभी श्रेणियों को मिलाकर बढ़ोतरी सामान्य अनुदान और सीमा से 15% तक सीमित
- ICD सहायता 3 साल बाद या ICD का इस्तेमाल लगातार लगभग 60% पहुँचने पर बंद
- ग़लत जानकारी देकर ली गई सहायता 12.5% सालाना ब्याज के साथ भू-राजस्व बकाया की तरह वसूली जाएगी (हिंदी पाठ)
§5दस्तावेज़
जो दस्तावेज़ तैयार हो जाए, उस पर निशान लगाते जाएँ।
जिस ख़र्च की वापसी चाहिए उसके बिल
§6आवेदन कैसे करें
- 1
अधिसूचित होने वाले दिशानिर्देशों के अनुसार उद्योग संचालनालय / निर्यात सुविधा केंद्र, उद्योग भवन रायपुर में आवेदन करें
- 2
Invest CG पोर्टल का निर्यात मॉड्यूल इस्तेमाल करें
§7फ़ायदे और नुकसान
फ़ायदे
- पहली बार निर्यातकों के ECGC प्रीमियम का 75% देती है (धारा 7(1)(iv))
- हाल ही में अधिसूचित (Sep 2026) और मार्च 2030 तक चलेगी
नुकसान
- ज़्यादातर मदों की सीमा छोटी है (जैसे पहली बार निर्यातक ख़र्च पर Rs 20,000, भाड़ा Rs 2 लाख)
- अधिसूचना के समय संचालन दिशानिर्देश और फ़ॉर्म प्रकाशित नहीं हुए (धारा 9(1), 9(8))
→मिलती-जुलती योजनाएँ
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¶स्रोत
- Chhattisgarh Export Promotion Policy 2026-30 (Gazette notification 21 Sep 2026, Hindi + English)
- Invest CG - Export page (GI products, EFC, export policy, logistics policy)
18 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया। केवल जानकारी के लिए — विभाग या बैंक से पक्का करें। कोई गलती दिखी? बताएँ.
