§1यह बिज़नेस क्या है

फूटे मखाने साफ़ और तौलकर तीन-परत वाले रोस्टर में भूने जाते हैं, फ़्लेवर ड्रम में तेल और मसाला लगाया जाता है और नाइट्रोजन के साथ मेटलाइज़्ड पाउच, फ़्लेक्सिबल कैन या टिन में पैक किया जाता है। मसालेदार मखाना सुपरमार्केट, सूखे मेवे और किराना दुकानों, कैफ़े, ऑनलाइन और निर्यात से बिकता है। रिपोर्ट के अनुसार भारत का लगभग 63% मखाना बिहार में होता है।

क्षमता: रोज़ 200 किलो, साल में 60,000 किलो; पहले साल 27,000 किलो (45%)।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

मखाना स्रोत (बिहार, मणिपुर) के पास का खाद्य उद्यमी, या जिसकी खुदरा और ऑनलाइन बिक्री मज़बूत हो।

किसके लिए नहीं

जिसके पास कम कार्यशील पूँजी हो या ब्रांड की कोई योजना न हो।

फ़ायदे

  • मखाना तेज़ी से बढ़ता सेहतमंद स्नैक है
  • प्रति किलो ऊँची क़ीमत
  • निर्यात में अच्छी रुचि
  • मखाना क्षेत्रों में PMFME और एक ज़िला-एक उत्पाद की मदद मिलती है

नुकसान

  • कच्चे मखाने के दाम तेज़ी से बढ़े हैं और ऊपर-नीचे होते हैं
  • महँगी पैकिंग लाइन (मल्टी-हेड पैकर ₹15.00 लाख)
  • बहुत से नए ब्रांड बाज़ार में
  • नमी नियंत्रण और नाइट्रोजन पैकिंग ज़रूरी

कौन-से हुनर चाहिए

  • भूनने और मसाले के नुस्ख़े
  • नाइट्रोजन पैकिंग और माल टिकाऊ रखना
  • ब्रांड और ऑनलाइन मार्केटिंग
  • सही समय पर कच्चा मखाना ख़रीदना

कठिनाई 3/5 क्यों: महँगी मशीनें और ब्रांडों से भरा बाज़ार — अच्छी मार्केटिंग चाहिए।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • सुपरमार्केट और आधुनिक खुदरा
  • सूखे मेवे और किराना दुकानें
  • कैफ़े, एयरलाइन और दफ़्तरों की पैंट्री
  • ऑनलाइन ख़रीदार और निर्यातक

कैसे बिकता है

  • वितरक और आधुनिक खुदरा चेन
  • ऑनलाइन बाज़ार और अपनी वेबसाइट
  • निर्यात ख़रीदार

जानने लायक

  • रिपोर्ट के अनुसार भारत में तैयार स्नैक्स और नमकीन का बाज़ार ₹50,000 करोड़ से ज़्यादा है और हर साल लगभग 13% बढ़ रहा है।
  • रिपोर्ट बताती है कि 100 ग्राम मखाने में 350 kcal और 9.7 ग्राम प्रोटीन होता है, और यूरोप, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया में निर्यात की अच्छी माँग देखती है।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
तीन-परत रोस्टर (12+1 kW) सामान सहित1₹6,00,000
हॉपर के साथ वाइब्रेटर1₹1,00,000
कन्वेयर1₹1,00,000
मसाला टैंक (200 L)1₹1,50,000
मसाला ड्रम1₹2,25,000
मेज़ और सामान के साथ मल्टी-हेड पैकिंग मशीन1₹15,00,000
नाइट्रोजन प्लांट (8 NM³)1₹3,50,000
एयर ड्रायर-सह-कंप्रेसर (40 CFM)1₹1,50,000
डी-ह्यूमिडिफ़ायर (नमी हटाने की मशीन)1₹1,75,000
अन्य मशीनें और उपकरण1 सेट₹50,000

स्रोत: PMEGP sample project report — Makhana Snacks (prepared by Udyami/Samadhan)

  • फूटा मखानापूरी क्षमता पर साल में 60 MT, ₹4,00,000 प्रति MT
  • मसाला / फ़्लेवर8 MT, ₹1,50,000 प्रति MT
  • खाने का तेल10 MT, ₹80,000 प्रति MT
  • पैकिंग सामग्री (मेटलाइज़्ड पाउच, कैन, टिन)साल में ₹5.00 लाख

स्रोत: PMEGP sample project report — Makhana Snacks (prepared by Udyami/Samadhan)

कच्चे माल के डेटाबेस में

मखाना →

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. FSSAI लाइसेंस या पंजीकरण (टर्नओवर के अनुसार)
  2. उद्यम (Udyam) पंजीकरण
  3. GST
  4. राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से NOC
  5. अपने ब्रांड का ट्रेडमार्क

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

PMEGP उपयुक्त (परियोजना ₹50 लाख से कम); सूक्ष्म खाद्य इकाइयों के लिए PMFME; CGTMSE; SC/ST या महिला उद्यमी के लिए Stand-Up India।

§7पैसा

निवेश का आधार: समाधान रिपोर्ट: प्लांट और मशीनरी ₹34.00 लाख, फ़र्नीचर ₹1.00 लाख, कार्यशील पूँजी ₹5.56 लाख = ₹40.56 लाख; ज़मीन और शेड अपना या किराए का (लागत नहीं जोड़ी गई)।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): ₹4,00,000 प्रति MT का कच्चा मखाना ही ज़्यादातर लागत है (पूरी क्षमता पर ₹265.00 लाख के कच्चे माल में ₹240.00 लाख); कार्यशील पूँजी ₹5.56 लाख (बैंक ₹5.00 लाख)।

रिपोर्ट पर वर्ष छपा नहीं है — मशीनों के आज के दाम पता करें।

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§8निर्यात की संभावना

निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें

2008.19मेवे और अन्य बीज, अन्य तरीक़े से तैयार या सुरक्षित, मिश्रण सहित

निर्यात परिषद / बोर्ड: APEDA

  • हाल की कुछ सूचियों में मखाने की अलग टैरिफ़ लाइनें हैं — मौजूदा लाइन DGFT से पक्की करें।
  • 8 अंकों वाली ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।
  • पहली खेप भेजने से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • कच्चे मखाने के दाम अचानक बढ़ना
  • ब्रांडों से मुक़ाबला
  • ख़राब पैकिंग से मखाना नरम पड़ना
  • प्रचार का ख़र्च

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: भुने मखाने के स्नैक्स की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (FSSAI लाइसेंस या पंजीकरण (टर्नओवर के अनुसार), उद्यम (Udyam) पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

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स्रोत

  1. PMEGP sample project report — Makhana Snacks (prepared by Udyami/Samadhan)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।