§1किसके लिए
- निर्यात इकाई के रूप में पंजीकृत इकाइयाँ जो लद्दाख से तैयार माल निर्यात करती हैं
काम की है अगर
निर्यात ऑर्डर वाली लद्दाख की इकाइयाँ।
समय न लगाएँ अगर
केवल देश में बेचने वाले (ढुलाई सब्सिडी लें)।
§2पात्रता
- पात्र इकाइयाँ: नई निर्माण इकाइयाँ (Negative List को छोड़कर), Positive List में शामिल नई सेवा इकाइयाँ, बड़ा विस्तार करने वाली मौजूदा इकाइयाँ (25% या अधिक अतिरिक्त निवेश), और तय प्रोत्साहनों के लिए मौजूदा इकाइयाँ।
- इकाई का Industries & Commerce Department, Ladakh (उद्योग एवं वाणिज्य विभाग) में पंजीकरण ज़रूरी है; उत्पादन शुरू होने की तारीख GM, DIC प्रमाणित करते हैं।
- जो इकाइयाँ इसी लाभ के लिए भारत सरकार का मिलता-जुलता प्रोत्साहन ले रही हैं, वे पात्र नहीं हैं।
- जिन इकाइयों के पास ज़रूरी पर्यावरण मंज़ूरी / स्थापना और संचालन की सहमति नहीं है, वे पात्र नहीं हैं।
- Negative list में शामिल हैं: तंबाकू, पान मसाला, सभी प्लास्टिक कैरी बैग, सीमेंट, स्टील और स्टील रोलिंग, नमक/पत्थर/चूना (GST Ch 25), अयस्क (Ch 26), विस्फोटक (Ch 36), हथियार (Ch 93), रिफ़ाइनरी, कोक/फ़्लाई ऐश, सोना, शीरा, मार्बल/ग्रेनाइट, 10 MW से बड़े बिजली संयंत्र (नवीकरणीय को छोड़कर)।
- नई इकाइयाँ और मौजूदा इकाइयाँ, चाहे बड़ा विस्तार किया हो या नहीं।
- केवल निर्यात इकाई के रूप में पंजीकृत इकाइयाँ।
- Transport Subsidy (ढुलाई सब्सिडी) के साथ नहीं ली जा सकती।
§3लाभ
- भारत के अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह (हवाई या समुद्री) तक ढुलाई लागत का 60%, हर इकाई को हर साल अधिकतम Rs 5 लाख, 5 साल तक।
- विदेशी खरीदारों को भेजे गए निर्यात नमूने: हर उद्यम को हर साल Rs 50,000 तक की लागत वापस, दो साल तक।
§4नियम — सहायता का तरीका
- मसौदा दिशानिर्देश: Rs 10 लाख तक के मामले जिला स्तरीय समिति (GM DIC) मंज़ूर करती है; Rs 10-25 लाख के मामले निदेशालय स्तरीय समिति; मंज़ूरी के 7 दिन के भीतर स्वीकृति और स्वीकृति के 7 दिन के भीतर भुगतान, धन उपलब्ध होने पर; जिले से मंज़ूर 10% मामलों का भुगतान से पहले ऑडिट; मशीनरी की सारी खरीद बैंक के ज़रिए।
§5दस्तावेज़
जो दस्तावेज़ तैयार हो जाए, उस पर निशान लगाते जाएँ।
भुगतान का प्रमाण (बैंक स्टेटमेंट)
§6आवेदन कैसे करें
- 1
इकाई का पंजीकरण GM, DIC (Leh या Kargil) के ज़रिए Industries & Commerce Department, Ladakh में कराएँ।
- 2
दावा Common Application Form (साझा आवेदन फ़ॉर्म) पर, चेकलिस्ट के दस्तावेज़ों के साथ, GM, DIC के पास जमा करें।
§7फ़ायदे और नुकसान
फ़ायदे
- निर्यात बंदरगाह तक देश के भीतर के भाड़े का 60% देती है (नीति 6.7)।
नुकसान
- सीमा Rs 5 लाख प्रति साल; IEC और निर्यात इकाई पंजीकरण ज़रूरी।
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¶स्रोत
- Ladakh Sustainable Industrial Policy 2022-27 - S.O. 02 dated 17 Jan 2023 (UT Ladakh, Industries & Commerce Dept)
- Draft Procedural Guidelines of Ladakh Sustainable Industrial Policy 2022-27 - public notice (6 Aug 2024)
- ladakh.gov.in - Awareness workshop on Ladakh Sustainable Industrial Policy 2022-27, DIC Leh (13 Jan 2026)
18 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया। केवल जानकारी के लिए — विभाग या बैंक से पक्का करें। कोई गलती दिखी? बताएँ.
