§1यह बिज़नेस क्या है

सूखी जड़ी-बूटियों को पल्वराइज़र में बहुत बारीक (400 मेश) पीसकर मुल्तानी मिट्टी जैसे आधार में मिलाया और पैक किया जाता है। क्रीम और तेल वाली किस्मों में मोम और तेल गर्म करके आधार बनाया जाता है, फिर जड़ी-बूटियों का अर्क, परिरक्षक, रंग और ख़ुशबू मिलाई जाती है। मेहंदी लाल-नारंगी रंग देती है; मेहंदी के ऊपर नील लगाने से भूरा से काला रंग आता है। ख़रीदार हैं जनरल और सौंदर्य-प्रसाधन की दुकानें, ब्यूटी पार्लर और सरकारी कैंटीन भंडार।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

परखे हुए फ़ॉर्मूले और दुकानों-पार्लरों तक पहुँच वाला विज्ञान स्नातक (प्रोफ़ाइल विज्ञान को बेहतर मानती है)।

किसके लिए नहीं

जो पहले साल से मुनाफ़ा चाहे या जिसकी टीम में केमिस्ट न हो।

फ़ायदे

  • ख़रीदार हर्बल चीज़ों की ओर जा रहे हैं जिन्हें वे सुरक्षित मानते हैं
  • मेहंदी, आँवला और नील भारत में उगते हैं
  • सादी मशीनें: पल्वराइज़र, ड्रायर, मिक्सर, पैकर
  • सरकारी कैंटीन भंडारों (रक्षा, रेलवे) को सप्लाई हो सकती है

नुकसान

  • प्रोफ़ाइल में लाभ से पहले दो साल घाटा
  • मज़बूत ब्रांडों से भरा बाज़ार
  • सौंदर्य-प्रसाधन बनाने का लाइसेंस और लैब जाँच ज़रूरी
  • त्वचा पर असर होने से शिकायतें आ सकती हैं

कौन-से हुनर चाहिए

  • हर्बल फ़ॉर्मूला बनाना
  • गुणवत्ता और त्वचा-सुरक्षा जाँच
  • पैकेजिंग और ब्रांड बनाना
  • दुकानों और पार्लरों को बिक्री

कठिनाई 3/5 क्यों: प्लांट छोटा है, पर लाइसेंस, अच्छा फ़ॉर्मूला और ब्रांड बनाने में समय लगता है।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • जनरल और सौंदर्य-प्रसाधन की दुकानें
  • ब्यूटी पार्लर और सैलून
  • सरकारी कैंटीन भंडार (रक्षा, रेलवे और अन्य विभाग)

कैसे बिकता है

  • खुदरा दुकानों तक वितरक
  • कैंटीन भंडारों को सीधी सप्लाई

जानने लायक

  • प्रोफ़ाइल मानती है कि भारत में बालों की डाई की माँग हर साल लगभग 5% बढ़ेगी।
  • प्रोफ़ाइल में पूरी क्षमता पर साल की बिक्री ₹48.00 लाख है।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
माइल्ड स्टील वैट, 1,000 किलो क्षमता1₹0.40 lakh
ट्रे ड्रायर, 96 ट्रे, निकास पंखा और हीटिंग के साथ1₹1.00 lakh
पल्वराइज़र, एक पाली में 400 मेश का 100 किलो पाउडर2₹2.00 lakh
आसवन उपकरण, छलनियाँ, पैकिंग मशीन, मिलाने के बर्तन और फ़िल्टर1 लॉट₹2.60 lakh
लगाने और बिजली का काम—₹0.50 lakh
कर और ढुलाई—₹0.50 lakh

स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Hair Dye (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें

  • रंग देने वाली जड़ी-बूटियाँ — मेहंदी, नील, आँवला, कैसिया, हल्दी आदिप्रोफ़ाइल इन्हें पारंपरिक पौधों वाले रंग बताती है; मिश्रण फ़ॉर्मूले से तय होता है
  • आधार पाउडर — मुल्तानी मिट्टी या मसूर दाल का आटापिसी जड़ी-बूटियों को हल्का करने के लिए
  • मधुमक्खी का मोम, पैराफ़िन और तेलक्रीम और तेल वाली किस्मों के लिए
  • परिरक्षक, रंग और ख़ुशबूक्रीम में आख़िर में मिलाए जाते हैं

स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Hair Dye (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. राज्य औषधि नियंत्रक से सौंदर्य-प्रसाधन बनाने का लाइसेंस (कॉस्मेटिक्स नियम, 2020)
  2. उद्यम (Udyam) पंजीकरण
  3. GST पंजीकरण
  4. पैक माल के लिए लीगल मेट्रोलॉजी (नाप-तौल) पंजीकरण
  5. जहाँ लागू हो, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

PMEGP ₹50 लाख तक की विनिर्माण परियोजना पर लागू; ₹18.98 लाख का बैंक कर्ज़ MUDRA की सीमा में है; SC/ST या महिला उद्यमी के लिए स्टैंड-अप इंडिया; बिना गिरवी कर्ज़ के लिए CGTMSE।

§7पैसा

निवेश का आधार: ज़मीन ₹2.00 लाख + भवन ₹5.00 लाख + प्लांट और मशीनरी ₹7.00 लाख + फ़र्नीचर और बिजली फ़िटिंग ₹1.00 लाख + शुरुआती ख़र्च ₹0.70 लाख + कार्यशील पूँजी ₹9.60 लाख = ₹25.30 लाख। बैंक कर्ज़ ₹18.98 लाख, अपना हिस्सा ₹6.33 लाख।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹9.60 लाख (माल ₹4.80 लाख, उधार वसूली ₹2.40 लाख, ऊपरी ख़र्च ₹2.40 लाख); इसमें ₹5.40 लाख बैंक देता है।

दाम 2018 के हैं — मशीनों और चलाने का ख़र्च अब ज़्यादा होगा।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें

3305.90बालों पर लगाने की तैयारियाँ — अन्य

निर्यात परिषद / बोर्ड: CHEMEXCIL (Basic Chemicals, Cosmetics & Dyes Export Promotion Council)

  • माल भेजने से पहले 8 अंकों वाली ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।
  • पहली खेप से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • सौंदर्य-प्रसाधन नियमों के तहत लाइसेंस या लेबल की दिक़्क़त
  • जड़ी-बूटियों की गुणवत्ता और दाम का उतार-चढ़ाव
  • ब्रांडों से मुक़ाबला
  • शुरू में धीमी बिक्री

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: हर्बल बालों की डाई बनाना की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (राज्य औषधि नियंत्रक से सौंदर्य-प्रसाधन बनाने का लाइसेंस (कॉस्मेटिक्स नियम, 2020), उद्यम (Udyam) पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

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स्रोत

  1. SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Hair Dye (2018)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।