§1किसके लिए

  • उत्तराखंड के निवासी - युवा, लौटे प्रवासी, कारीगर, बेरोज़गार, छोटे व्यापारी, रेहड़ी-पटरी वाले - जो बैंक कर्ज़ से इकाई शुरू कर रहे हैं

काम की है अगर

बैंक कर्ज़ से छोटी इकाइयाँ शुरू करने वाले उत्तराखंड निवासी, ख़ासकर पहाड़ी ज़िलों में।

समय न लगाएँ अगर

₹25 लाख से ऊपर की परियोजनाएँ; पिछले 5 साल में स्वरोज़गार योजनाओं के लाभार्थी।

§2पात्रता

  1. न्यूनतम उम्र 18
  2. उत्तराखंड का स्थायी या मूल निवासी (प्रमाणपत्र ज़रूरी)
  3. किसी बैंक/वित्तीय संस्था/सरकारी संस्था का बकायेदार न हो
  4. आवेदक या परिवार के किसी सदस्य ने पहले इस योजना का लाभ न लिया हो; हर परिवार (पति-पत्नी और 21 से कम उम्र के अविवाहित बच्चे) से एक सदस्य

हर व्यक्ति को केवल एक बार लाभ

  1. पिछले 5 वित्त वर्षों में किसी दूसरी केंद्र/राज्य स्वरोज़गार योजना का लाभ न लिया हो (पुराने, बिना बकाया वाले लाभार्थियों को विस्तार के लिए कर्ज़ मिल सकता है)

कोई न्यूनतम पढ़ाई ज़रूरी नहीं

  1. परियोजना व्यावसायिक रूप से चलने लायक हो और मंज़ूर गतिविधियों में हो (पारंपरिक खेती या प्रतिबंधित गतिविधियाँ नहीं)
  2. पात्रता पर शपथ-पत्र

§3लाभ

  • बैंक कर्ज़ पर मार्जिन मनी (सब्सिडी): क्षेत्र और श्रेणी के अनुसार परियोजना लागत का 15%-30%, साथ में 5% बूस्टर

§4नियम — सहायता का तरीका

  1. अधिकतम परियोजना लागत: निर्माण ₹25 लाख; सेवा ₹10 लाख; व्यापार/अन्य व्यवसाय ₹10 लाख (इससे ज़्यादा लागत उद्यमी ख़ुद उठाएगा, सब्सिडी में नहीं गिनी जाएगी)
  2. अपना योगदान: सामान्य 10%; विशेष वर्ग (SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक, पूर्व सैनिक, महिलाएँ, दिव्यांग) 5%
  3. बैंक कर्ज़: परियोजना लागत का 90% (सामान्य) / 95% (विशेष)
  4. मार्जिन मनी - श्रेणी A और B क्षेत्र: 30% (₹2 लाख तक की परियोजना), 25% (₹2-10 लाख), 20% (₹10-25 लाख); श्रेणी C और D: 25%, 20%, 15%
  5. बूस्टर +5% (इनमें से केवल एक): ग्रामीण/अधिसूचित नगर पंचायत क्षेत्र; महिलाएँ और दिव्यांग; ODOP/ODTP/GI उत्पाद का निर्माण
  6. मार्जिन मनी बैंक में TDR के रूप में रखी जाती है (उस हिस्से पर ब्याज नहीं लगता); 2 वित्त वर्ष सफलता से चलने और संयुक्त निरीक्षण के बाद सब्सिडी के रूप में समायोजित
  7. ₹10 लाख से ऊपर की परियोजनाओं के लिए CA से प्रमाणित प्रोजेक्ट रिपोर्ट ज़रूरी
  8. बैंक 2 हफ़्ते (₹5 लाख तक) / 3 हफ़्ते (₹5-25 लाख) में फ़ैसला करें

§5दस्तावेज़

जो दस्तावेज़ तैयार हो जाए, उस पर निशान लगाते जाएँ।

स्थायी/मूल निवास प्रमाणपत्र

§6आवेदन कैसे करें

  1. 1

    MSY पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन

  2. 2

    3 कार्य दिवस में DIC जाँच

  3. 3

    ज़िला जाँच समिति (अध्यक्ष GM DIC, LDM) चयन करती है - इंटरव्यू ज़रूरी नहीं; लक्ष्य के अंदर पहले आओ पहले पाओ

  4. 4

    ऑनलाइन बैंक को भेजा जाता है

§7फ़ायदे और नुकसान

फ़ायदे

  • छोटी परियोजनाओं के लिए पहाड़ी क्षेत्रों में 35% तक सब्सिडी (30% + 5% बूस्टर)
  • बैंक के फ़ैसले की तय समय-सीमा योजना में लिखी है

नुकसान

  • सब्सिडी 2 साल बिना बकाया चलने के बाद ही समायोजित होती है
  • परियोजना सीमा ₹25 लाख (निर्माण) और ₹10 लाख (सेवा/व्यापार)

→मिलती-जुलती योजनाएँ

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हमारा हितमदद हमारी पेड सेवा है। योजना में आवेदन आप ख़ुद भी कर सकते हैं।

स्रोत

  1. Uttarakhand Mukhyamantri Swarojgar Yojana 2.0 notification (Mar 2025)

18 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया। केवल जानकारी के लिए — विभाग या बैंक से पक्का करें। कोई गलती दिखी? बताएँ.