§1यह बिज़नेस क्या है

कच्चा निटेड कपड़ा कीयर में कास्टिक सोडा, सोडा ऐश और गीला करने वाले पदार्थ के साथ 6–8 घंटे उबाला जाता है, धोया जाता है, स्टेनलेस स्टील विंच में ब्लीचिंग पाउडर से ब्लीच किया जाता है, हल्के तेज़ाब से खट्टा करके फिर धोया जाता है। सफ़ेद माल के लिए ऑप्टिकल व्हाइटनर डाला जाता है; रंग के लिए कपड़ा नमक और रंग के साथ विंच में तब तक घूमता है जब तक रंग एक-सा न हो जाए। फिर हाइड्रो-एक्सट्रैक्टर से पानी निकाला, सिलेंडर ड्रायर पर सुखाया और कैलेंडर किया जाता है। विंच इसलिए कि वे निटेड कपड़े पर कम खिंचाव डालते हैं। ज़्यादातर बुनाई इकाइयाँ यह काम बाहर करवाती हैं और प्रोसेसिंग शुल्क देती हैं।

क्षमता: साल में 3,00,000 किलो: 1,50,000 किलो ब्लीचिंग ₹18 प्रति किलो और 1,50,000 किलो रंगाई ₹23 प्रति किलो — ₹61.50 लाख प्रोसेसिंग शुल्क।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

लुधियाना या तिरुप्पुर जैसे होज़री क्लस्टर में डाइंग मास्टर या टेक्सटाइल केमिस्ट।

किसके लिए नहीं

बुनाई क्लस्टर से बाहर का व्यक्ति, या जो गंदे पानी के नियम पूरे न कर सके।

फ़ायदे

  • जॉब-वर्क — कपड़े में पैसा नहीं फँसता
  • होज़री क्लस्टरों की बुनाई इकाइयों को बाहर प्रोसेसिंग चाहिए
  • कुछ विंच से शुरू करके बढ़ा सकते हैं
  • ₹18 लाख की रंग-मिलान प्रणाली वैकल्पिक है

नुकसान

  • रंगीन गंदा पानी छोड़ने से पहले साफ़ करना ज़रूरी
  • बहुत नरम पानी और भाप चाहिए
  • रंग की ग़लती पर ग्राहक के कपड़े का हर्जाना
  • बड़े प्रोसेसिंग घरों से दाम का दबाव

कौन-से हुनर चाहिए

  • रंग का रसायन और शेड मिलाना
  • कीयर, विंच और बॉयलर चलाना
  • गंदे पानी का उपचार
  • जॉब-वर्क ग्राहकों का माल समय पर देना

कठिनाई 3/5 क्यों: रसायन, बॉयलर और गंदे पानी के कड़े नियम, पर कपड़े का स्टॉक नहीं रखना।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • बिना अपनी प्रोसेसिंग वाली बुनाई इकाइयाँ
  • होज़री कपड़े बनाने वाले
  • कपड़ा व्यापारी

कैसे बिकता है

  • बुनाई इकाइयों से जॉब-वर्क लाना
  • गारमेंट निर्यातकों से नियमित ठेके

जानने लायक

  • प्रोफ़ाइल के अनुसार ज़्यादातर निटेड कपड़ा इकाइयों की अपनी प्रोसेसिंग नहीं, वे ब्लीचिंग और रंगाई बाहर से पैसे देकर करवाती हैं।
  • प्रोफ़ाइल माँग को देश और निर्यात बाज़ार में होज़री कपड़ों की बढ़त से जोड़ती है।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
स्टेनलेस स्टील विंच मशीन, 200 किलो1₹1,05,000
स्टेनलेस स्टील विंच मशीनें, 150 किलो3₹3,00,000
MS कीयर2₹1,40,000
मोटर और गियर बॉक्स वाला चार-सिलेंडर ड्रायर1₹2,30,000
हाइड्रो-एक्सट्रैक्टर, 40–45 किलो2₹1,40,000
भाप कैलेंडरिंग मशीन1₹70,000
छोटा बॉयलर1₹1,20,000
पानी नरम करने का प्लांट, 6 kl प्रति घंटा1₹75,000
गंदा पानी उपचार संयंत्र (ETP)1₹50,000
गहरा ट्यूबवेल, सबमर्सिबल पंप सहित1₹1,25,000
कंप्यूटर रंग-मिलान उपकरण (वैकल्पिक)1₹18,00,000

स्रोत: DC-MSME project profile — Bleaching and Dyeing of Cotton Knitted Fabric (2003)

  • अलग-अलग शेड के रंगप्रोफ़ाइल में महीने में ₹80,000
  • सोडा ऐशप्रोफ़ाइल में महीने में 1,750 किलो, ₹14 प्रति किलो
  • हाइड्रोक्लोरिक एसिडप्रोफ़ाइल में महीने में 2,400 किलो, ₹6 प्रति किलो
  • ब्लीचिंग पाउडरप्रोफ़ाइल में महीने में 1,000 किलो, ₹13 प्रति किलो
  • कास्टिक सोडा, गीला करने वाला पदार्थ, ऑप्टिकल व्हाइटनर, रंग पक्का करने वाला पदार्थ, नमक और तेज़ाब
  • बॉयलर के लिए कोयला या फ़र्नेस ऑयलप्रोफ़ाइल में महीने में ₹20,000

स्रोत: DC-MSME project profile — Bleaching and Dyeing of Cotton Knitted Fabric (2003)

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. उद्यम (Udyam) पंजीकरण
  2. GST
  3. राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से स्थापना और संचालन की सहमति (रंगाई का गंदा पानी)
  4. ट्यूबवेल से पानी लें तो भूजल अनुमति, जहाँ राज्य माँगे
  5. बॉयलर अधिनियम में आता हो तो बॉयलर पंजीकरण
  6. कारख़ाना अधिनियम के तहत फ़ैक्टरी लाइसेंस

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

परियोजना के आकार में PMEGP उपयुक्त; MUDRA ₹20 लाख तक के कर्ज़ के लिए; बिना गिरवी कर्ज़ के लिए CGTMSE; SC/ST या महिला उद्यमियों के लिए Stand-Up India।

§7पैसा

निवेश का आधार: DC-MSME प्रोफ़ाइल (SISI लुधियाना, मई 2003): स्थायी पूँजी ₹35.37 लाख (मशीनें ₹33.73 लाख — जिनमें वैकल्पिक कंप्यूटर रंग-मिलान प्रणाली ₹18 लाख — साथ में स्थापना, फ़र्नीचर और शुरुआती ख़र्च ₹1.64 लाख) + 3 महीने की कार्यशील पूँजी ₹10.68 लाख = ₹46.04 लाख। शेड ₹12,000 महीने किराए पर।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): 3 महीने की कार्यशील पूँजी ₹10.68 लाख; रसायन और रंग महीने में लगभग ₹2.13 लाख के। कपड़ा आप नहीं ख़रीदते — ग्राहक भेजते हैं।

दाम 2003 के हैं — आज मशीन, कच्चे माल और मज़दूरी की लागत काफ़ी ज़्यादा होगी।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात परिषद / बोर्ड: Not applicable

  • जॉब-वर्क प्रोसेसिंग सेवा; निर्यात कपड़े का मालिक करता है, रंगने वाला नहीं।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • गंदे पानी के कड़े नियम (कुछ क्लस्टरों में शून्य तरल निकासी ज़रूरी)
  • रंग में अंतर या कपड़ा ख़राब होने के दावे
  • रंग और रसायन के दाम बढ़ना
  • बॉयलर के ईंधन की लागत

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: सूती बुने (निटेड) कपड़े की ब्लीचिंग और रंगाई (जॉब-वर्क) की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

सूती बुने (निटेड) कपड़े की ब्लीचिंग और रंगाई (जॉब-वर्क) शुरू करना है?

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स्रोत

  1. DC-MSME project profile — Bleaching and Dyeing of Cotton Knitted Fabric (2003)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।