
खंड 44
गोपनीयता करार (परस्पर)
किसी संभावित साझेदार, आपूर्तिकर्ता, खरीदार या निवेशक के साथ व्यवसाय योजना, डिज़ाइन, कीमतें या ग्राहकों का विवरण साझा करने से पहले इसका उपयोग करें।
हस्ताक्षर से पहले जानें
- गोपनीयता करार एक संविदा है, इसलिए उसे भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 10 की शर्तें पूरी करनी होती हैं: सक्षम पक्षों की स्वतंत्र सहमति, वैध प्रतिफल और वैध उद्देश्य।
- करार को गोपनीयता तक ही रखें। दूसरे पक्ष को आपके क्षेत्र में व्यवसाय करने से रोकने वाला खंड भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 27 के अंतर्गत शून्य हो सकता है, जो किसी वैध व्यापार या व्यवसाय पर रोक लगाने वाले समझौते को उस सीमा तक शून्य बनाती है।
- साझा किए गए दस्तावेज़ों पर 'गोपनीय' लिखें और क्या, कब साझा किया इसकी सूची रखें। इससे बाद में उल्लंघन साबित करना आसान होता है।
- करारों पर स्टाम्प शुल्क हर राज्य तय करता है। अपने राज्य की दर जाँचें और उसी मूल्य के स्टाम्प पेपर या ई-स्टाम्प पर करार करें।
- कंपनी या फर्म की ओर से हस्ताक्षर करने वाले व्यक्ति के पास इसका अधिकार होना चाहिए (जैसे निदेशक या साझेदार)।