§1किसके लिए

  • ज़मीन वाले किसान, SHG, FPO, सहकारी समितियाँ, उद्यमी (कस्टम हायरिंग सेंटर)

काम की है अगर

मशीनें ख़रीदने वाले किसान और कस्टम हायरिंग सेंटर खोलने वाले उद्यमी

समय न लगाएँ अगर

बिना मंज़ूरी वाली/बिना जाँची मशीनें ख़रीदने वाले

§2पात्रता

  1. ज़मीन वाले सभी किसान परिवार, स्वयं सहायता समूह (SHG), उपयोगकर्ता समूह, सहकारी समितियाँ, किसान उत्पादक संगठन (FPO) और उद्यमी

किसान भारत का मूल निवासी होना चाहिए।

  1. महिला किसान भी इस योजना का लाभ ले सकती हैं। इस योजना में उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।
  2. केंद्र सरकार इस योजना का लाभ आर्थिक रूप से कमज़ोर किसानों को देगी।
  3. इस योजना का लाभ उन किसानों को मिलेगा जिन्होंने पहले किसी दूसरी केंद्रीय योजना से सब्सिडी का लाभ नहीं लिया है।

§3लाभ

SMAM योजना के घोषित उद्देश्य इस प्रकार हैं

  • इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब और आर्थिक रूप से कमज़ोर किसानों को खेती की मशीनें दिलाना है, और यह सब्सिडी सरकार देती है।
  • छोटे और सीमांत किसानों तक और उन इलाकों तक खेती के मशीनीकरण की पहुँच बढ़ाना जहाँ खेती के लिए बिजली/मशीन शक्ति कम है।
  • छोटी जोत और अकेले मशीन ख़रीदने की ऊँची लागत से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए ‘कस्टम हायरिंग सेंटर’ (मशीन किराया केंद्र) को बढ़ावा देना।
  • प्रदर्शन और क्षमता-निर्माण गतिविधियों के ज़रिए सभी हितधारकों में जागरूकता फैलाना।
  • हाई-टेक और महँगे खेती उपकरणों के केंद्र (हब) बनाना।
  • तय जाँच केंद्रों पर मशीनों की कार्यक्षमता जाँच और प्रमाणन पक्का करना।
  • केंद्र सरकार की SMAM योजना के तहत किसानों को खेती की मशीनें ख़रीदने पर 50 से 80 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ मिलता है।
  • योजना में महिला किसानों को प्राथमिकता दी जाती है।
  • किसान खेती की मशीनों पर सब्सिडी का लाभ ले सकते हैं, जिससे उन्हें मशीनें कम दाम में मिल सकेंगी।
  • इस योजना से किसान आसानी से खेती के उपकरण ख़रीद सकते हैं।
  • खेती के उपकरणों की मदद से किसान खेती के सारे काम कम समय में कर पाएँगे।
  • उपकरणों की कम लागत के साथ पैदावार बढ़ेगी, जिससे किसान की आमदनी बढ़ेगी।

§4नियम — सहायता का तरीका

  1. समय पर और सटीक खेत के काम से उत्पादकता बढ़ाने में खेती की मशीनों की बड़ी भूमिका है। खेती के मशीनीकरण को बढ़ावा देने और खेती योग्य ज़मीन की प्रति इकाई मशीन शक्ति को 2.5 kW/ha तक ले जाने के लिए यह योजना भारत के सभी राज्यों में लागू की जाएगी
  2. SMAM योजना में केंद्र प्रायोजित और केंद्रीय क्षेत्र, दोनों तरह के हिस्से हैं। केंद्र प्रायोजित हिस्सों में भारत सरकार लागत का 60% देती है और राज्यों का हिस्सा 40% है; पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों में यह अनुपात 90:10 है, यानी भारत सरकार 90% देती है। केंद्र शासित प्रदेशों में केंद्र का हिस्सा 100% है।

§5दस्तावेज़

जो दस्तावेज़ तैयार हो जाए, उस पर निशान लगाते जाएँ।

किसानों के लिए

§6आवेदन कैसे करें

  1. 1

    [ऑनलाइन] https://agrimachinery.nic.in/Index/Index पर जाएँ

  2. 2

    Registration ड्रॉप-डाउन से सही विकल्प चुनें।

  3. 3

    फ़ॉर्म में ज़रूरी जानकारी भरें और पंजीकरण करें।

§7फ़ायदे और नुकसान

फ़ायदे

  • महिला किसानों को प्राथमिकता मिलती है
  • agrimachinery.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन

नुकसान

  • सब्सिडी राज्य के लक्ष्य और चयन पर निर्भर है
  • आवेदन और चयन राज्य के कृषि विभाग के ज़रिए होते हैं

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पात्रता जाँच, DPR और आवेदन फ़ाइल — WhatsApp पर पूछें।

हमारा हितमदद हमारी पेड सेवा है। योजना में आवेदन आप ख़ुद भी कर सकते हैं।

स्रोत

  1. myScheme — Sub-mission On Agriculture Mechanization
  2. Guidelines
  3. Official Site

18 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया। केवल जानकारी के लिए — विभाग या बैंक से पक्का करें। कोई गलती दिखी? बताएँ.