§1यह बिज़नेस क्या है
रद्दी काग़ज़ या सूती कतरन को काटकर, कूटकर लुगदी बनाई जाती है, हौज़ से शीट उठाई जाती है, हाइड्रोलिक प्रेस में दबाई, सुखाई और कैलेंडर करके नाप से काटी जाती है। इन शीटों से लिफ़ाफ़े, फ़ाइलें, विज़िटिंग कार्ड, गिफ़्ट रैप और थैले बनते हैं। ख़रीदार हैं स्टेशनरी और गिफ़्ट बनाने वाले, निर्यातक और खादी भंडार।
क्षमता: छोटी रिपोर्ट में रोज़ 45 रिम (हर रिम 100 शीट); कतरन वाली रिपोर्ट में रोज़ 0.08 टन, साल का 24 टन।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
जो काग़ज़ के उत्पाद — स्टेशनरी, गिफ़्ट पैक, थैले — डिज़ाइन करके बेच सके, सिर्फ़ शीट नहीं।
किसके लिए नहीं
पानी की कमी वाली जगह पर या पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों के बाज़ार के बिना।
फ़ायदे
- कच्चा माल रद्दी काग़ज़ या सूती कतरन — सस्ता और भरपूर
- पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद, निर्यात में माँग
- महिलाओं सहित स्थानीय अकुशल लोगों को सिखाया जा सकता है
- KVIC लंबे समय से इस शिल्प को बढ़ावा देता है
नुकसान
- पानी और सुखाने की जगह बहुत चाहिए
- मिल के काग़ज़ के मुक़ाबले उत्पादन धीमा
- सादी शीट नहीं, डिज़ाइन वाले उत्पाद बेचने पड़ते हैं
- लुगदी के गंदे पानी का निपटारा ज़रूरी
कौन-से हुनर चाहिए
- लुगदी बनाना और शीट ढालना
- रंग और बनावट पर नियंत्रण
- उत्पाद डिज़ाइन (स्टेशनरी, थैले)
- निर्यात और गिफ़्ट व्यापार में बिक्री
कठिनाई 2/5 क्यों: प्रक्रिया आसान; असली काम पानी सँभालने और तैयार उत्पाद बेचने में है।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- स्टेशनरी, फ़ाइल और लिफ़ाफ़ा बनाने वाले
- गिफ़्ट रैप और काग़ज़ के थैले बनाने वाले
- हस्तनिर्मित काग़ज़ उत्पादों के निर्यातक
- खादी और शिल्प भंडार
कैसे बिकता है
- उत्पाद बनाने वालों और निर्यातकों को सप्लाई
- खादी भंडार और शिल्प मेले
- अपने ब्रांड के उत्पाद ऑनलाइन
जानने लायक
- कतरन वाली रिपोर्ट में काग़ज़ ₹3,00,000 प्रति टन बिकता है।
- छोटी रिपोर्ट अमेरिका, जर्मनी, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया से निर्यात माँग बताती है।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| पेपर श्रेडर | 1 | ₹20,000 |
| पेपर पल्पर (लुगदी मशीन) | 1 | ₹70,000 |
| डी-इंकिंग मशीन | 1 | ₹2,50,000 |
| काग़ज़ का हौज़ | 1 | ₹60,000 |
| हाइड्रोलिक प्रेस | 1 | ₹1,50,000 |
| कैलेंडरिंग मशीन | 1 | ₹2,00,000 |
| काग़ज़ काटने की मशीन | 1 | ₹1,50,000 |
| कतरन काटने की मशीन | 1 | ₹70,000 |
| हॉलैंडर बीटर | 1 | ₹2,85,000 |
| ऑटो हौज़ | 4 | ₹1,60,000 (₹40,000 each) |
| हाइड्रोलिक प्रेस | 1 | ₹2,75,000 |
| कैलेंडरिंग मशीन | 1 | ₹4,25,000 |
| कटिंग मशीन | 1 | ₹3,50,000 |
| तराज़ू | 1 | ₹10,000 |
स्रोत: PMEGP sample project report — Handmade Paper (prepared by Udyami/Samadhan) · PMEGP sample project report — Handmade Paper from Waste (prepared by Udyami/Samadhan)
- रद्दी काग़ज़₹14.67 लाख रिपोर्ट का मुख्य कच्चा माल, साथ में पानी, CMC पाउडर, रंग और रसायन
- सूती होज़री कतरन और जींस की कतरन24 टन काग़ज़ के लिए साल का 30 टन, ₹80,000 प्रति टन (₹25 लाख रिपोर्ट)
- गोंद और रंगपूरी क्षमता पर साल का ₹2.40 लाख (₹25 लाख रिपोर्ट)
स्रोत: PMEGP sample project report — Handmade Paper (prepared by Udyami/Samadhan) · PMEGP sample project report — Handmade Paper from Waste (prepared by Udyami/Samadhan)
कच्चे माल के डेटाबेस में
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- उद्यम (Udyam)
- GST
- राज्य प्रदूषण बोर्ड की सहमति (लुगदी का गंदा पानी)
- निर्यात के लिए IEC
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- MudraCentralचालू₹20 लाख तक कर्ज़, बिना कोलैटरल
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
- Stand-Up IndiaCentralबंद₹10 लाख – ₹1 करोड़ कर्ज़
₹14.67–25 लाख की परियोजनाएँ PMEGP (₹25 लाख रिपोर्ट में KVIC मार्जिन मनी लिखी है) और CGTMSE में आती हैं; छोटी वाली MUDRA (₹20 लाख तक) में; SC/ST या महिला उद्यमी के लिए Stand-Up India।
§7पैसा
निवेश का आधार: हस्तनिर्मित काग़ज़ रिपोर्ट ₹14.67 लाख: मशीनरी ₹9.00 लाख, फ़र्नीचर ₹0.30 लाख, कार्यशील पूँजी ₹5.37 लाख (जगह अपनी/किराए की)। रद्दी से हस्तनिर्मित काग़ज़ रिपोर्ट ₹25.00 लाख: भवन और निर्माण (4,000 वर्ग फ़ुट) ₹2.00 लाख, मशीनरी ₹15.75 लाख, फ़र्नीचर ₹0.25 लाख, शुरुआती ख़र्च ₹0.40 लाख, कार्यशील पूँजी ₹6.61 लाख।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): ₹5.37 लाख और ₹6.61 लाख — 15 से 30 दिन का कच्चा माल और तैयार काग़ज़।
रिपोर्ट पर साल नहीं छपा है — मशीनों के आज के दाम ज़रूर पता करें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: CAPEXIL / EPCH (for paper craft products)
- भेजने से पहले सही 8-अंकीय कोड और निर्यात परिषद DGFT ITC-HS सूची में देखें।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- पानी और गंदे पानी की समस्या
- सादी शीट की कमज़ोर माँग
- बारिश में सुखाई धीमी
- कुछ निर्यात ख़रीदारों पर निर्भरता
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: हस्तनिर्मित काग़ज़ इकाई की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam), GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
हस्तनिर्मित काग़ज़ इकाई शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
- PMEGP sample project report — Handmade Paper (prepared by Udyami/Samadhan)
- PMEGP sample project report — Handmade Paper from Waste (prepared by Udyami/Samadhan)
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
