Building Businessसेवाएँ

खंड 44

मूल्य-प्रस्ताव (कोटेशन)

ग्राहक के ऑर्डर देने से पहले उसे अपनी कीमत और शर्तें लिखित में देने के लिए इसका उपयोग करें।

आपकी जानकारी

आपका दस्तावेज़

यह नमूना केवल सामान्य मार्गदर्शन के लिए है; यह कानूनी सलाह नहीं है। अपने राज्य में स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण के नियम अवश्य जाँच लें। मूल्य-प्रस्ताव (कोटेशन) प्रेषक: आपके व्यवसाय का नाम आपके व्यवसाय का पता जीएसटीआईएन: आपका जीएसटीआईएन (यदि पंजीकृत हों) संपर्क: व्यवसाय का फ़ोन और ईमेल कोटेशन संख्या: कोटेशन संख्या तारीख: कोटेशन की तारीख कब तक मान्य: कब तक मान्य सेवा में: ग्राहक का नाम ग्राहक का पता संदर्भ: आपकी पूछताछ का संदर्भ / तारीख महोदय/महोदया, आपकी पूछताछ के लिए धन्यवाद। हमारा मूल्य-प्रस्ताव इस प्रकार है: वस्तु / सेवा: वस्तु या सेवा और विनिर्देश मात्रा: मात्रा और इकाई प्रति इकाई कीमत: ₹प्रति इकाई कीमत (₹) राशि: ₹राशि (₹) जीएसटी: जीएसटी नियम और शर्तें: 1. वैधता: यह कोटेशन कब तक मान्य तक मान्य है। इस तारीख के बाद कीमतें बदल सकती हैं। 2. डिलीवरी: डिलीवरी का समय और स्थान। 3. भाड़ा और लदाई: भाड़ा और लदाई। 4. भुगतान: भुगतान की शर्तें। 5. वारंटी: वारंटी। 6. ऑर्डर तभी पक्का माना जाएगा, जब हमें आपका लिखित क्रय आदेश (या इस कोटेशन की हस्ताक्षरित प्रति) और अग्रिम राशि, यदि हो, मिल जाए। 7. मात्रा, विनिर्देश या डिलीवरी स्थान में कोई भी बदलाव होने पर कीमत बदल सकती है। 8. यह कोटेशन कर बीजक नहीं है। आपूर्ति के समय कर बीजक जारी किया जाएगा। आपके ऑर्डर की प्रतीक्षा रहेगी। आपके व्यवसाय का नाम की ओर से ______________________ आपका नाम और पद

हस्ताक्षर से पहले जानें

  • कोटेशन एक प्रस्ताव है। जब ग्राहक वैधता अवधि के भीतर इसे स्वीकार करता है, तो समझौता बन जाता है। भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 10 के अनुसार कोई समझौता तब संविदा है, जब वह सक्षम पक्षों की स्वतंत्र सहमति से, वैध प्रतिफल और वैध उद्देश्य के लिए किया गया हो।
  • हमेशा वैधता की तारीख लिखें और साफ़ बताएँ कि जीएसटी शामिल है या अतिरिक्त।
  • कोटेशन कर बीजक नहीं है। इसमें जीएसटी राशि ऐसे न दिखाएँ जैसे वह पहले ही वसूल ली गई हो।
  • हर कोटेशन पर संख्या डालें और उसकी प्रति रखें। इससे ऑर्डर मिलाने, आगे संपर्क करने और दी गई कीमत का प्रमाण रखने में मदद मिलती है।
  • बड़े या विशेष ऑर्डर के लिए काम शुरू करने से पहले लिखित क्रय आदेश और अग्रिम राशि लें।
स्रोत (1)
  1. The Indian Contract Act, 1872 (Act No. 9 of 1872): sections 10 and 27 · 1872

← सभी टेम्पलेट