§1यह बिज़नेस क्या है

बेस ऑयल (90%), एडिटिव पैकेज (6%) और विस्कोसिटी इंडेक्स इम्प्रूवर (5%) 2,500 लीटर की ब्लेंडिंग केतली में मिलाए, छाने और 900 ml बोतलों में भरे जाते हैं, जिन पर इंडक्शन सील, ढक्कन, लेबल लगाकर डिब्बों में रखा जाता है। भारत में मोटरसाइकिल ऑयल उपभोक्ता लुब्रिकेंट की सबसे बड़ी श्रेणी है। ख़रीदार हैं दोपहिया वर्कशॉप, स्पेयर-पार्ट और लुब्रिकेंट डीलर और वाहन बेड़े के मालिक।

क्षमता: रोज़ 2,000 लीटर, साल में 4,80,000 लीटर = 900 ml की 5,33,333 बोतलें; पहले साल 50%, छठे साल 75%।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

लुब्रिकेंट वितरक या ऑटो-पार्ट व्यापारी जिसके पास डीलर नेटवर्क और कार्यशील पूँजी तक पहुँच हो।

किसके लिए नहीं

जिसके पास सीमित पूँजी हो या जाँच प्रयोगशाला तक पहुँच न हो।

फ़ायदे

  • भारत में दोपहिया वाहनों का बड़ा बेड़ा, जिन्हें ऑयल बदलना पड़ता है
  • सिर्फ़ मिश्रण — कोई रिफ़ाइनिंग नहीं
  • छोटे प्लांट से बड़ा टर्नओवर
  • डीलरों के लिए उनके नाम से (प्राइवेट लेबल) बना सकते हैं

नुकसान

  • बहुत बड़ी कार्यशील पूँजी
  • बेस ऑयल का दाम कच्चे तेल के साथ चलता है
  • इंजन ऑयल को API/SAE/वाहन कंपनी के मानक पूरे करने होते हैं
  • सरकारी तेल कंपनियों और बड़े ब्रांडों का दबदबा

कौन-से हुनर चाहिए

  • API/SAE ग्रेड के अनुसार फ़ॉर्मूला
  • विस्कोसिटी और फ़्लैश पॉइंट की लैब जाँच
  • डीलर और वर्कशॉप बिक्री
  • कार्यशील पूँजी प्रबंधन

कठिनाई 4/5 क्यों: भारी कार्यशील पूँजी, कड़े उत्पाद मानक और मज़बूत ब्रांड।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • दोपहिया वर्कशॉप और सर्विस सेंटर
  • स्पेयर-पार्ट और लुब्रिकेंट डीलर
  • वाहन बेड़े और डिलीवरी वाहनों के मालिक

कैसे बिकता है

  • लुब्रिकेंट वितरक
  • ऑटो-पार्ट दुकानें
  • प्राइवेट-लेबल सप्लाई

जानने लायक

  • रिपोर्ट के अनुसार भारत में उपभोक्ता ऑटोमोटिव लुब्रिकेंट का लगभग 60% मोटरसाइकिल ऑयल है, और 2019–2024 में भारतीय लुब्रिकेंट बाज़ार के 4.64% सालाना बढ़ने का अनुमान था।
  • रिपोर्ट के अनुसार वाणिज्यिक ऑटोमोटिव लुब्रिकेंट बाज़ार का आधे से ज़्यादा हिस्सा सरकारी तेल कंपनियों के पास है।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
ब्लेंडिंग केतली, 2,500 लीटर1₹4,50,000
भरने की मशीन, 500 ml – 5 लीटर1₹1,25,000
सिंटेक्स मज़बूत प्लास्टिक टैंक2₹1,00,000
तैयार ऑयल का टैंक2₹70,000
पाइपलाइन, वाल्व और फ़िल्टर1 set₹50,000
बेस ऑयल ट्रांसफ़र पंप1₹45,000
सिंटेक्स मज़बूत प्लास्टिक टैंक, 3,000 लीटर1₹35,000
इंडक्शन सीलिंग मशीन1₹20,000
सेमी-ऑटोमैटिक कैपिंग मशीन1₹12,000
300 kg वज़न से भरने की मशीन1₹10,000
अन्य उपकरण1 lot₹50,000

स्रोत: PMEGP sample project report — 4T Oil Blending Plant (prepared by Udyami/Samadhan)

  • बेस ऑयल₹55 प्रति लीटर, मिश्रण का 90%; पूरी क्षमता पर साल में 4,32,000 लीटर
  • एडिटिव पैकेज₹300 प्रति kg, मिश्रण का 6%; साल में 28,800 kg
  • विस्कोसिटी इंडेक्स इम्प्रूवर₹100 प्रति kg, मिश्रण का 5%; साल में 24,000 kg
  • ढक्कन सहित बोतल, लेबल, इंडक्शन सील, डिब्बा₹15.30 प्रति बोतल

स्रोत: PMEGP sample project report — 4T Oil Blending Plant (prepared by Udyami/Samadhan)

कच्चे माल के डेटाबेस में

लुब्रिकेंट बेस ऑयल →

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. उद्यम (Udyam)
  2. GST
  3. फ़ायर NOC और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति (रिपोर्ट के अनुसार ज़रूरत के हिसाब से फ़ायर/प्रदूषण पंजीकरण)
  4. पेट्रोलियम भंडारण छूट सीमा से ऊपर हो तो PESO लाइसेंस
  5. जहाँ गुणवत्ता नियंत्रण आदेश आपके ऑयल पर लागू हो वहाँ BIS प्रमाणन
  6. अपने ब्रांड का ट्रेडमार्क

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

इस आकार की परियोजना के लिए CGTMSE और Stand-Up India ठीक। PMEGP में यह रिपोर्ट है, पर विनिर्माण में उसकी सब्सिडी सिर्फ़ ₹50 लाख तक की परियोजना लागत पर मिलती है।

§7पैसा

निवेश का आधार: PMEGP नमूना रिपोर्ट: इमारत और निर्माण ₹7.00 लाख, मशीनरी ₹11.41 लाख, फ़र्नीचर और अन्य संपत्ति ₹0.50 लाख, कार्यशील पूँजी ₹50.00 लाख = ₹68.91 लाख। वित्त: अपना ₹13.78 लाख (20%), सावधि ऋण ₹15.13 लाख, कार्यशील पूँजी सीमा ₹40.00 लाख।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): ₹68.91 लाख की परियोजना में ₹50 लाख कार्यशील पूँजी — बेस ऑयल और एडिटिव लागत का लगभग तीन-चौथाई हैं, और ख़रीदार उधार लेते हैं।

साल नहीं छपा; अनुमान 2019-20 से शुरू होते हैं — आज लागत ज़्यादा होगी।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें

2710.19अन्य पेट्रोलियम तेल और मिश्रण (लुब्रिकेटिंग ऑयल सहित)
  • पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर DGFT की ख़ास शर्तें हो सकती हैं; मौजूदा निर्यात नीति जाँचें।
  • 8 अंकों वाली ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • कच्चे तेल और बेस ऑयल के दाम में उतार-चढ़ाव
  • बाज़ार में नक़ली या घटिया ऑयल से भरोसा टूटना
  • डीलरों को उधारी
  • भंडारण में आग का ख़तरा

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: 4T इंजन ऑयल ब्लेंडिंग प्लांट की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam), GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

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स्रोत

  1. PMEGP sample project report — 4T Oil Blending Plant (prepared by Udyami/Samadhan)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।