§1यह बिज़नेस क्या है

आप डायोड, पावर ट्रांज़िस्टर, रेज़िस्टर, कैपेसिटर, फ़ेराइट कोर, ताँबे का वाइंडिंग तार और प्रिंटेड सर्किट बोर्ड ख़रीदते हैं, उन्हें नक़्शे के हिसाब से बोर्ड पर सोल्डर करते हैं, कॉइल लपेटते हैं, बोर्ड को खोल में लगाते हैं, जाँचते हैं और पैक करते हैं। इलेक्ट्रॉनिक चोक ट्यूबलाइट को चालू करता और चलाता है, और प्रोफ़ाइल के अनुसार पुराने कॉइल वाले चोक से 35–40% बिजली बचाता है; इसी बेंच पर LED लाइट के अंदर लगने वाले रेक्टिफ़ायर बोर्ड भी बनते हैं। ख़रीदार हैं लाइट बनाने वाली कंपनियाँ, बिजली के सामान के थोक व्यापारी और दुकानें।

क्षमता: नगों में नहीं छपा; पूरी क्षमता पर ₹25.00 लाख सालाना बिक्री, शुरुआत 60% (₹15.00 लाख) से।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

इलेक्ट्रॉनिक्स डिप्लोमा या मरम्मत का अनुभव रखने वाला, जो लाइट कंपनियों या थोक व्यापारियों को बेच सके।

किसके लिए नहीं

इलेक्ट्रॉनिक्स की जानकारी न रखने वाला — जाँच और ख़राबी ढूँढना ही इस काम की जान है।

फ़ायदे

  • मशीनों का ख़र्च बहुत कम — ₹2.00 लाख, ज़्यादातर जाँच के उपकरण
  • बेंच पर जोड़ने का काम जिसे चार लोग चला सकते हैं
  • एक ही हुनर से चोक और LED ड्राइवर बोर्ड दोनों बनते हैं
  • बिजली के थोक व्यापारी लगातार ख़रीदते हैं

नुकसान

  • ट्यूबलाइट की जगह LED आ रही है, इसलिए चोक की माँग घट रही है
  • बड़ी कंपनियों और आयात के सामने कम मुनाफ़ा
  • कच्ची सोल्डरिंग और ख़राब पुर्ज़ों से माल लौटता है
  • परियोजना की आधी से ज़्यादा लागत कार्यशील पूँजी है

कौन-से हुनर चाहिए

  • PCB नक़्शा पढ़ना और सोल्डरिंग
  • कॉइल लपेटना
  • ऑसिलोस्कोप, LCR मीटर और मल्टीमीटर से जाँच
  • पुर्ज़े अच्छे दाम पर ख़रीदना

कठिनाई 2/5 क्यों: लगाना सस्ता और आसान है, पर बड़ी कंपनियों के सामने बेचना कठिन है।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • चोक और ड्राइवर बोर्ड ख़रीदने वाली लाइट कंपनियाँ
  • बिजली के सामान के थोक व्यापारी
  • बिजली के सामान की दुकानें

कैसे बिकता है

  • लाइट जोड़ने वालों को सीधी सप्लाई
  • बिजली के सामान के वितरक

जानने लायक

  • प्रोफ़ाइल को उम्मीद है कि इलेक्ट्रॉनिक चोक कॉइल वाले चोक की जगह पूरी तरह ले लेंगे।
  • प्रोफ़ाइल के अनुसार गुणवत्ता BIS मानक के हिसाब से।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
ऑसिलोस्कोप1₹0.50 lakh
डिजिटल मल्टीमीटर1₹0.25 lakh
कॉइल लपेटने की मशीन1₹0.20 lakh
LCR और Q मीटर1₹0.30 lakh
एनालॉग एम्पियर-वोल्ट-ओम मीटर, वाटमीटर, रिओस्टेट और छोटी ड्रिल मशीन1 सेट₹0.50 lakh
लगाना, बिजली फ़िटिंग, कर और ढुलाईएकमुश्त₹0.25 lakh

स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Energy Saving Choke / LED Lights (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें

  • डायोड (1N4007, 1N4148) और हाई-वोल्टेज स्विचिंग पावर ट्रांज़िस्टरइलेक्ट्रॉनिक पुर्ज़ों के डीलरों से
  • रेज़िस्टर, कैपेसिटर और प्रिंटेड सर्किट बोर्डपुर्ज़ों की सूची के हिसाब से
  • फ़ेराइट कोर और ताँबे का वाइंडिंग तारचोक की कॉइल के लिए
  • खोल, पेंच, कनेक्टर और लचीला तारखोल और वायरिंग के लिए

स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Energy Saving Choke / LED Lights (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. उद्यम (Udyam) पंजीकरण
  2. GST पंजीकरण
  3. तैयार LED लाइट बेचें तो LED लैंप और ल्यूमिनेयर के लिए BIS की अनिवार्य पंजीकरण योजना (CRS) में पंजीकरण
  4. अपने ब्रांड से लाइट बेचें तो ई-कचरा (प्रबंधन) नियमों के तहत विस्तारित उत्पादक ज़िम्मेदारी (EPR) पंजीकरण
  5. स्थानीय निकाय से ट्रेड लाइसेंस

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

₹7.37 लाख की निर्माण परियोजना पर PMEGP लागू होती है; MUDRA (किशोर/तरुण) पूरी लागत ढक लेता है; बिना गारंटी कर्ज़ के लिए CGTMSE।

§7पैसा

निवेश का आधार: प्लांट और मशीनरी (जाँच के उपकरण, कॉइल वाइंडर) ₹2.00 लाख + फ़र्नीचर और बिजली फ़िटिंग ₹1.00 लाख + शुरुआती ख़र्च ₹0.20 लाख + कार्यशील पूँजी ₹4.17 लाख = ₹7.37 लाख। जगह किराए की; ज़मीन या इमारत नहीं।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹4.17 लाख (स्टॉक ₹2.08 लाख, उधारी ₹1.04 लाख, ऊपरी ख़र्च ₹1.04 लाख); मार्जिन ₹1.82 लाख, बैंक ₹2.34 लाख। पैसा: मालिक ₹1.84 लाख, बैंक ₹5.53 लाख।

SIDBI स्टैंड-अप मित्र की प्रोफ़ाइल, 2018 में डाली गई (उस पर साल नहीं छपा) — आज दाम ज़्यादा होंगे; मौजूदा लागत पता करें।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें

8504.10डिस्चार्ज लैंप या ट्यूब के बैलास्ट8539.52LED लैंप

निर्यात परिषद / बोर्ड: ESC (Electronics and Computer Software Export Promotion Council)

  • माल भेजने से पहले 8 अंकों की ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की कर लें।
  • पहली खेप भेजने से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • ट्यूबलाइट चोक की घटती माँग
  • आयातित पुर्ज़ों के दामों में उतार-चढ़ाव
  • जल्दी ख़राबी से माल का लौटना
  • कुछ ब्रांड ख़रीदारों पर निर्भरता

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: इलेक्ट्रॉनिक चोक और LED लाइट असेंबली की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

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स्रोत

  1. SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Energy Saving Choke / LED Lights (2018)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।