§1किसके लिए
- UP में स्थित ICD/CFS के ज़रिए गेटवे बंदरगाहों तक माल भेजने वाले निर्यातक
काम की है अगर
कंटेनर से माल भेजने वाले UP के निर्यातक।
समय न लगाएँ अगर
केवल देश में बेचने वाले।
§2पात्रता
- UP के अंदर ICD/CFS के ज़रिए गेटवे बंदरगाहों को भेजा गया माल
- LCL मदद केवल छोटे निर्यातकों को (पिछले 3 साल का औसत सालाना निर्यात ₹5 करोड़ या कम)
§3लाभ
- ₹20,000 प्रति 20-फ़ुट कंटेनर, ₹40,000 प्रति 40-फ़ुट कंटेनर, या भाड़े का 30%, जो कम हो; हर निर्यातक इकाई को साल में अधिकतम ₹30 लाख
§4नियम — सहायता का तरीका
- दर: ₹20,000/20-फ़ुट, ₹40,000/40-फ़ुट कंटेनर या भाड़े का 30%, जो कम हो
- हर निर्यातक इकाई को प्रति वित्त वर्ष अधिकतम ₹30 लाख
§5दस्तावेज़
प्रकाशित नहीं
गाइडलाइन में दस्तावेज़ों की सूची नहीं दी गई है। आवेदन से पहले पोर्टल या बैंक से पूछ लें — हम अंदाज़े से सूची नहीं बनाते।
§6आवेदन कैसे करें
- 1
निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो, UP के ज़रिए (योजना दिशानिर्देश पढ़े नहीं गए)
§7फ़ायदे और नुकसान
फ़ायदे
- नीति ख़ुद कहती है कि UP समुद्र से दूर है और यह बंदरगाह भाड़े का कुछ बोझ कम करता है
नुकसान
- केवल UP के अंदर ICD/CFS से भेजने पर
→मिलती-जुलती योजनाएँ
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पात्रता जाँच, DPR और आवेदन फ़ाइल — WhatsApp पर पूछें।
हमारा हितमदद हमारी पेड सेवा है। योजना में आवेदन आप ख़ुद भी कर सकते हैं।
¶स्रोत
18 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया। केवल जानकारी के लिए — विभाग या बैंक से पक्का करें। कोई गलती दिखी? बताएँ.
