§1आपको क्या मिलेगा

  • उद्यम पंजीकरण (कारोबार की सरकारी पहचान)
  • GST पंजीकरण — अगर ज़रूरी हो
  • दुकान और प्रतिष्ठान / ट्रेड लाइसेंस पर मार्गदर्शन (राज्य के अनुसार)
  • कारोबार के नाम पर करंट अकाउंट खोलने के कागज़

§2जानने लायक नियम

  • प्रोप्राइटरशिप का अलग से कोई सरकारी पंजीकरण नहीं होता — पहचान उद्यम, GST या स्थानीय लाइसेंस से बनती है। देनदारी आपकी निजी होती है।

    Udyam Registration portal (Ministry of MSME)

§3दस्तावेज़

जो तैयार है, उस पर निशान लगाते जाइए।

§4काम कैसे होगा

  1. 1

    WhatsApp पर बताएँ कि कारोबार क्या है और कहाँ है

  2. 2

    हम ज़रूरी पंजीकरणों की सूची बनाते हैं

  3. 3

    दस्तावेज़ जाँचकर उद्यम और बाकी पंजीकरण भरते हैं

  4. 4

    प्रमाणपत्र और करंट अकाउंट के कागज़ आपको मिलते हैं

§5सवाल-जवाब

क्या प्रोप्राइटरशिप के लिए कंपनी जैसा पंजीकरण चाहिए?

नहीं। प्रोप्राइटरशिप का अलग पंजीकरण नहीं होता। उद्यम, GST (अगर ज़रूरी हो) और स्थानीय लाइसेंस से कारोबार की पहचान बनती है।

नुकसान क्या है?

देनदारी असीमित है — कारोबार का कर्ज़ आपकी निजी संपत्ति तक जा सकता है। पार्टनर या निवेशक आने पर LLP या प्राइवेट लिमिटेड बेहतर है।

§6यह भी देखें

→कोटेशन लें

आपका नंबर सिर्फ़ इस पूछताछ के लिए है। काम शुरू होने से पहले तय कीमत बताई जाएगी — कोई छिपा हुआ चार्ज नहीं।

हमारा हितहमारी सेवाएँ (Services) पैसे लेकर दी जाती हैं। विश्वकोश मुफ़्त है और मुफ़्त रहेगा — सेवा लेना ज़रूरी नहीं है।

स्रोत

  1. Udyam Registration portal (Ministry of MSME)

18 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया। सरकारी फ़ीस और नियम बदलते रहते हैं — आवेदन से पहले पोर्टल पर पक्का करें। कोई गलती दिखी? बताइए.