§1यह बिज़नेस क्या है

क्राफ़्ट या दफ़्तरी काग़ज़ को डाई से काटकर ऑटोमैटिक लिफ़ाफ़ा मशीन में डाला जाता है जो उसे मोड़कर चिपकाती है — रिपोर्ट की मशीन घंटे में 8,000 लिफ़ाफ़े बनाती है और 70–120 gsm काग़ज़ लेती है। लिफ़ाफ़े पैक करके स्टेशनरी दुकानों और संस्थाओं को बेचे जाते हैं।

क्षमता: रोज़ 20,400 लिफ़ाफ़े; पहले साल 80%, बिक्री ₹119.54 लाख।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

स्टेशनरी या छपाई व्यापार का व्यक्ति जिसके संस्थागत ख़रीदार हों।

किसके लिए नहीं

जो सिर्फ़ खुदरा चिट्ठी वाले लिफ़ाफ़ों पर निर्भर रहना चाहता है।

फ़ायदे

  • दफ़्तर, बैंक, अदालतें और स्कूल रोज़ लिफ़ाफ़े इस्तेमाल करते हैं
  • ज़्यादातर काम एक ऑटोमैटिक मशीन करती है
  • 7 लोगों की छोटी टीम
  • छपे और ख़ास ऑर्डर वाले लिफ़ाफ़ों में ज़्यादा कमाई

नुकसान

  • ऊँचा ब्रेक-ईवन (57%)
  • कच्चा माल (ज़्यादातर काग़ज़) बिक्री का 70% से ज़्यादा
  • डिजिटल संचार से चिट्ठियाँ घट रही हैं
  • कई छोटे निर्माता दाम पर होड़ करते हैं

कौन-से हुनर चाहिए

  • मशीन सेट करना और डाई बनाना
  • काग़ज़ ख़रीद
  • संस्थागत और टेंडर बिक्री
  • छपाई से तालमेल

कठिनाई 2/5 क्यों: आसान मशीन का काम; जोखिम है ऊँचा ब्रेक-ईवन और काग़ज़ की लागत।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • दफ़्तर, बैंक और अदालतें
  • स्कूल और संस्थाएँ
  • बिल और डाक भेजने वाले व्यवसाय

कैसे बिकता है

  • स्टेशनरी दुकानें और थोक व्यापारी
  • सीधे संस्थागत ऑर्डर और टेंडर
  • लोगो छापने वाले प्रिंटर

जानने लायक

  • रिपोर्ट के अनुसार लिफ़ाफ़े डायरेक्ट मेल और महीने के स्टेटमेंट व बिल जैसी डाक में ख़ूब इस्तेमाल होते हैं।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
डाई पंच मशीन1₹2,50,000
पूरी तरह ऑटोमैटिक लिफ़ाफ़ा मशीन (70–120 gsm, घंटे में 8,000 लिफ़ाफ़े)1₹11,50,000

स्रोत: PMEGP sample project report — Envelope Manufacturing Unit (prepared by Udyami/Samadhan)

  • क्राफ़्ट और दफ़्तरी काग़ज़ के रोल/शीट150–200 शीट के गड्डों में डाला जाता है
  • गोंद
  • छपाई की स्याही
  • पैकिंग सामग्री

स्रोत: PMEGP sample project report — Envelope Manufacturing Unit (prepared by Udyami/Samadhan)

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. उद्यम (Udyam) पंजीकरण
  2. GST पंजीकरण
  3. स्थानीय निकाय से ट्रेड लाइसेंस
  4. फ़ैक्टरी लाइसेंस (रिपोर्ट में दर्ज)
  5. BIS प्रमाणन (रिपोर्ट में दर्ज)
  6. प्रदूषण विभाग का NOC (रिपोर्ट में दर्ज)

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

PMEGP लागू (रिपोर्ट उसी के लिए बनी); MUDRA में ₹20 लाख तक कर्ज़; CGTMSE से बैंक बिना गिरवी कर्ज़ दे सकता है।

§7पैसा

निवेश का आधार: प्लांट और मशीनरी ₹14.00 लाख, अन्य संपत्ति ₹2.00 लाख, कार्यशील पूँजी ₹6.47 लाख = ₹22.47 लाख। जगह किराए की।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹6.47 लाख, जिसमें बैंक कर्ज़ ₹5.82 लाख — ज़्यादातर काग़ज़ का स्टॉक।

रिपोर्ट पर साल नहीं छपा है — मशीनों के आज के दाम ज़रूर जाँचें।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

प्रोजेक्ट रिपोर्ट में HS कोड नहीं दिया है — निर्यात से पहले DGFT की वेबसाइट पर सही 8 अंकों का ITC(HS) कोड देखें।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • काग़ज़ के दाम बढ़ना
  • चिट्ठियों की माँग घटना
  • मशीन ख़राब होना
  • संस्थाओं से देर से भुगतान

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: लिफ़ाफ़ा बनाने की इकाई की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

लिफ़ाफ़ा बनाने की इकाई शुरू करना है?

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स्रोत

  1. PMEGP sample project report — Envelope Manufacturing Unit (prepared by Udyami/Samadhan)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।