§1यह बिज़नेस क्या है
पिग आयरन और ढलवाँ लोहे का स्क्रैप मिश्र धातु मिलाकर इंडक्शन भट्ठी में पिघलाया जाता है, अपकेंद्री ढलाई मशीनों में डालकर ट्यूब बनाई जाती है, फिर शॉट ब्लास्टिंग, बोरिंग, ग्राइंडिंग और होनिंग करके तैयार लाइनर बनते हैं। लाइनर इंजन ब्लॉक में लगाए जाते हैं ताकि घिसा सिलिंडर ब्लॉक बदले बिना ठीक हो जाए। ख़रीदार हैं इंजन और वाहन निर्माता, इंजन दोबारा बनाने वाले, मशीन शॉप और स्पेयर पार्ट्स डीलर। रिपोर्ट में लाइनर ₹40–200 प्रति kg माने गए हैं।
क्षमता: साल में अलग-अलग प्रकार के 300 टन ढलवाँ लाइनर।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
ढलाई और वाहन-पुर्ज़ों का अनुभव रखने वाला, अच्छा हो तो मैकेनिकल या धातुकर्म इंजीनियर, जैसा रिपोर्ट सलाह देती है।
किसके लिए नहीं
ढलाई की जानकारी के बिना कोई व्यक्ति — धातु की बनावट और छिद्र ही तय करते हैं कि लाइनर कितना चलेगा।
फ़ायदे
- इंजन दोबारा बनाने से बदलाव की लगातार माँग
- ढलवाँ लोहे का स्क्रैप सस्ता (रिपोर्ट में ₹25–35 प्रति kg) और अपना ज़्यादातर स्क्रैप फिर से पिघलता है
- ढलाई और मशीनिंग इकाई के लिए मध्यम निवेश
- दोपहिया और पंप इंजन निर्माताओं को भी आपूर्ति कर सकते हैं
नुकसान
- रिपोर्ट में पहला साल घाटे का
- इंडक्शन भट्ठी के लिए भारी बिजली कनेक्शन चाहिए
- ढलाई का काम गर्म, धूल भरा और प्रदूषण नियंत्रण वाला है
- बिजली वाहनों से इंजन की माँग धीरे-धीरे घटेगी
कौन-से हुनर चाहिए
- ढलवाँ लोहा पिघलाना और मिश्र धातु नियंत्रण
- अपकेंद्री ढलाई
- बोरिंग, ग्राइंडिंग और होनिंग
- इंजन दोबारा बनाने वालों और डीलरों को बेचना
कठिनाई 4/5 क्यों: ढलाई का हुनर, प्रदूषण नियंत्रण और घाटे वाला पहला साल।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- इंजन और वाहन निर्माता
- इंजन दोबारा बनाने वाले और मशीन शॉप
- वाहन स्पेयर पार्ट्स डीलर
कैसे बिकता है
- OEM और इंजन दोबारा बनाने वालों को सीधी आपूर्ति
- स्पेयर पार्ट्स वितरक
जानने लायक
- रिपोर्ट बताती है कि 2015 में भारत की वाहन उत्पादन क्षमता लगभग 2.9 करोड़ थी, जिसके 2020 तक 4.8 करोड़ से ऊपर जाने की उम्मीद थी।
- लगभग 6% बर्बादी मानी गई है क्योंकि ज़्यादातर स्क्रैप फिर से पिघलता है; बेकार स्क्रैप ₹15–18 प्रति kg बिकता है।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| ढलवाँ लोहा मिश्र धातु के लिए इंडक्शन पिघलाने की भट्ठी | 1 | ₹5,00,000 |
| अपकेंद्री ढलाई मशीनें | 4 | ₹2,40,000 |
| सिलिंड्रिकल/अंदरूनी ग्राइंडिंग अटैचमेंट | 2 | ₹1,20,000 |
| होनिंग मशीन | 1 | ₹80,000 |
| शॉट ब्लास्टिंग मशीन | 1 | ₹80,000 |
| बोरिंग अटैचमेंट वाले लेथ | 3 | ₹3,00,000 |
| ड्रिलिंग मशीन | 1 | ₹65,000 |
| बेंच/लचीली शाफ़्ट ग्राइंडर | 2 | ₹60,000 |
| साँचे, औज़ार और गेज | 1 lot | ₹1,50,000 |
| बिजली फ़िटिंग | 1 lot | ₹2,00,000 |
स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Auto Cylinder Liners (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें
- पिग आयरन और ढलवाँ लोहे का स्क्रैपग्रेड के अनुसार ₹25–35 प्रति kg
- मिश्र धातु मिलाने वाले पदार्थ और फ़्लक्सपिघलाते समय मिलाए जाते हैं
- एल्युमिनियम मिश्र धातुकुछ छोटे दोपहिया इंजनों के लिए
स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Auto Cylinder Liners (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से स्थापना और संचालन की सहमति (ढलाई)
- फ़ैक्टरी लाइसेंस
- बिजली बोर्ड से भारी बिजली कनेक्शन की मंज़ूरी
- निर्यात करें तो IEC कोड
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- MudraCentralचालू₹20 लाख तक कर्ज़, बिना कोलैटरल
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
- Stand-Up IndiaCentralबंद₹10 लाख – ₹1 करोड़ कर्ज़
₹28.02 लाख PMEGP (निर्माण में ₹50 लाख तक) में आता है; ₹15.90 लाख का कर्ज़ MUDRA (₹20 लाख तक) और SC/ST व महिला उद्यमियों के लिए Stand-Up India (₹10 लाख–₹1 करोड़) में आता है; CGTMSE उसकी गारंटी दे सकता है।
§7पैसा
निवेश का आधार: प्लांट और मशीनरी ₹16.95 लाख (मशीनें ₹14.45 लाख + साँचे, औज़ार और गेज ₹2.50 लाख), फ़िक्सचर और बिजली ₹2.75 लाख, शुरुआती ख़र्च ₹1.50 लाख, कार्यशील पूँजी मार्जिन ₹6.82 लाख = ₹28.02 लाख। ज़मीन या भवन नहीं — जगह किराए पर।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कुल कार्यशील पूँजी ₹13.77 लाख; मार्जिन ₹6.82 लाख, बैंक ₹6.95 लाख।
दाम 2018 के हैं — मशीनों और निर्माण की लागत अब ज़्यादा होगी।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात परिषद / बोर्ड: Not verified yet
- अभी तक कोई HS कोड या निर्यात संस्था सरकारी सूची से जाँची नहीं गई है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- ढलाई के दोष और माल लौटना
- स्क्रैप और बिजली के दाम बढ़ना
- पहले साल धीमी बिक्री
- लंबे समय में इंजन की माँग घटना
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: वाहन सिलिंडर लाइनर ढलाई और मशीनिंग की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
वाहन सिलिंडर लाइनर ढलाई और मशीनिंग शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
