§1किसके लिए
- पात्र थ्रस्ट-क्षेत्र MSME (बड़ी इकाइयाँ केवल केस-दर-केस)
काम की है अगर
मणिपुर की ज़्यादा बिजली खपत वाली छोटी इकाइयाँ।
समय न लगाएँ अगर
पहले से केंद्रीय/Power Department सब्सिडी ले रही इकाइयाँ।
§2पात्रता
- MSMED Act की परिभाषा के अनुसार सूक्ष्म, लघु या मध्यम उद्यम, जो para 8 में दिए थ्रस्ट क्षेत्र में हो; बड़ी इकाइयाँ केवल राज्य सरकार के केस-दर-केस फ़ैसले से
- नई इकाई: IIPPM 2022 की अधिसूचना के बाद और 31 Mar 2027 तक व्यावसायिक उत्पादन; मौजूदा इकाई केवल बड़े विस्तार पर (1 Apr 2022 के बाद स्थायी पूंजी निवेश में 25%+ बढ़ोतरी)
- कुल कर्मचारियों में कम से कम 80% मणिपुर के स्थानीय निवासी हों (अगर स्थानीय स्तर पर हुनर न मिले तो Single Window Agency की संतुष्टि पर तय समय के लिए छूट)
- Incentives Eligibility Certificate (प्रोत्साहन पात्रता प्रमाणपत्र) ज़रूरी: औद्योगिक लाइसेंस/LoI/IEM/SIA नंबर या Udyam Registration की पावती; लाइसेंस वाली/प्रतिबंधित वस्तुओं के लिए ज़रूरी मंज़ूरियाँ; इकाई व्यावसायिक उत्पादन में हो
- नकारात्मक सूची (Annexure A) में न हो: तंबाकू (Ch 24), पान मसाला, <20 micron की प्लास्टिक कैरी बैग, पेट्रोलियम/गैस रिफ़ाइनरी उत्पाद (Ch 27), <20 लोगों को काम देने वाली बड़ी/मध्यम इकाइयाँ, PDS से बिकने वाली ज़रूरी वस्तुएँ बनाने वाले
- अगर किसी और भारत सरकार/राज्य/एजेंसी की नीति में ऐसा ही प्रोत्साहन पहले ले लिया है तो पात्र नहीं
- इकाई को औद्योगिक कचरा प्रबंधन व्यवस्था लगानी होगी
- व्यावसायिक उत्पादन के 5 साल के भीतर जगह बदलना, उत्पादन में बड़ी कटौती या स्थायी पूंजी का बड़ा हिस्सा बेचना मना है
- Power Department/MSPDCL का बिजली बिल/देनदारी बकाया न हो
- बिजली सब्सिडी केवल उन उद्यमों को जिन्होंने Power Department या किसी और केंद्रीय योजना से सब्सिडी नहीं ली
§3लाभ
- पहले 5 साल असल खपत की यूनिट पर औद्योगिक बिजली बिल की वापसी: सूक्ष्म और लघु (1-50 kW) 50%; मध्यम (25-125 kVA) 23.7%; बड़ी (125 kVA से ऊपर) 17.3% (छपे अनुसार)
- 5 साल चल चुकी इकाइयों को इन्हीं दरों पर 5 साल और (para 14.2)
- 20 KV और ऊपर की बिजली लाइन, ट्रांसफ़ॉर्मर सहित: ₹15 लाख तक वापसी, जगह सरकार मंज़ूर करे
- जनरेटर सेट: लागत का 30%, हर इकाई को अधिकतम ₹20 लाख, केस-दर-केस
- सूक्ष्म इकाइयों के लिए कम से कम 400 W का बैटरी वाला छोटा सोलर संयंत्र: 50%, अधिकतम ₹40,000
§4नियम — सहायता का तरीका
- बिजली लाइन का अनुमान राज्य Power Department बनाए/मंज़ूर करे और वही काम कराए
- नीति की तालिका के शीर्षक में 'सालाना सब्सिडी सीमा' लिखा है, पर OCR पाठ में रुपये की कोई सीमा नहीं छपी
§5दस्तावेज़
गाइडलाइन में दस्तावेज़ों की सूची नहीं दी गई है। आवेदन से पहले पोर्टल या बैंक से पूछ लें — हम अंदाज़े से सूची नहीं बनाते।
§6आवेदन कैसे करें
- 1
सिंगल विंडो (Manipur Industrial Single Window Clearance Act, 2021) से Udyam Registration और मंज़ूरियाँ लें
- 2
राज्य द्वारा अधिसूचित सक्षम अधिकारी से Incentives Eligibility Certificate लें
- 3
दावा उस अवधि के एक साल के भीतर दाखिल करें जिससे वह जुड़ा है; दावों की जाँच Single Window Agency की अधिकार-प्राप्त State Level Committee करती है
§7फ़ायदे और नुकसान
फ़ायदे
- सिर्फ़ बिल नहीं, पूंजी मदें (लाइन, DG सेट, सोलर) भी शामिल
नुकसान
- Power Department या कोई केंद्रीय सब्सिडी ली हो तो बाहर
- गज़ट प्रति में रुपये की सीमा वाला कॉलम पढ़ा नहीं जा सकता
→मिलती-जुलती योजनाएँ
मणिपुर बिजली सब्सिडी में मदद चाहिए?
पात्रता जाँच, DPR और आवेदन फ़ाइल — WhatsApp पर पूछें।
हमारा हितमदद हमारी पेड सेवा है। योजना में आवेदन आप ख़ुद भी कर सकते हैं।
¶स्रोत
18 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया। केवल जानकारी के लिए — विभाग या बैंक से पक्का करें। कोई गलती दिखी? बताएँ.
