§1यह बिज़नेस क्या है
आप कंप्यूटर और लाइसेंस वाले डिज़ाइन सॉफ़्टवेयर के साथ दफ़्तर चलाते हैं। ग्राहक — आर्किटेक्ट, बिल्डर, इंजीनियरिंग फ़र्म और सरकारी विभाग — आपको वास्तु ड्रॉइंग, स्ट्रक्चरल और इंजीनियरिंग ड्रॉइंग, AutoCAD ड्राफ़्टिंग, 3D मॉडल, नक़्शों का डिजिटलीकरण और लोगो वेक्टर बनाने का काम देते हैं। रिपोर्ट में एक वास्तु ड्रॉइंग का काम ₹25,000, नक़्शा डिजिटलीकरण ₹20,000 और CAD ड्राफ़्टिंग व मॉडलिंग का काम ₹50,000 माना गया है।
क्षमता: पूरी क्षमता पर साल में ₹50 लाख का काम: हर महीने 4 वास्तु ड्रॉइंग, 6 नक़्शा डिजिटलीकरण और 4 CAD ड्राफ़्टिंग के काम।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
सिविल या मैकेनिकल इंजीनियर, आर्किटेक्ट या ड्राफ़्ट्समैन जो AutoCAD अच्छी तरह जानता हो और बिल्डरों या कंपनियों से संपर्क रखता हो।
किसके लिए नहीं
जो ड्रॉइंग की गुणवत्ता नहीं परख सकता — साइट पर एक ग़लत ड्रॉइंग ग्राहक का रिश्ता ख़त्म कर सकती है।
फ़ायदे
- मशीनें बहुत कम — ज़्यादातर कंप्यूटर और सॉफ़्टवेयर
- हर काम का मूल्य ऊँचा
- इंटरनेट से भारत या विदेश कहीं से भी काम आ सकता है
- बिल्डरों और सरकारी परियोजनाओं को हमेशा ड्रॉइंग चाहिए
नुकसान
- ज़्यादातर पैसा वेतन में जाता है
- लाइसेंस वाला सॉफ़्टवेयर महँगा है और हर साल नवीकरण चाहिए
- ग्राहक अक्सर कई बार मुफ़्त बदलाव माँगते हैं
- फ़्रीलांसरों से कड़ी प्रतिस्पर्धा
कौन-से हुनर चाहिए
- AutoCAD और 3D मॉडलिंग
- भवन नियम और इंजीनियरिंग मानक समझना
- टीम और समय-सीमा सँभालना
- आर्किटेक्ट, बिल्डर और कंपनियों में ग्राहक ढूँढना
कठिनाई 2/5 क्यों: मशीनें कम, पर ड्रॉइंग का हुनर और ग्राहकों का लगातार काम चाहिए।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- आर्किटेक्ट और बिल्डर
- इंजीनियरिंग और परियोजना परामर्श फ़र्म
- नक़्शा डिजिटलीकरण चाहने वाले सरकारी विभाग
कैसे बिकता है
- आर्किटेक्ट/इंजीनियरिंग फ़र्मों से सीधे अनुबंध
- ड्राफ़्टिंग काम की ऑनलाइन आउटसोर्सिंग
जानने लायक
- रिपोर्ट कहती है कि डिज़ाइन फ़ीस परियोजना के नियमों के अनुसार पेशेवरों में बँटती है।
- काम समय पर रखने के लिए लिखित कार्य-प्रक्रिया और नियमित प्रगति बैठकें करने की सलाह है।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| Windows और MS Office वाले कंप्यूटर | 5 | ₹1,35,000 |
| डिज़ाइन सॉफ़्टवेयर लाइसेंस | 5 | ₹80,000 |
| नेटवर्क लगाना | 1 | ₹10,000 |
| फ़िक्सचर और फ़िटिंग | 1 lot | ₹50,000 |
स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Drawing & Design Consultancy (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें
- डिज़ाइन सॉफ़्टवेयर लाइसेंस और अपडेटदी जाने वाली सेवाओं के अनुसार नवीकरण
- ड्रॉइंग की छपाईरिपोर्ट कहती है कि एजेंसियाँ छपाई किसी साझेदार से करवाती हैं
स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Drawing & Design Consultancy (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST
- दुकान और प्रतिष्ठान पंजीकरण
- जहाँ राज्य लगाता हो वहाँ व्यवसाय कर (प्रोफ़ेशनल टैक्स)
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- MudraCentralचालू₹20 लाख तक कर्ज़, बिना कोलैटरल
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
- Stand-Up IndiaCentralबंद₹10 लाख – ₹1 करोड़ कर्ज़
₹14.25 लाख की परियोजना PMEGP (सेवा इकाई ₹20 लाख तक) और MUDRA में आती है; ₹10.68 लाख का बैंक कर्ज़ SC/ST और महिला उद्यमियों के लिए Stand-Up India की ₹10 लाख–₹1 करोड़ सीमा में है।
§7पैसा
निवेश का आधार: प्लांट और मशीनरी ₹2.95 लाख (5 कंप्यूटर ₹1.35 लाख, 5 सॉफ़्टवेयर लाइसेंस ₹0.80 लाख, नेटवर्क ₹0.10 लाख, फ़िटिंग ₹0.50 लाख, आवेदन ख़र्च ₹0.20 लाख), फ़र्नीचर और बिजली ₹1.00 लाख, शुरुआती ख़र्च ₹0.30 लाख, कार्यशील पूँजी ₹10.00 लाख = ₹14.25 लाख। जगह किराए पर।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी तालिका का जोड़ ₹10.00 लाख (मार्जिन ₹4.38 लाख, बैंक ₹5.63 लाख) है, जबकि उसके ऊपर के पाठ में ₹1.69 लाख लिखा है — परियोजना लागत में ₹10.00 लाख लिया गया है।
दाम 2018 के हैं — मशीनों और निर्माण की लागत अब ज़्यादा होगी।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात परिषद / बोर्ड: Not verified yet
- अभी तक कोई HS कोड या निर्यात संस्था सरकारी सूची से जाँची नहीं गई है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- वेतन निकालने लायक ऑर्डर न मिलना
- ड्रॉइंग की ग़लती से साइट पर नुक़सान
- कर्मचारियों का ग्राहकों के साथ चले जाना
- सॉफ़्टवेयर लाइसेंस की लागत
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: ड्रॉइंग और डिज़ाइन परामर्श (CAD ड्राफ़्टिंग) की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
ड्रॉइंग और डिज़ाइन परामर्श (CAD ड्राफ़्टिंग) शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
