§1किसके लिए
- बागवानी से जुड़े किसान, FPO, SHG, फ़र्म और कंपनियाँ
काम की है अगर
बागवानी उत्पादक, नर्सरी, संरक्षित खेती और कटाई के बाद की प्रसंस्करण इकाइयाँ
समय न लगाएँ अगर
बागवानी के अलावा दूसरी फ़सलें
§2पात्रता
- नीचे दी गई श्रेणियों के लाभार्थी योजना के अलग-अलग हिस्सों के तहत सहायता पाने के पात्र हैं
- व्यक्तिगत किसान
- किसान उत्पादक संगठन (FPO)
- किसान रुचि समूह (FIG)
- स्वयं सहायता समूह (SHG)
- सहकारी समितियाँ
- साझेदारी फ़र्म
- प्रोप्राइटरी (एकल स्वामित्व) फ़र्म
- कंपनियाँ
- निगम
- स्थानीय निकाय
कृषि उपज मंडी समितियाँ (APMC)
- राज्य सरकार की संस्थाएँ (पात्र हिस्सों के लिए)
§3लाभ
उत्पादन और उत्पादकता में सुधार
- बेहतर तकनीक और अच्छी गुणवत्ता की पौध सामग्री अपनाने के लिए सहायता।
- बागवानी फ़सलों की उन्नत किस्मों का रकबा बढ़ाने के लिए सहायता।
- पुराने और कम उपज वाले बागों को फिर से जीवित करने और बदलने के लिए सहायता।
अच्छी गुणवत्ता की पौध सामग्री
- नर्सरी लगाने और उन्हें बेहतर बनाने के लिए सहायता।
- अच्छी गुणवत्ता के बीज और पौध सामग्री के उत्पादन और वितरण के लिए सहायता।
- टिशू कल्चर इकाइयों और मान्यता प्राप्त नर्सरियों के लिए सहायता।
- स्वच्छ पौध कार्यक्रम (Clean Plant Programme)
- रोग-मुक्त और रोगाणु-मुक्त पौध सामग्री की उपलब्धता।
- पौध सामग्री की आपूर्ति शृंखला में बेहतर पता-लगाने की व्यवस्था (traceability) और प्रमाणन।
नए बाग लगाना
- प्रमाणित पौध सामग्री से बागवानी फ़सलों का अतिरिक्त रकबा बढ़ाने के लिए सहायता।
- ज़्यादा उपज वाली किस्मों और क्लस्टर आधारित खेती के लिए सहायता।
- मशरूम उत्पादन
- मशरूम उत्पादन इकाइयों के लिए सहायता।
§4नियम — सहायता का तरीका
- हर लाभार्थी को 3 साल की अवधि में 4 हेक्टेयर तक के लिए सहायता मिलती है।
- किसानों की भागीदारी वाले प्रदर्शनों के लिए लागत का 75% तक सहायता।
- सरकारी संस्थानों में अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन (Front Line Demonstrations) 100% तक सहायता के पात्र हैं, अधिकतम ₹25,00,000/- प्रति प्रोजेक्ट।
§5दस्तावेज़
जो दस्तावेज़ तैयार हो जाए, उस पर निशान लगाते जाएँ।
बैंक खाते का विवरण
पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो
§6आवेदन कैसे करें
- 1
[ऑफ़लाइन] चरण 1: आवेदक को MIDH के तहत कोई पात्र हिस्सा (component) चुनना होगा।
- 2
चरण 2: आवेदक को राज्य बागवानी मिशन, राज्य बाँस विकास एजेंसी या तय की गई लागू करने वाली एजेंसी के ज़रिए आवेदन जमा करना होगा।
- 3
चरण 3: राज्य द्वारा बनाई गई पारदर्शी लाभार्थी चयन व्यवस्था से आवेदन पर विचार होता है।
- 4
चरण 4: सक्षम अधिकारी पात्रता और प्रोजेक्ट के विवरण की जाँच करता है।
- 5
चरण 5: लागू नियमों और सब्सिडी प्रावधानों के अनुसार प्रोजेक्ट मंज़ूर होता है।
- 6
चरण 6: लागू करने वाली एजेंसी के ज़रिए पैसा जारी होता है।
- 7
लाभार्थी लॉगिन
- 8
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§7फ़ायदे और नुकसान
फ़ायदे
- उत्पादन, नर्सरी, संरक्षित खेती, कटाई के बाद के काम और बिक्री, सब शामिल
- किसानों के साथ-साथ फ़र्मों और कंपनियों के लिए भी खुली
नुकसान
- राज्य बागवानी विभागों के ज़रिए चलती है; दरें और लक्ष्य हर राज्य में अलग
- कई व्यावसायिक हिस्सों में सब्सिडी बैंक कर्ज़ से जुड़ी है और बाद में मिलती है
→मिलती-जुलती योजनाएँ
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¶स्रोत
18 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया। केवल जानकारी के लिए — विभाग या बैंक से पक्का करें। कोई गलती दिखी? बताएँ.
