§1यह बिज़नेस क्या है
डिजिटल घड़ी के सारे हिस्से — सर्किट, LED या LCD डिस्प्ले और बिजली वाला हिस्सा — जोड़कर एक कैबिनेट में रखे जाते हैं। डिस्प्ले किसी भी आकार का बन सकता है, इसलिए एक ही इकाई छोटी मेज़ घड़ी और बड़ी दीवार या दफ़्तर डिस्प्ले बना सकती है। काम है जोड़ना, सोल्डरिंग और बुनियादी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से जाँच।
क्षमता: सालाना 4,000 घड़ियाँ, ₹230 प्रति नग (लागत मूल्य ₹11.73 लाख)।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
इलेक्ट्रॉनिक्स डिप्लोमा वाला या तकनीशियन जो छोटा असेंबली काम चाहता है।
किसके लिए नहीं
जो दाम में आयातित घड़ियों को हराने की उम्मीद रखे।
फ़ायदे
- शुरुआती लागत बहुत कम (₹2.50 लाख)
- बुनियादी उपकरणों से आसान असेंबली
- डिस्प्ले का आकार ज़रूरत के हिसाब से
- दफ़्तरों, स्कूलों और दुकानों के लिए ख़ास घड़ियाँ
नुकसान
- सस्ती आयातित घड़ियाँ हर जगह
- आयातित चिप और डिस्प्ले पर निर्भरता
- कम मात्रा का मतलब कम आय
- मरम्मत की सेवा में समय जाता है
कौन-से हुनर चाहिए
- सोल्डरिंग और PCB असेंबली
- ऑसिलोस्कोप और मल्टीमीटर से जाँच
- पुर्ज़ों की ख़रीद
- ख़ास डिस्प्ले बेचना
कठिनाई 2/5 क्यों: छोटा और आसान काम, पर आयात के सामने बेचना मुश्किल।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- घर
- दफ़्तर, स्कूल और दुकानें
- गिफ़्ट और इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानें
कैसे बिकता है
- इलेक्ट्रॉनिक्स और गिफ़्ट दुकानें
- ख़ास आकार के डिस्प्ले के सीधे ऑर्डर
जानने लायक
- डिजिटल घड़ियाँ 'दिन-ब-दिन लोकप्रिय' हो रही हैं (प्रोफ़ाइल)।
- डिस्प्ले ज़रूरत के हिसाब से किसी भी आकार का बन सकता है (प्रोफ़ाइल)।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| 10 MHz ऑसिलोस्कोप | 1 | — |
| डिजिटल मल्टीमीटर | 1 lot | — |
| ड्रिल मशीन (1/4 इंच) | 1 | — |
| फ़्रीक्वेंसी काउंटर (100 MHz) | 1 | — |
| रेगुलेटेड DC पावर सप्लाई (30 V, 2 A) | 1 | — |
| हाथ के औज़ार, जिग और फ़िक्सचर; दफ़्तर का सामान और फ़र्नीचर | 1 lot | — |
| सारे उपकरण और शुरुआती ख़र्च (प्रोफ़ाइल का कुल) | 1 set | ₹50,000 |
स्रोत: KVIC Project Profile — DIGITAL CLOCK (PMEGP)
- सर्किट के पुर्ज़े, LED/LCD डिस्प्ले, कैबिनेटपूरी क्षमता पर कच्चा माल ₹7.20 लाख सालाना
- लेबल और पैकिंग सामग्री₹25,000 सालाना
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- उद्यम (Udyam)
- GST
- अगर मॉडल अधिसूचित सूची में आता हो (जैसे बिजली से चलने वाली इलेक्ट्रॉनिक घड़ियाँ) तो अनिवार्य पंजीकरण योजना के तहत BIS पंजीकरण
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- MudraCentralचालू₹20 लाख तक कर्ज़, बिना कोलैटरल
- CM YUVAUPचालू₹5 लाख तक, बिना ब्याज
₹2.50 लाख की परियोजना: PMEGP और MUDRA (शिशु/किशोर) लागू; यूपी की CM-YUVA सीमा में।
§7पैसा
निवेश का आधार: KVIC प्रोफ़ाइल: उपकरण ₹50,000 (ऑसिलोस्कोप, मल्टीमीटर, ड्रिल, फ़्रीक्वेंसी काउंटर, DC पावर सप्लाई, हाथ के औज़ार और जिग, दफ़्तर का फ़र्नीचर, शुरुआती ख़र्च) + कार्यशील पूँजी ₹2,00,000 = ₹2,50,000। वर्कशेड किराए का।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹2.00 लाख — ज़्यादातर पुर्ज़े (कच्चा माल ₹7.20 लाख सालाना)।
KVIC प्रोफ़ाइल पर साल नहीं छपा है — मशीनों के आज के दाम ज़रूर पता करें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: ESC (Electronics and Computer Software Export Promotion Council)
- HS कोड WCO की HS 2022 सूची से हैं; 8 अंकों वाली ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।
- पहली खेप भेजने से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- पुर्ज़ों का दाम और उपलब्धता
- आयात से होड़
- ख़राब नगों की वापसी
- न बिकने वाले डिज़ाइनों का स्टॉक
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: डिजिटल घड़ी असेंबली की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam), GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
डिजिटल घड़ी असेंबली शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
