§1किसके लिए
- महाराष्ट्र में कहीं भी सूक्ष्म/लघु इकाई शुरू करने वाले बेरोज़गार युवा और पहली बार के उद्यमी
काम की है अगर
महाराष्ट्र के पहली बार के उद्यमी जिन्हें ₹1 करोड़ तक का बैंक लोन चाहिए
समय न लगाएँ अगर
विस्तार चाहने वाली मौजूदा इकाइयाँ या लागत सीमा से बड़ी परियोजनाएँ
§2पात्रता
- महाराष्ट्र का स्थानीय निवासी जिसकी स्थायी आय न हो, न्यूनतम उम्र 18 (2025 के संशोधित पाठ में ऊपरी उम्र सीमा नहीं; पहले नियम 18–45 था, 5 साल की छूट के साथ)
- शिक्षा: ₹10 लाख से ऊपर की विनिर्माण परियोजनाओं और ₹5 लाख से ऊपर की सेवा/कृषि-संबद्ध परियोजनाओं के लिए कम से कम 8वीं पास
- ग्रामीण क्षेत्र = PMEGP के तहत ग्रामीण घोषित क्षेत्र
- पात्र: कानूनी रूप से अनुमत विनिर्माण, सेवा, कृषि-संबद्ध और व्यापार गतिविधियाँ, GR 2025 बिंदु 1 के अनुसार (मराठी)
- लोन मंज़ूर होने के बाद एक हफ़्ते (सेवा/कृषि) या उससे लंबा आवासीय EDP प्रशिक्षण ज़रूरी (GR 2025 बिंदु 5–6)
§3लाभ
- बैंक लोन के ज़रिए परियोजना लागत पर मार्जिन मनी (सब्सिडी)
- अधिकतम परियोजना लागत: विनिर्माण ₹100 लाख (₹1 करोड़); सेवा और कृषि-संबद्ध ₹50 लाख (01.04.2025 से)
§4नियम — सहायता का तरीका
- विशेष श्रेणी (SC/ST/महिला/दिव्यांग/पूर्व सैनिक/अन्य पिछड़ा/VJNT/अल्पसंख्यक): सेवा 25% शहरी (अधिकतम ₹5 लाख), 35% ग्रामीण (अधिकतम ₹7 लाख); विनिर्माण 25% शहरी (अधिकतम ₹12.5 लाख), 35% ग्रामीण (अधिकतम ₹17.5 लाख)
- सामान्य: सेवा 15% शहरी (अधिकतम ₹3 लाख), 25% ग्रामीण (अधिकतम ₹5 लाख); विनिर्माण 15% शहरी (अधिकतम ₹7.5 लाख), 25% ग्रामीण (अधिकतम ₹12.5 लाख)
- अपना अंशदान 10% (सामान्य), 5% (विशेष); बाकी बैंक का टर्म लोन (2019 दिशानिर्देश)
- कार्यशील पूंजी सेवा/कृषि के लिए परियोजना लागत का 60% तक और विनिर्माण के लिए 40% तक (GR 2025 बिंदु 4)
- मार्जिन मनी भौतिक सत्यापन के बाद और पहली लोन राशि मिलने के 3 साल बाद ही समायोजित होती है, DLTFC की मंज़ूरी से (GR 2025 बिंदु 9)
§5दस्तावेज़
गाइडलाइन में दस्तावेज़ों की सूची नहीं दी गई है। आवेदन से पहले पोर्टल या बैंक से पूछ लें — हम अंदाज़े से सूची नहीं बनाते।
§6आवेदन कैसे करें
- 1
maha-cmegp.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करें (व्यक्तिगत या गैर-व्यक्तिगत फ़ॉर्म)
- 2
DIC/KVIB की ज़िला स्तरीय टास्क फ़ोर्स समिति बैंक को सिफ़ारिश करती है
- 3
बैंक लोन मंज़ूर करता है; EDP प्रशिक्षण पूरा करें
§7फ़ायदे और नुकसान
फ़ायदे
- 2025 में विनिर्माण के लिए परियोजना लागत सीमा बढ़ाकर ₹1 करोड़ की गई (GR 21.05.2025)
- ग्रामीण और विशेष श्रेणी के आवेदकों को 35% तक सब्सिडी
नुकसान
- सब्सिडी अंत में मिलती है — लोन मिलने के 3 साल बाद ही समायोजित होती है (GR 2025 बिंदु 9)
- बैंक की मंज़ूरी पर निर्भर; DIC केवल सिफ़ारिश करता है
→मिलती-जुलती योजनाएँ
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¶स्रोत
- CMEGP modification GR dated 21 May 2025 (Industries Dept, Maharashtra)
- CMEGP Procedural Guidelines (Directorate of Industries, 2019)
- CMEGP e-portal
- myScheme (Govt of India portal) — CMEGP
18 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया। केवल जानकारी के लिए — विभाग या बैंक से पक्का करें। कोई गलती दिखी? बताएँ.
