§1यह बिज़नेस क्या है
रसोई जैसी एक छोटी इकाई अनाज और सब्ज़ियाँ साफ़ करती है, मसाले तैयार करती है, हर व्यंजन को तय नुस्ख़े से पकाती है, फिर उसे सुरक्षित रखकर 100–500 ग्राम के पैकेट में भरती है। प्रोफ़ाइल में सांभर चावल, पालक पनीर, दाल मखनी, वेज पुलाव, राजमा चावल, उपमा और पाव भाजी जैसे व्यंजन गिनाए गए हैं। ख़रीदार हैं कामकाजी परिवार, विद्यार्थी और वे युवा जिनके पास पकाने का समय कम है; बिक्री किराना दुकानों, सुपरमार्केट और ऑनलाइन विक्रेताओं से होती है।
क्षमता: रोज़ 400 पैकेट, औसत दाम ₹45 प्रति पैकेट (पूरी क्षमता पर साल की बिक्री ₹54.00 लाख)।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
परखे हुए नुस्ख़ों और वितरकों से जान-पहचान वाला रसोइया या फ़ूड-टेक्नोलॉजी स्नातक।
किसके लिए नहीं
जो पैकेजिंग, शेल्फ़-लाइफ़ जाँच और दुकान-दुकान बिक्री पर ख़र्च न कर सके।
फ़ायदे
- कामकाजी परिवार जल्दी परोसा जाने वाला घर जैसा खाना चाहते हैं
- रसोई के सादे उपकरण — भारी प्लांट नहीं
- स्थानीय पसंद के क्षेत्रीय व्यंजन जोड़े जा सकते हैं
- प्रोफ़ाइल में लगभग एक-तिहाई क्षमता पर ब्रेक-ईवन
नुकसान
- बिना परिरक्षक (प्रिज़र्वेटिव) के लंबी शेल्फ़-लाइफ़ पाना कठिन
- बड़े राष्ट्रीय ब्रांड पहले से सुपरमार्केट में हैं
- प्रोफ़ाइल में पहले साल घाटा दिखाया गया है
- हर बैच का स्वाद एक जैसा रखना ज़रूरी
कौन-से हुनर चाहिए
- नुस्ख़े पक्के करना ताकि हर बैच का स्वाद एक जैसा रहे
- खाद्य सुरक्षा और शेल्फ़-लाइफ़ जाँच
- पैकेजिंग और लेबल
- दुकानों और ऑनलाइन बिक्री
कठिनाई 3/5 क्यों: पकाना आसान है, पर शेल्फ़-लाइफ़, एक जैसा स्वाद और दुकानों तक पहुँचना कठिन है।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- कम समय वाले कामकाजी परिवार और विद्यार्थी
- महानगरों और कस्बों के घर
कैसे बिकता है
- वितरकों के ज़रिए किराना दुकानें और सुपरमार्केट
- ऑनलाइन किराना और खाद्य विक्रेता
जानने लायक
- प्रोफ़ाइल प्रसंस्कृत खाने के सबसे बड़े बाज़ार पश्चिम भारत (मुंबई) और उत्तर भारत (दिल्ली NCR, चंडीगढ़) बताती है।
- प्रोफ़ाइल में पूरी क्षमता पर साल की बिक्री ₹54.00 लाख है।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| कुकर, बर्तन, छिलका उतारने की मशीन और गूदा निकालने के उपकरण | 10 | ₹5.00 lakh |
| बर्नर, ओवन और चूल्हे | 5 | ₹3.75 lakh |
| पीसने, मिलाने और जूस निकालने की मशीन | 1 | ₹1.25 lakh |
| जाँच और पैकिंग उपकरण | 1 लॉट | ₹1.00 lakh |
| सहायक (यूटिलिटी) उपकरण | 1 लॉट | ₹0.25 lakh |
| लगाने, कर और ढुलाई का ख़र्च | — | ₹0.75 lakh |
स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Instant & Precooked Food Mixes (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें
- अनाज, दालें और चावलज़रूरी गुणवत्ता के; बाज़ार में आसानी से मिलते हैं
- मसाले और खाने का तेलस्थानीय ख़रीद; एक जैसी गुणवत्ता से ही स्वाद तय होता है
- पैकिंग सामग्रीसाफ़-सुथरे, आकर्षक पैकेट
स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Instant & Precooked Food Mixes (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- FSSAI लाइसेंस या पंजीकरण
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST पंजीकरण
- FSSAI पैकेजिंग और लेबल नियम
- जहाँ लागू हो, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति
- स्थानीय निकाय का ट्रेड लाइसेंस
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMFMECentralअस्पष्ट35% सब्सिडी, अधिकतम ₹10 लाख
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- Stand-Up IndiaCentralबंद₹10 लाख – ₹1 करोड़ कर्ज़
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
PMFME (₹10 लाख तक 35% सब्सिडी) खाद्य इकाई के लिए ठीक है; PMEGP ₹50 लाख तक की विनिर्माण परियोजना पर लागू; SC/ST या महिला उद्यमी के लिए स्टैंड-अप इंडिया; बिना गिरवी कर्ज़ के लिए CGTMSE।
§7पैसा
निवेश का आधार: प्लांट और मशीनरी ₹12.00 लाख + फ़र्नीचर और अन्य उपकरण ₹3.00 लाख + शुरुआती ख़र्च ₹1.20 लाख + कार्यशील पूँजी मार्जिन ₹10.80 लाख = ₹27.00 लाख। ज़मीन या भवन नहीं (जगह किराए की)। बैंक कर्ज़ ₹20.25 लाख, अपना हिस्सा ₹6.75 लाख।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹10.80 लाख (माल ₹5.40 लाख, उधार वसूली ₹2.70 लाख, ऊपरी ख़र्च ₹2.70 लाख); इसमें से ₹6.08 लाख बैंक देता है।
दाम 2018 के हैं — मशीनों और चलाने का ख़र्च अब ज़्यादा होगा।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: APEDA
- माल भेजने से पहले 8 अंकों वाली ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।
- पहली खेप से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- ख़राब पैकेट और वापसी
- राष्ट्रीय ब्रांडों से मुक़ाबला
- अनाज, तेल और पैकिंग के बढ़ते दाम
- पहले साल धीमी बिक्री
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: इंस्टेंट और पहले से पके खाने के पैकेट की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (FSSAI लाइसेंस या पंजीकरण, उद्यम (Udyam) पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
इंस्टेंट और पहले से पके खाने के पैकेट शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
