§1यह बिज़नेस क्या है
सफ़ेद बत्तख़ के पंख छाँटे, धोए, चमकाए, सुखाए और 3 इंच काटे जाते हैं। कॉर्क में 16 छेद करके पंख चिपकाए जाते हैं, सूती धागे से बाँधे जाते हैं, जिलेटिन लगाया जाता है और रिबन व ब्रांड स्टिकर लगता है। हर शटल तौली जाती है (इनडोर के लिए 70–74 ग्रेन, आउटडोर के लिए 82–86) और दस-दस की रोल में पैक होती है।
क्षमता: प्रति वर्ष 12,000 रोल (एक रोल में 10 शटल), हर महीने 1,000 रोल; पहले साल 60% पर 7,200 रोल।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
खेल सामान क्लस्टर के पास रहने वाला, जो क्लबों, स्कूलों और खेल की दुकानों को बेच सके।
किसके लिए नहीं
जो बारीक, दोहराव वाला हाथ का काम और गुणवत्ता जाँच न संभाल सके।
फ़ायदे
- शटल जल्दी घिसती है, इसलिए ख़रीदार बार-बार लौटते हैं
- मशीनें कम (₹2.04 लाख) और बिजली सिर्फ़ 2 HP
- रिपोर्ट के अनुसार प्रदूषण नहीं
- जालंधर, मेरठ, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में जमे-जमाए क्लस्टर
नुकसान
- कच्चे माल का ज़्यादातर ख़र्च बत्तख़ के पंखों पर
- हर शटल को हाथ से ध्यान से तौलना और संतुलित करना पड़ता है
- रिपोर्ट के अनुसार गुणवत्ता और लागत के कारण निर्यात बहुत कम
- मुर्गी के पंख वाली सस्ती शटल दाम पर टक्कर देती है
कौन-से हुनर चाहिए
- पंख छाँटना और काटना
- शटल तौलना और संतुलित करना
- गुणवत्ता नियंत्रण
- क्लबों और खेल दुकानों को बेचना
कठिनाई 2/5 क्यों: औज़ार सरल, पर गुणवत्ता और वज़न ही तय करते हैं कि खिलाड़ी दोबारा ख़रीदें।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- बैडमिंटन खिलाड़ी — पुरुष, महिलाएँ और बच्चे
- क्लब, स्कूल और सरकारी व निजी खेल संस्थाएँ
कैसे बिकता है
- खेल सामान के थोक व्यापारी और दुकानें
- क्लबों और अकादमियों को सीधी आपूर्ति
जानने लायक
- रिपोर्ट के अनुसार मुर्गी की तुलना में बत्तख़ के पंख वाली शटल की माँग ज़्यादा है।
- रिपोर्ट के अनुसार केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, यूपी और पूर्वोत्तर में माँग है; पश्चिम बंगाल में ज़्यादातर सर्दियों में।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| कॉर्क में छेद करने की ड्रिल मशीन (¼, 0.5 HP मोटर) | 1 | ₹7,500 |
| हैंड प्रेस डबल-कैंची पंख काटने की मशीन | 2 | ₹20,000 (₹10,000 each) |
| तौल काँटा | 1 | ₹10,000 |
| औज़ार और उपकरण | LS | ₹3,000 |
| डिस्क और बेल्ट सैंडिंग मशीन, 1200 × 150 mm, 0.5 HP | 1 | ₹20,000 |
| पेडेस्टल ग्राइंडर, 200 mm पहिया, 0.5 HP | 1 | ₹10,000 |
| सरफ़ेस ग्राइंडर, टेबल 550 × 200 mm, 1 HP | 1 | ₹65,000 |
| वर्क बेंच, वाइस, हाथ के औज़ार, डाई, पंच, नापने के औज़ार | LS | ₹50,000 |
| मशीन लगाना और बिजली फ़िटिंग (मशीनों का 10%) | LS | ₹18,550 |
स्रोत: PMEGP sample project report — Feather Shuttle Cock (prepared by Udyami/Samadhan)
- सफ़ेद बत्तख़ के पंखहर शटल में 16; प्रति वर्ष 19,20,000 पंख, ₹2 की दर से = ₹38.40 लाख
- कॉर्क आधार (1 × 1 इंच)प्रति वर्ष 1,20,000, ₹3 की दर से = ₹3.60 लाख
- निचली टोपी के लिए सफ़ेद भेड़ की खाल (क्रस्ट)960 वर्ग फ़ुट, ₹150 की दर से = ₹1.44 लाख
- गोंद, जिलेटिन, सूती धागा, रॉबिन ब्लू, डिटर्जेंट₹12,000 प्रति वर्ष
- बेलनाकार पैकिंग डिब्बे12,000, ₹15 की दर से = ₹1.80 लाख
स्रोत: PMEGP sample project report — Feather Shuttle Cock (prepared by Udyami/Samadhan)
Building Business Bazaar में सप्लायर
Process cum Product Development Centre (PPDC), Meerut · Meerut →Turner and Tools · Kolkata →Turnwell Machine Tools · Kolkata →Ananda Shuttle Cock · Jalandhar →Autar Engg. Works · Jalandhar →Charan Singh Mistri · Jalandhar →K.C. Verma · Jalandhar →Nandi and Co · Howrah →
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST पंजीकरण
- स्थानीय निकाय से ट्रेड लाइसेंस
- अपने ब्रांड का ट्रेडमार्क (वैकल्पिक)
- शटलकॉक का BIS मानक — रिपोर्ट इसे पढ़ने की सलाह देती है (लाइसेंस नहीं)
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- MudraCentralचालू₹20 लाख तक कर्ज़, बिना कोलैटरल
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
- Stand-Up IndiaCentralबंद₹10 लाख – ₹1 करोड़ कर्ज़
रिपोर्ट PMEGP मार्जिन मनी के लिए बनी है; ₹12.00 लाख पर MUDRA, CGTMSE और स्टैंड-अप इंडिया भी लागू।
§7पैसा
निवेश का आधार: भवन व निर्माण (1,500 वर्ग फ़ुट) ₹3.00 लाख + मशीनरी ₹2.04 लाख + फ़र्नीचर ₹1.00 लाख + शुरुआती ख़र्च ₹0.26 लाख + कार्यशील पूँजी ₹5.70 लाख = ₹12.00 लाख। वित्त: अपना ₹1.20 लाख, टर्म लोन ₹5.67 लाख, कार्यशील पूँजी लोन ₹5.13 लाख।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹5.70 लाख (बैंक ₹5.13 लाख)। पूरी क्षमता पर कच्चा माल ₹45.36 लाख प्रति वर्ष — अकेले बत्तख़ के पंख ₹38.40 लाख।
रिपोर्ट पर साल नहीं छपा है — मशीनों के आज के दाम ज़रूर पता करें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: Sports Goods Export Promotion Council (SGEPC)
- HS कोड WCO की HS 2022 सूची से हैं; 8 अंकों वाली ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।
- पहली खेप भेजने से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- पंखों की आपूर्ति और दाम
- उड़ान ख़राब होने पर माल लौटना
- मौसमी माँग
- नायलॉन (सिंथेटिक) शटल से मुक़ाबला
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: पंख वाली शटलकॉक बनाना की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
पंख वाली शटलकॉक बनाना शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
