§1यह बिज़नेस क्या है
चीनी बारीक पीसकर छानी जाती है, पानी के साथ लेई बनती है, छलनी पर रगड़कर दाने बनते हैं, ट्रे ड्रायर में सुखाए जाते हैं और कोटिंग पैन में मनचाहे आकार तक चढ़ाए जाते हैं। होम्योपैथिक डॉक्टर और दवा दुकानें इन गोलियों में तरल दवा भिगोती हैं। रिपोर्ट थोक व्यापारियों को बेचने की सलाह देती है।
क्षमता: रोज़ 0.47 MT, साल में 140 MT (8 घंटे की एक पाली); पहले साल 65%, फिर 85% तक।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
फ़ार्मासिस्ट या होम्योपैथी व्यापार से जुड़ा व्यक्ति जो थोक व्यापारियों को जानता हो।
किसके लिए नहीं
जो दवा लाइसेंस की काग़ज़ी कार्रवाई नहीं करना चाहता।
फ़ायदे
- सिर्फ़ एक कच्चा माल — चीनी
- होम्योपैथी से लगातार माँग
- आसान, कम प्रदूषण वाली प्रक्रिया
- रिपोर्ट के अनुसार लागत और बिक्री दाम में बड़ा अंतर
नुकसान
- दवा और आयुष नियम लागू
- थोक व्यापारियों को उधार पर बेचना पड़ता है
- चीनी के दाम बदलने से मार्जिन पर असर
- नमी से गोलियाँ ख़राब
कौन-से हुनर चाहिए
- दाने बनाना और कोटिंग
- नमी नियंत्रण और भंडारण
- दवा लाइसेंस का पालन
- होम्योपैथी थोक व्यापारियों को बिक्री
कठिनाई 2/5 क्यों: प्रक्रिया आसान; मुख्य रुकावट दवा लाइसेंस और थोक उधारी।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- होम्योपैथिक दवा के थोक व्यापारी
- होम्योपैथिक डॉक्टर और दवा दुकानें
- होम्योपैथिक दवा निर्माता
कैसे बिकता है
- थोक व्यापारी (रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ़ थोक में बेचें)
जानने लायक
- रिपोर्ट के अनुसार होम्योपैथिक दवा मीठी गोलियों या पानी के साथ ली जाती है, इसलिए गोलियों की माँग होम्योपैथी की माँग के साथ चलती है।
- रिपोर्ट घरेलू नियमों पर खरी उतरने वाली इकाइयों के लिए आयुष मानक चिह्न (AYUSH Standard Mark) प्रमाणन का ज़िक्र करती है।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| 5 HP मोटर सहित चीनी ग्राइंडर | 1 | ₹1,25,000 |
| ट्रे ड्रायर, 26 ट्रे, बिजली से गर्म, तापमान नियंत्रक सहित | 1 | ₹2,00,000 |
| अलग-अलग जाली की छलनियाँ | 3 | ₹45,000 (₹15,000 each) |
| मोटर और पंच सहित टैबलेट मशीन | 1 | ₹1,10,000 |
| हीटर और एयर ब्लोअर सहित SS कोटिंग पैन | 1 | ₹1,25,000 |
| 13 छलनियों वाला डिग्रेडर, 3 HP, 100 kg प्रति घंटा | 1 | ₹2,50,000 |
| तराज़ू | 1 | ₹20,000 |
| लैब उपकरण, काँच के बर्तन और सीलिंग मशीन | 1 lot | ₹50,000 |
| स्थापना और बिजली फ़िटिंग | — | ₹75,000 |
स्रोत: PMEGP sample project report — Sugar Globules (prepared by Udyami/Samadhan)
- चीनीपूरी क्षमता पर साल में 150 MT, ₹32,000 प्रति MT = ₹48 लाख
- पॉलिथीन थैले और रंग की चमक के योजकसाल में ₹1 लाख
स्रोत: PMEGP sample project report — Sugar Globules (prepared by Udyami/Samadhan)
Building Business Bazaar में सप्लायर
Amba Engineers · Ahmedabad →Ambica Machine Tools · Ahmedabad →Cip Machines Pvt. Ltd · Ahmedabad →Darshan Chaudhry · Delhi →Pharma Each · Kolkata →Pioneer Engineering Co · Mumbai →Railas Machine Tools · Ahmedabad →Cip Machineries Pvt. Ltd · Ahmedabad →Kailas Machine Tools · Ahmedabad →Pharma Mach · Kolkata →
कच्चे माल के डेटाबेस में
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- उद्यम (Udyam)
- GST
- राज्य औषधि लाइसेंसिंग प्राधिकरण से होम्योपैथिक दवा निर्माण लाइसेंस (औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम)
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से NOC (रिपोर्ट में माँगी गई)
- अपने ब्रांड का ट्रेडमार्क (वैकल्पिक)
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
- Stand-Up IndiaCentralबंद₹10 लाख – ₹1 करोड़ कर्ज़
PMEGP (रिपोर्ट उसी के लिए बनी), बिना गिरवी कर्ज़ के लिए CGTMSE, SC/ST या महिला उद्यमियों के लिए Stand-Up India।
§7पैसा
निवेश का आधार: PMEGP नमूना रिपोर्ट: मशीनरी ₹10.00 लाख, फ़र्नीचर ₹0.58 लाख, शुरुआती ख़र्च ₹0.75 लाख, कार्यशील पूँजी ₹10.67 लाख = ₹22.00 लाख। 2,500 वर्ग फ़ुट ज़मीन और 2,000 वर्ग फ़ुट इमारत किराए की या अपनी (अनुमानों में किराया ₹2.40 लाख साल)।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹10.67 लाख (बैंक ₹8.00 लाख); सबसे बड़ा हिस्सा उधारी का, क्योंकि थोक व्यापारी उधार पर ख़रीदते हैं।
रिपोर्ट पर साल नहीं छपा — मशीनों के आज के दाम जाँच लें।
§8निर्यात की संभावना
रिपोर्ट में HS कोड नहीं है; निर्यात से पहले DGFT या कस्टम ब्रोकर से पूछें कि होम्योपैथी की सादी मीठी गोलियाँ किस कोड में आती हैं।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- लाइसेंस या गुणवत्ता में चूक
- चीनी के दाम अचानक बढ़ना
- नमी से नुक़सान
- थोक व्यापारियों को दी गई उधारी
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: होम्योपैथिक मीठी गोलियाँ (शुगर ग्लोब्यूल्स) इकाई की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam), GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
होम्योपैथिक मीठी गोलियाँ (शुगर ग्लोब्यूल्स) इकाई शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
