§1किसके लिए

  • छत्तीसगढ़ की नई सूक्ष्म, लघु और मध्यम उत्पादन इकाइयाँ
  • विस्तार / विविधीकरण / बदलाव / आधुनिकीकरण करने वाले मौजूदा MSME (शर्तें हिंदी नीति के परिशिष्ट-1 में)

काम की है अगर

नए MSME उत्पादक, ख़ासकर समूह-2/3 विकासखंडों की थ्रस्ट क्षेत्र इकाइयाँ, जो स्थानीय लोगों को नौकरी दे सकें।

समय न लगाएँ अगर

समूह-3 के बाहर की राइस मिलें, अपात्र सूची की इकाइयाँ, या जो फ़र्में स्थानीय भर्ती का अनुपात पूरा नहीं कर सकतीं।

§2पात्रता

  1. MSMED Act 2020 की परिभाषा के अनुसार MSME; इस नीति में श्रेणी सिर्फ़ प्लांट और मशीनरी के निवेश से तय होती है
  2. Udyam Aakanksha ज़रूरी; उत्पादन शुरू होने के बाद सक्षम अधिकारी से उत्पादन प्रमाणपत्र
  3. नया उद्यम = 1 Nov 2024 को या उसके बाद और 31 Mar 2030 तक व्यावसायिक उत्पादन
  4. थ्रस्ट क्षेत्र का दर्जा पाने के लिए हर उत्पाद का न्यूनतम प्लांट और मशीनरी निवेश ज़रूरी (जैसे फल/सब्ज़ी प्रोसेसिंग Rs 25 लाख, परिधान Rs 50 लाख, ऑटो पुर्ज़े Rs 150 लाख, आटा/तेल मिल, अगरबत्ती, दोना-पत्तल जैसी ग्रामीण इकाइयाँ Rs 10 लाख)
  5. अपात्र सूची में न हो: शराब (वनोपज आधारित छोड़कर), आरा मिल, प्रतिबंधित प्लास्टिक, पान मसाला/गुटखा/तंबाकू, बूचड़खाने, पैकेज्ड पीने का पानी, कोल वॉशरी/ब्रिकेट, चूना/डोलोमाइट पाउडर, खनिज पाउडर और स्लैग पिसाई, एस्बेस्टस, चमड़ा टैनरी, री-पैकिंग; बिल्हा और धरसींवा ब्लॉक में स्पंज आयरन/एकीकृत इस्पात/थर्मल बिजली नहीं; समूह 1 और 2 में स्टोन क्रशर और राइस मिल/पारबॉयलिंग नहीं
  6. राइस मिल और पारबॉयलिंग इकाइयों को लाभ सिर्फ़ समूह-3 विकासखंडों में और सिर्फ़ सामान्य उद्यम के रूप में
  7. स्थायी नौकरियों में राज्य के निवासियों का हिस्सा: 100% अकुशल, कम से कम 70% कुशल, कम से कम 40% प्रबंधकीय/प्रशासनिक
  8. अगर इकाई थ्रस्ट और दूसरे उत्पाद दोनों बनाती है, तो उसे कम लाभ वाली श्रेणी मिलती है
  9. एक से ज़्यादा विशेष श्रेणी में आने वाला निवेशक सिर्फ़ एक का दावा कर सकता है

§3लाभ

  • इनमें से एक चुनें: Net SGST वापसी (सामान्य: समूह 1/2/3 में 5/7/9 साल, FCI के 75% तक; थ्रस्ट: 6/8/10 साल, FCI के 100% तक) या स्थायी पूँजी निवेश (FCI) सब्सिडी
  • FCI सब्सिडी सामान्य: 30%/35%/40% (समूह 1/2/3); थ्रस्ट 35%/40%/45%
  • FCI सीमा (सामान्य / थ्रस्ट): सूक्ष्म Rs 30/35/40 लाख और Rs 35/40/45 लाख; लघु Rs 250/350/450 लाख और Rs 350/450/550 लाख; मध्यम Rs 400/450/500 लाख और Rs 700/750/800 लाख
  • टर्म लोन पर ब्याज सब्सिडी: सामान्य 40%/45%/50%, 5/6/7 साल; थ्रस्ट 45%/50%/55%, 6/7/8 साल; समूह के हिसाब से सालाना सीमा सूक्ष्म Rs 15-30 लाख, लघु Rs 25-40 लाख, मध्यम Rs 35-50 लाख
  • नए MSME को बिजली शुल्क में 100% छूट: सामान्य 5/7/9 साल, थ्रस्ट 6/8/10 साल
  • ज़मीन/शेड/इमारत की ख़रीद या लीज़ के दस्तावेज़ों पर और 3 साल तक क़र्ज़ दस्तावेज़ों पर स्टांप ड्यूटी में 100% छूट
  • नए कृषि/खाद्य प्रोसेसिंग और जैव ईंधन/इथेनॉल MSME को 5 साल मंडी टैक्स में 100% छूट, हर साल अधिकतम Rs 5 करोड़, कुल FCI के 75% से ज़्यादा नहीं
  • ज़मीन डायवर्ज़न शुल्क में 50% छूट (सूक्ष्म और लघु, 15 एकड़ तक); लैंड बैंक में लघु और मध्यम के लिए 10% ज़मीन आवंटन सेवा शुल्क माफ़
  • DI/CSIDC क्षेत्रों में ज़मीन प्रीमियम सब्सिडी: सामान्य समूह 2 में 20%, समूह 3 में 30%; थ्रस्ट 30%/40%/50%
  • परियोजना रिपोर्ट FCI का 1%, Rs 10 लाख तक; गुणवत्ता प्रमाणन 50%, Rs 10 लाख तक; पेटेंट 50%, Rs 20 लाख तक; तकनीक ख़रीद 50%, Rs 10 लाख तक
  • नई सूक्ष्म/लघु इकाइयों के SC/ST, महिला, पूर्व सैनिक, सेवानिवृत्त अग्निवीर, नक्सल प्रभावित, तृतीय लिंग और दिव्यांग संस्थापकों को मार्जिन मनी सब्सिडी 25% (अधिकतम Rs 100 लाख)
  • रोज़गार सब्सिडी: दिव्यांग, सेवानिवृत्त अग्निवीर, आत्मसमर्पित नक्सलियों को नौकरी देने पर 5 साल तक शुद्ध वेतन का 40%, हर साल Rs 5 लाख तक
  • कार्बन क्रेडिट तकनीक पर मशीनरी का 50%, Rs 25 लाख तक; पानी/ऊर्जा ऑडिट 50%, Rs 5 लाख तक
  • निर्यात इकाइयाँ: बंदरगाह तक परिवहन ख़र्च का 50%, हर साल Rs 50 लाख तक, 5 साल
  • SME एक्सचेंज लिस्टिंग 50%, Rs 10 लाख तक; हर स्थानीय कामगार (वेतन हर महीने Rs 50,000 से कम) पर एक महीने की मज़दूरी या Rs 15,000 की प्रशिक्षण वापसी
  • SC/ST संस्थापक: DI/CSIDC क्षेत्रों में ज़मीन प्रीमियम में 100% छूट, लीज़ किराया Rs 1 प्रति एकड़ प्रति साल

§4नियम — सहायता का तरीका

  1. MSME के लिए कुल पैकेज FCI के 100% तक सीमित
  2. FCI सब्सिडी भुगतान: सूक्ष्म को एक किस्त में; लघु को 3 बराबर सालाना किस्तों में; मध्यम को 5 बराबर सालाना किस्तों में; पहली किस्त व्यावसायिक उत्पादन के बाद मंज़ूरी पर (देर से भुगतान)
  3. FCI में ज़मीन/ज़मीन विकास, शेड-इमारत, नई प्लांट और मशीनरी, बिजली और पानी आपूर्ति, चारदीवारी शामिल
  4. व्यावसायिक उत्पादन की तारीख़ = अधिसूचित ट्रायल उत्पादन के 45 दिन बाद (सूक्ष्म और लघु) / 75 दिन बाद (मध्यम), या उत्पादन प्रमाणपत्र की तारीख़, जो पहले हो
  5. Net SGST में सिर्फ़ छत्तीसगढ़ के अंदर बिके सामान/सेवाओं का SGST गिना जाता है, इनपुट टैक्स क्रेडिट के बाद; प्लांट और मशीनरी और कच्चे माल का SGST नहीं गिना जाता
  6. महिला, पूर्व सैनिक, सेवानिवृत्त अग्निवीर, LWE प्रभावित, दिव्यांग, NRI, FDI, निर्यात इकाइयों और विदेशी तकनीक परियोजनाओं को 10% अतिरिक्त सब्सिडी और 10% ऊँची सीमा (और छूटों में 1 साल ज़्यादा); सिर्फ़ एक श्रेणी का दावा
  7. पात्र निजी औद्योगिक पार्कों की इकाइयों को +10% सब्सिडी, +10% सीमा और छूटों में 1 साल ज़्यादा
  8. प्रशिक्षण वापसी का पहला दावा नियुक्ति के एक साल बाद देय; 5 साल में या FCI के 100% तक

§5दस्तावेज़

जो दस्तावेज़ तैयार हो जाए, उस पर निशान लगाते जाएँ।

§6आवेदन कैसे करें

  1. 1

    One Click Single Window System के ज़रिए Udyam Aakanksha भरें

  2. 2

    उत्पादन शुरू होने के बाद ज़िला व्यापार और उद्योग केंद्र से व्यावसायिक उत्पादन प्रमाणपत्र लें

  3. 3

    2024 के नियमों के तहत हर लाभ के लिए ऑनलाइन आवेदन करें (नीति में 'बिना आमने-सामने मिले' ऑनलाइन व्यवस्था का वादा है)

§7फ़ायदे और नुकसान

फ़ायदे

  • मध्य भारत की सबसे ऊँची MSME पूँजी सब्सिडी दरों में से: समूह-3 विकासखंडों की थ्रस्ट सूक्ष्म इकाइयों को FCI का 45% तक (Reference Guide p.17)
  • सूक्ष्म इकाइयों को FCI सब्सिडी एक ही किस्त में मिलती है, सालों में नहीं बँटती (p.17)
  • ब्याज सब्सिडी SGST/FCI विकल्प के साथ मिलती है; समूह 3 की थ्रस्ट इकाइयों को 8 साल तक ब्याज का 55% तक (p.17)

नुकसान

  • सख़्त स्थानीय भर्ती नियम: 100% अकुशल, 70% कुशल, 40% प्रबंधकीय कर्मचारी राज्य के निवासी होने चाहिए (धारा 5.12)
  • Net SGST विकल्प सिर्फ़ राज्य के अंदर बिक्री का टैक्स लौटाता है; छत्तीसगढ़ के बाहर बेचने वाली इकाइयों को इससे कम फ़ायदा (परिभाषा 22)
  • लघु और मध्यम इकाइयों को पूरी FCI सब्सिडी के लिए 3 और 5 साल इंतज़ार करना पड़ता है (p.17)
  • अंग्रेज़ी पाठ सिर्फ़ एक अंश है - आँकड़े अलग हों तो हिंदी नीति मान्य है (p.2)

→मिलती-जुलती योजनाएँ

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स्रोत

  1. Chhattisgarh Industrial Development Policy 2024-30 (official Hindi PDF, Invest CG portal)
  2. Chhattisgarh Industrial Development Policy 2024-30 - Reference Guide (English extract issued by Dept of Commerce & Industries; copy hosted by foundryinfo-india.org)
  3. Invest CG - Policy & Notifications (rules under IDP 2024-30, Acts 2026)

18 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया। केवल जानकारी के लिए — विभाग या बैंक से पक्का करें। कोई गलती दिखी? बताएँ.