§1यह बिज़नेस क्या है

आधार तेल (नारियल, अरंडी, तिल) को जड़ी-बूटी के अर्क, ख़ुशबू और रंग के साथ हिलाने वाले टैंक में मिलाया जाता है, बैठने दिया जाता है, छाना जाता है, जाँचा जाता है, 100 ml और 200 ml की बोतलों में भरकर सील, लेबल और पैक किया जाता है। यह गरम किए बिना होने वाला सीधा तरीका है। ख़रीदार किराना और कॉस्मेटिक दुकानें, केमिस्ट और थोक व्यापारी हैं।

क्षमता: रोज़ 100 लीटर, साल में 30,000 लीटर: 100 ml की 1,50,000 बोतलें और 200 ml की 75,000।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

जिसका दुकानों और केमिस्टों में बिक्री का जाल हो, और अच्छा हो अगर आयुर्वेदिक उत्पादों की समझ हो।

किसके लिए नहीं

जो सोचता है कि ब्रांडिंग और वितरण के बिना माल अपने आप बिक जाएगा।

फ़ायदे

  • केश तेल हर महीने ख़रीदा जाने वाला आम सामान है
  • सीधा मिलाना और भरना — न गरम करना, न जटिल मशीनें
  • हर्बल और आयुर्वेदिक उत्पादों की माँग है
  • उसी लाइन पर और क़िस्में (आँवला, ब्राह्मी, बादाम) जोड़ सकते हैं

नुकसान

  • दुकानों की अलमारी पर बड़े ब्रांड छाए हैं
  • बनाने से ज़्यादा मेहनत बेचने और वितरण में है
  • नारियल तेल के दाम बदलने से लागत बदलती है
  • दवा या कॉस्मेटिक लाइसेंस और योग्य केमिस्ट चाहिए

कौन-से हुनर चाहिए

  • नुस्ख़ा बनाना और गुणवत्ता जाँच
  • पैकिंग और लेबल डिज़ाइन
  • दुकानों तक वितरण
  • लाइसेंस और लेबल के नियम निभाना

कठिनाई 2/5 क्यों: बनाना आसान है; असली चुनौती लाइसेंस, ब्रांडिंग और बड़े ब्रांडों के सामने बेचना है।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • परिवार — रिपोर्ट मानती है कि लगभग 80% महिलाएँ और 50% पुरुष नियमित केश तेल लगाते हैं
  • किराना, कॉस्मेटिक और केमिस्ट दुकानें
  • थोक व्यापारी

कैसे बिकता है

  • वितरक और थोक व्यापारी
  • स्थानीय दुकानों को सीधी आपूर्ति
  • बोतलों के गत्ते के डिब्बे

जानने लायक

  • रिपोर्ट के अनुसार बाज़ार पर बड़े ब्रांड छाए हैं; छोटी इकाइयाँ साफ़ तौर पर कम दाम पर बेचकर ही मुक़ाबला कर सकती हैं।
  • उसका माँग का अनुमान पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए है, जहाँ वह साल में 30 टन वाली 50 से ज़्यादा छोटी इकाइयों की गुंजाइश देखती है।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
हिलाने वाले यंत्र सहित मिक्सिंग टैंक, 50 किलो क्षमता2—
बोतल धोने की मशीन1—
बोतल सुखाने की मशीन1—
भरने की मशीन1—
PP ढक्कन सील करने की मशीन1—
छानने का उपकरण1—
अन्य उपकरण (सभी चीज़ों का कुल प्लांट और मशीनरी)—₹6,50,000

स्रोत: PMEGP sample project report — Ayurvedic Oil (prepared by Udyami/Samadhan)

  • नारियल तेलपूरी क्षमता पर साल में 24 टन, ₹1,00,000 प्रति टन
  • अरंडी का तेलसाल में 5.1 टन, छपे अनुसार ₹30,000 प्रति टन
  • ख़ुशबू (परफ़्यूम)साल में 0.6 टन, ₹3,00,000 प्रति टन
  • तेल में घुलने वाला रंगसाल में 0.3 टन, ₹24,000 प्रति टन
  • जड़ी-बूटी के अर्क (आँवला, मेहँदी, ब्राह्मी, हरड़, बहेड़ा, कपूरकचरी, बादाम तेल आदि)0.01–1% मात्रा में; आँवला अर्क का ख़र्च एकमुश्त
  • बोतलें, ढक्कन और गत्ते के डिब्बेपैकिंग सामग्री

स्रोत: PMEGP sample project report — Ayurvedic Oil (prepared by Udyami/Samadhan)

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. राज्य दवा लाइसेंस प्राधिकरण से निर्माण लाइसेंस (रिपोर्ट कहती है कि अलग भारतीय मानक नहीं है और ड्रग कंट्रोलर से सलाह लेने को कहती है)
  2. जाँच के लिए योग्य केमिस्ट (रिपोर्ट की सलाह)
  3. उद्यम (Udyam) पंजीकरण
  4. GST पंजीकरण
  5. अपने ब्रांड का ट्रेडमार्क

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

PMEGP (रिपोर्ट इसी के लिए बनी है; अपना हिस्सा सामान्य वर्ग 10%, विशेष वर्ग 5%), ₹20 लाख तक MUDRA, बिना गारंटी कर्ज़ के लिए CGTMSE।

§7पैसा

निवेश का आधार: भवन और निर्माण कार्य (1,500 वर्ग फ़ुट) ₹3.00 लाख + प्लांट और मशीनरी ₹6.50 लाख + फ़र्नीचर ₹0.50 लाख + शुरुआती ख़र्च ₹0.39 लाख + कार्यशील पूँजी ₹6.61 लाख = ₹17.00 लाख।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹6.61 लाख (बैंक से ₹5.95 लाख): 30 दिन का कच्चा माल और 30 दिन का तैयार माल।

रिपोर्ट पर साल नहीं छपा है — मशीनों और कच्चे माल के आज के दाम पता करें।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात परिषद / बोर्ड: Pharmexcil (for ayurvedic products)

  • प्रोजेक्ट रिपोर्ट में HS कोड नहीं छपा है; निर्यात से पहले DGFT की वेबसाइट या कस्टम ब्रोकर से 8 अंकों वाली ITC(HS) लाइन पता करें।
  • पहली खेप भेजने से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • जमे हुए ब्रांडों से मुक़ाबला
  • नारियल तेल का दाम बढ़ना
  • लाइसेंस या लेबल के नियम टूटना
  • दुकानों में माल न बिकना

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: आयुर्वेदिक केश तेल की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (राज्य दवा लाइसेंस प्राधिकरण से निर्माण लाइसेंस (रिपोर्ट कहती है कि अलग भारतीय मानक नहीं है और ड्रग कंट्रोलर से सलाह लेने को कहती है), जाँच के लिए योग्य केमिस्ट (रिपोर्ट की सलाह)), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

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DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।

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स्रोत

  1. PMEGP sample project report — Ayurvedic Oil (prepared by Udyami/Samadhan)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।