§1किसके लिए
- MSE आपूर्तिकर्ता (लाभ)
- व्यावसायिक ख़र्च का दावा करने वाले ख़रीदार (अनुपालन)
काम की है अगर
उधार पर बेचने वाला हर सूक्ष्म/लघु आपूर्तिकर्ता।
समय न लगाएँ अगर
मध्यम उद्यम।
§2पात्रता
- किसी करदाता द्वारा सूक्ष्म या लघु उद्यम को MSMED Act, 2006 की section 15 की समय-सीमा के बाद देय राशियों पर लागू।
§3लाभ
- देर से भुगतान करने पर ख़रीदार को उस ख़र्च पर टैक्स कटौती उसी वर्ष मिलती है जिसमें असल में भुगतान हुआ — इससे MSE को 45 दिन में भुगतान पाने में ताक़त मिलती है।
§4नियम — सहायता का तरीका
- समय-सीमा MSMED Act s.15 के अनुसार: लिखित में तय, पर माल स्वीकार करने से 45 दिन से अधिक नहीं (PIB 2023)।
§5दस्तावेज़
गाइडलाइन में दस्तावेज़ों की सूची नहीं दी गई है। आवेदन से पहले पोर्टल या बैंक से पूछ लें — हम अंदाज़े से सूची नहीं बनाते।
§6आवेदन कैसे करें
- 1
आवेदन के लिए कुछ नहीं। MSE अपना Udyam प्रमाणपत्र ख़रीदारों को दें और बिलों पर 45 दिन के अंदर की भुगतान शर्तें लिखें।
§7फ़ायदे और नुकसान
फ़ायदे
- ख़रीदार के टैक्स बिल को समय पर भुगतान से जोड़ता है।
- ख़रीदारों को ऐसी देर वाली राशियाँ ITR शेड्यूल में बतानी होती हैं (ITR-3/ITR-6 2026 फ़ॉर्म)।
नुकसान
- केवल सूक्ष्म और लघु (मध्यम नहीं) आपूर्तिकर्ताओं पर लागू (ITR कॉलम के शब्द)।
- यह ख़रीदार पर टैक्स नियम है, भुगतान की गारंटी नहीं — वसूली के लिए फिर भी MSEFC/ODR चाहिए।
→मिलती-जुलती योजनाएँ
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¶स्रोत
- PIB, 24 Jul 2023: Schemes to clear delayed payment in MSMEs (Rajya Sabha reply)
- Income Tax Department: Section 43B
- Income Tax Department: ITR-3 form 2026 (43B item for MSE payments)
18 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया। केवल जानकारी के लिए — विभाग या बैंक से पक्का करें। कोई गलती दिखी? बताएँ.
