§1किसके लिए
- भारतीय MSME, स्टार्टअप और कंपनियाँ जो आयात की जगह लेने के लिए अपने ख़र्च पर उपकरण, सब-सिस्टम, पुर्ज़े, सामग्री, गोला-बारूद या सॉफ़्टवेयर विकसित कर सकती हैं
काम की है अगर
ऐसे MSME/स्टार्टअप जिनके पास लगभग तैयार उत्पाद है, जिसे थल सेना, नौसेना या वायु सेना अभी आयात करती है
समय न लगाएँ अगर
वे फ़र्में जो 1–3 वर्ष के विकास और ट्रायल का ख़र्च ख़ुद नहीं उठा सकतीं
§2पात्रता
- Chapter I के Para 20 के अनुसार Indian Vendor, जिसमें स्वामित्व (>50% भारत में रहने वाले भारतीय; FDI अधिकतम 49%) और भारत में रहने वाले भारतीय नागरिकों का नियंत्रण शामिल है
- अगर प्रोटोटाइप विकास लागत ₹3 करोड़ तक है और ख़रीद ₹100 करोड़/वर्ष से कम है (AoN पर): कोई व्यावसायिक या वित्तीय शर्त नहीं
- अगर प्रोटोटाइप लागत ₹3 करोड़ से अधिक और/या ख़रीद ₹100 करोड़/वर्ष से अधिक है: पिछले 3 वित्त वर्षों का औसत वार्षिक टर्नओवर अनुमानित परियोजना लागत के 5% से कम न हो (JV में मुख्य साझेदार का) और पिछले वित्त वर्ष के अंत में नेट वर्थ सकारात्मक हो
- हर परियोजना के लिए Services HQ द्वारा तय अन्य तकनीकी शर्तें
- OFB (अब उसकी उत्तराधिकारी DPSU) और DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप भी पात्र हैं
- जिन परियोजनाओं की ख़रीद ₹100 करोड़/वर्ष से अधिक नहीं, वे MSME के लिए आरक्षित हैं (अगर दो से कम MSME रुचि दिखाएँ तो सबके लिए खुल जाती हैं)
§3लाभ
- कोई अनुदान नहीं — पर प्रोटोटाइप सफल होने पर ख़रीद पक्की है (संसद में MoD का जवाब, 2021)
- सफल उत्पाद Buy (Indian-IDDM) के तहत ख़रीदा जाता है, जिसमें कम से कम 50% स्वदेशी सामग्री ज़रूरी है
- किसी एक फ़र्म या व्यक्ति के स्वतः (suo-moto) प्रस्ताव को भी Resultant Single Vendor के रूप में आगे बढ़ाया जा सकता है
- Approval in Principle (AIP) एक बार मिलने के बाद वापस नहीं लिया जाता, भले ही DRDO/DPSU वही चीज़ विकसित कर रहे हों (PIB, Feb 2022)
§4नियम — सहायता का तरीका
- प्रोटोटाइप विकास की 100% लागत उद्योग उठाता है — कोई सरकारी फ़ंडिंग नहीं
- व्यवहार्यता अध्ययन का लक्ष्य: Make-II/Make-III के लिए शुरुआत से 12 सप्ताह
- AoN केवल Buy (Indian-IDDM) के तहत अंतिम ख़रीद की लागत के लिए लिया जाता है
- SoC में MOQ, विकास की समय-सीमा, अनुमानित प्रोटोटाइप लागत और परियोजना बंद करने की शर्तें दर्ज होती हैं
§5दस्तावेज़
गाइडलाइन में दस्तावेज़ों की सूची नहीं दी गई है। आवेदन से पहले पोर्टल या बैंक से पूछ लें — हम अंदाज़े से सूची नहीं बनाते।
§6आवेदन कैसे करें
- 1
DDP होम पेज / Make in India Defence पोर्टल पर Make-II EoI देखें और बताई गई तारीख़ तक जवाब दें (DDP जवाब के लिए ईमेल पते देता है)
- 2
या Services HQ को स्वतः (suo-moto) Make-II प्रस्ताव भेजें
- 3
AIP और EoI के बाद चुनी गई DA अपने ख़र्च पर प्रोटोटाइप बनाती हैं; ट्रायल; फिर व्यावसायिक बोली
§7फ़ायदे और नुकसान
फ़ायदे
- छोटी परियोजनाओं में प्रवेश आसान: प्रोटोटाइप लागत ₹3 करोड़ तक हो तो कोई वित्तीय शर्त नहीं — DAP 2020
- MSME को आरक्षित परियोजनाएँ मिलती हैं (ख़रीद ₹100 करोड़/वर्ष तक) — DAP 2020
- DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप पात्र हैं — DAP 2020
- किसी एक फ़र्म का स्वतः (suo-moto) विचार Resultant Single Vendor के रूप में आगे बढ़ सकता है — DAP 2020 / PIB 2022
नुकसान
- विकास की पूरी लागत और जोखिम फ़र्म पर; Make-II में कोई भरपाई नहीं — DAP 2020
- ऑर्डर केवल सफल ट्रायल के बाद; ट्रायल और AoN से अनुबंध तक की समय-सीमा Services तय करते हैं, फ़र्म नहीं
- AIP वाले 56 Make-II प्रस्तावों में से Mar 2021 तक केवल 23 AoN तक पहुँचे (Ajai Shukla द्वारा बताया गया MoD का जवाब)
- ख़रीदार एक ही: वही Services HQ जिसने ज़रूरत बताई
→मिलती-जुलती योजनाएँ
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पात्रता जाँच, DPR और आवेदन फ़ाइल — WhatsApp पर पूछें।
हमारा हितमदद हमारी पेड सेवा है। योजना में आवेदन आप ख़ुद भी कर सकते हैं।
¶स्रोत
- Defence Acquisition Procedure 2020 (as amended, Nov 2021) — full text, DDP
- Department of Defence Production — home page (Make-II EoIs listed, Oct 2026)
- PIB, MoD — Manufacturing in Defence Sector, Lok Sabha reply 4 Feb 2022 (Release ID 1795537), mirrored by GlobalSecurity
- Ajai Shukla blog — MoD reply in Parliament on Make category (Mar 2021)
- Acuity Law — Amended Defence FAQs (17 Jun 2026, Japanese edition)
18 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया। केवल जानकारी के लिए — विभाग या बैंक से पक्का करें। कोई गलती दिखी? बताएँ.
