§1यह बिज़नेस क्या है
इकट्ठा दूध पाश्चराइज़ करके 4 °C तक ठंडा किया जाता है, फिर भाप वाली जैकेट की खोया मशीनों में लगातार चलाते हुए तब तक औटाया जाता है जब तक वह गाढ़ा होकर कड़ाही की दीवारें न छोड़ दे; फिर ठंडा करके वैक्यूम पैक किया जाता है। DPR के अनुसार एक बैच में 100 लीटर गाय का दूध (4.5% फ़ैट) या 80 लीटर भैंस का दूध (5.5% फ़ैट) लगता है, और 20 किलो का बैच 20–25 मिनट में बनता है। खोया (मावा) उत्तर भारत की ज़्यादातर मिठाइयों का आधार है, इसलिए मिठाई की दुकानें, हलवाई और कैटरर मुख्य ख़रीदार हैं।
क्षमता: 50 किलो खोया प्रति घंटा, 8 घंटे की एक पाली, 300 दिन = 10% बर्बादी के बाद 1,08,000 किलो सालाना; DPR पहले साल 40% (43,200 किलो) से शुरू करके पाँचवें साल 60% तक जाती है।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
डेयरी किसान, दूध संग्रहकर्ता या मिठाई की दुकान वाला, जिसके पास रोज़ पक्का दूध आता हो।
किसके लिए नहीं
जिसके पास पक्की दूध आपूर्ति या ठंडा भंडारण न हो।
फ़ायदे
- खोया उत्तर भारत की ज़्यादातर मिठाइयों का आधार है — मिठाई की दुकानों से लगातार माँग
- भाप वाली जैकेट मशीनें बिना धुएँ के एक-सी गरमी देती हैं
- छोटी प्रक्रिया: औटाना, चलाना, ठंडा करना और पैक करना
- त्योहारों में बड़े ऑर्डर मिलते हैं
नुकसान
- जल्दी ख़राब होता है — ठंडा रखना और जल्दी बेचना ज़रूरी
- त्योहारों पर मिलावट की ख़बरें पूरे कारोबार को चोट पहुँचाती हैं
- दूध के दाम और आपूर्ति मौसम के साथ बदलते हैं
- पहले साल पतला मुनाफ़ा (₹101.95 लाख की बिक्री पर ₹1.83 लाख)
कौन-से हुनर चाहिए
- दूध की जाँच (फ़ैट, SNF, मिलावट)
- बॉयलर और खोया मशीनें चलाना
- खाद्य स्वच्छता और FSSAI नियम
- मिठाई की दुकानों और कैटरर को बेचना
कठिनाई 3/5 क्यों: प्रक्रिया सरल है, पर दूध की गुणवत्ता, साफ़-सफ़ाई और जल्दी ख़राब होने वाले उत्पाद पर रोज़ ध्यान देना पड़ता है।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- मिठाई की दुकानें और हलवाई
- कैटरर और शादी के रसोइए
- बेकरी और मिठाई बनाने वाले
- त्योहारों से पहले परिवार
कैसे बिकता है
- मिठाई की दुकानों को सीधी आपूर्ति
- स्थानीय डेयरी आउटलेट
- खोया की थोक मंडियाँ
जानने लायक
- DPR पहले साल खोया ₹240 किलो मानती है, हर साल लगभग 5% बढ़ता।
- DPR के अनुसार खोया पायसम और कई तरह के हलवे में भी लगता है।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| दूध रिसेप्शन सिस्टम (1,000 लीटर) | 1 | ₹1,60,000 |
| बल्क मिल्क चिलर (1,000 लीटर) | 1 | ₹2,50,000 |
| दूध पाश्चराइज़र | 1 | ₹2,75,000 |
| खोया बनाने की मशीन (250 लीटर) | 2 | ₹2,70,000 |
| वैक्यूम पैकिंग मशीन | 1 | ₹1,31,000 |
| बॉयलर (500–1,000 लीटर) | 1 | ₹1,80,000 |
| मिल्क एनालाइज़र | 1 | ₹40,000 |
| औद्योगिक दूध पंप | 2 | ₹25,000 |
| पानी के पंप, ट्रॉली, ट्रे, बिन, लैक्टोमीटर, तौल मशीन | — | ₹3,50,000 |
स्रोत: NIFTEM-K project profile — Khoya Making Unit (PMFME model DPR) (2022)
- भैंस का दूधDPR का कच्चा माल; गाय का दूध (4.5% फ़ैट) भी चल सकता है — 2 दिन का स्टॉक
- वैक्यूम पैक1 किलो के पैकेट
स्रोत: NIFTEM-K project profile — Khoya Making Unit (PMFME model DPR) (2022)
Building Business Bazaar में सप्लायर
कच्चे माल के डेटाबेस में
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- FSSAI लाइसेंस
- उद्यम (Udyam)
- GST
- बॉयलर पंजीकरण और निरीक्षण (राज्य बॉयलर निरीक्षणालय)
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति
- स्थानीय निकाय का ट्रेड लाइसेंस
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMFMECentralअस्पष्ट35% सब्सिडी, अधिकतम ₹10 लाख
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
- MudraCentralचालू₹20 लाख तक कर्ज़, बिना कोलैटरल
PMFME (DPR इसी का मॉडल है, ₹10 लाख तक 35% सब्सिडी), PMEGP और CGTMSE लागू। DPR में बैंक वित्त ₹17.60 लाख (सावधि ऋण ₹11.17 लाख + कार्यशील पूँजी ₹6.43 लाख) है, जो MUDRA की ₹20 लाख सीमा के भीतर है।
§7पैसा
निवेश का आधार: NIFTEM-K की PMFME मॉडल DPR: कुल ₹27.45 लाख = प्लांट और मशीनरी ₹16.81 लाख + अन्य संपत्ति ₹3.50 लाख + कार्यशील पूँजी ₹7.14 लाख। जगह किराए पर (पहले साल किराया ₹3.60 लाख)।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹7.14 लाख (बैंक सीमा ₹6.43 लाख): केवल 2 दिन का दूध और 5 दिन का खोया स्टॉक में, पर ख़रीदारों को 20 दिन की उधारी। पहले साल खोया ₹240 किलो बिकता है।
DPR पर वर्ष छपा नहीं है; NIFTEM-K ने इसे जुलाई 2022 में प्रकाशित किया — मशीनों के आज के दाम जाँच लें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात परिषद / बोर्ड: APEDA
- खोया जल्दी ख़राब होता है और ज़्यादातर यूनिट के पास ताज़ा बिकता है; किसी भी निर्यात से पहले ITC(HS) और APEDA के नियम जाँच लें।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- कुछ दिन न बिकने पर ख़राब होना
- खाद्य सुरक्षा छापे और मिलावट की शिकायतें
- कम दूध वाले मौसम में कमी
- बॉयलर की सुरक्षा
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: खोया (मावा) बनाने की यूनिट की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (FSSAI लाइसेंस, उद्यम (Udyam)), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
खोया (मावा) बनाने की यूनिट शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
