§1यह बिज़नेस क्या है

यह एक छोटा डेयरी संयंत्र है जो किसानों से कच्चा दूध लेता है, उसे ठंडा करता है, छानता है, मानकीकृत और पाश्चराइज़ करता है, और टोंड दूध 200/500 ml के पाउच में भरता है। कुछ दूध से दही, छाछ और पनीर बनता है, और घी सेक्शन भी है। सुबह और शाम के संग्रह पर 200 लीटर प्रति घंटा का पाश्चराइज़र चलता है। ख़रीदार हैं घर-परिवार, दूध बूथ, मिठाई की दुकानें और होटल।

क्षमता: रोज़ 1,000 लीटर दूध, साल में 3,00,000 लीटर (300 दिन); बर्बादी के बाद रोज़ लगभग 689.5 लीटर टोंड दूध, 29.55 किलो दही और 29.55 किलो पनीर; पहले साल 60%।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

दूध की अधिकता वाले ग्रामीण इलाक़े का व्यक्ति, जिसके पशुपालकों से संपर्क और स्थानीय बिक्री का रास्ता हो।

किसके लिए नहीं

जो साल के 365 दिन, सुबह-सवेरे वाला काम न चला सके।

फ़ायदे

  • दूध रोज़ बिकता है — पैसा जल्दी घूमता है
  • पनीर और दही से तरल दूध से ज़्यादा कमाई
  • स्थानीय पशुपालकों को पक्का ख़रीदार मिलता है
  • त्योहारों में दूध उत्पादों की माँग बढ़ती है

नुकसान

  • शुद्ध मार्जिन पतला (रिपोर्ट में 3–8%)
  • दूध का ख़रीद भाव मौसम के साथ बदलता है
  • कोल्ड चेन और साफ़-सफ़ाई में कभी चूक नहीं होनी चाहिए
  • सहकारी और बड़ी निजी डेयरियों से मुक़ाबला

कौन-से हुनर चाहिए

  • दूध की जाँच (फ़ैट, SNF, मिलावट)
  • पाश्चराइज़र और चिलर चलाना
  • पनीर और दही बनाना
  • बूथों और दुकानों तक रूट बिक्री

कठिनाई 3/5 क्यों: रोज़ का, जल्दी ख़राब होने वाला काम और पतला मार्जिन; ख़रीद और साफ़-सफ़ाई कसी हुई होनी चाहिए।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • घर-परिवार
  • दूध बूथ और किराना दुकानें
  • मिठाई की दुकानें, होटल और कैटरर (पनीर, दही)

कैसे बिकता है

  • दुकानदारों तक रोज़ रूट डिलीवरी
  • अपने दूध बूथ

जानने लायक

  • रिपोर्ट के अनुसार संगठित क्षेत्र भारत के केवल लगभग 15% दूध को सँभालता है, इसलिए प्रसंस्करण की गुंजाइश है।
  • रिपोर्ट के अनुसार दिवाली, ईद और होली पर माँग सबसे ज़्यादा होती है।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
बल्क मिल्क कूलर, 1 KL1₹1,75,000
दूध पंप1₹20,000
दूध पाश्चराइज़र, 200 LPH1₹2,50,000
दूध पैकिंग मशीन1₹2,45,000
भंडारण टंकी, 1 KL1₹1,15,000
दही जमाने की टंकी, 200 लीटर1₹65,000
गर्म कमरा (6×6)1₹1,25,000
ब्लास्ट कमरा (6×6)1₹1,75,000
पनीर PHE सेट, डंप टंकियाँ और बैलेंस टंकीसेट₹2,45,000
घी कड़ाह, क्लैरिफ़ायर और 500 लीटर भंडारण टंकीसेट₹2,70,000
IBT 1.5 TR1₹95,000
बॉयलर, 500 लीटर1₹1,25,000
दही सेक्शन की पाइपिंग और स्थापना1₹45,000
यूटिलिटी पाइपिंग, स्थापना और चालू करना, बिजली का सामानलॉट₹2,25,000

स्रोत: PMEGP sample project report — Milk Processing Plant(1000 ltr) (prepared by Udyami/Samadhan) (2019)

  • कच्चा दूधरोज़ 1,000 लीटर; मौसम के अनुसार ₹23–34 प्रति लीटर, औसत ₹30.60
  • पैकिंग पाउचपहले साल ₹3.94 लाख
  • रसायनपूरी क्षमता पर साल में ₹1.20 लाख

स्रोत: PMEGP sample project report — Milk Processing Plant(1000 ltr) (prepared by Udyami/Samadhan) (2019)

Building Business Bazaar में सप्लायर

National Dairy Development Board, Anand · Anand →

कच्चे माल के डेटाबेस में

दूध (कच्चा) →

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. FSSAI लाइसेंस
  2. उद्यम (Udyam) पंजीकरण
  3. GST पंजीकरण
  4. राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति (डेयरी का गंदा पानी)
  5. बॉयलर अधिनियम के तहत बॉयलर पंजीकरण (यदि लागू हो)

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

PMEGP (यह रिपोर्ट PMEGP का नमूना है), छोटे खाद्य प्रसंस्करण के लिए PMFME, AIF (डेयरी प्रसंस्करण ढाँचा) और CGTMSE।

§7पैसा

निवेश का आधार: रिपोर्ट: मशीनरी ₹21.91 लाख (कोटेशन के अनुसार) + कार्यशील पूँजी ₹2.22 लाख = ₹24.13 लाख। PMEGP सूची में ₹21.72 लाख दिखता है, जो बैंक वित्त वाला हिस्सा है। ज़मीन अपनी या किराए की।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹2.22 लाख, जिसमें बैंक ₹2.00 लाख। कच्चा दूध रोज़ ख़रीदा जाता है (रिपोर्ट में औसत ₹30.60 प्रति लीटर)।

दाम 2019 के हैं — मशीनों की लागत अब ज़्यादा होगी।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें

0401दूध और मलाई, गाढ़ा या मीठा नहीं0403दही, छाछ, फटा दूध और मलाई0406.10ताज़ा चीज़, पनीर सहित

निर्यात परिषद / बोर्ड: APEDA

  • 8 अंकों की ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।
  • पहली खेप से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।
  • डेयरी निर्यात के लिए सक्षम प्राधिकरण से निर्यात के लिए मंज़ूर संयंत्र ज़रूरी है।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • बिजली या चिलर बंद होने पर दूध ख़राब होना
  • गर्मियों में दूध की कमी
  • सहकारी डेयरियों से दामों की होड़
  • खाद्य सुरक्षा में चूक

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: दूध प्रसंस्करण संयंत्र (1,000 लीटर रोज़) की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (FSSAI लाइसेंस, उद्यम (Udyam) पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

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स्रोत

  1. PMEGP sample project report — Milk Processing Plant(1000 ltr) (prepared by Udyami/Samadhan) (2019)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।