§1यह बिज़नेस क्या है
सामग्री कंप्यूटर पर (कोरलड्रॉ, फ़ोटोशॉप आदि से) डिज़ाइन होती है, फ़िल्म बनाकर एल्यूमिनियम प्लेट पर उतारी जाती है, प्लेट ऑफ़सेट मशीन पर लगती है और कटा काग़ज़ डाला जाता है। रिपोर्ट के अनुसार मशीन घंटे में लगभग 4,000 छाप देती है। स्कूलों, कॉलेजों, दफ़्तरों और व्यापारियों को साल भर स्टेशनरी, किताबें और छपी सामग्री चाहिए।
क्षमता: दिन में 400 पुस्तिकाएँ, पूरी क्षमता पर साल में 1,20,000 (10 घंटे की पाली, 300 दिन); पहले साल 50% = 60,000।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
शहरी या अर्ध-शहरी इलाक़े का DTP ऑपरेटर या प्रिंटर, जिसके स्कूल, दफ़्तर और दुकान ग्राहक हों।
किसके लिए नहीं
जिसके पास डिज़ाइन हुनर या ग्राहक न हों।
फ़ायदे
- स्कूलों, दफ़्तरों और व्यापारियों से लगातार काम
- पुराने तरीक़ों से बेहतर छपाई
- रिपोर्ट के अनुसार प्रदूषण नियंत्रण की ख़ास ज़रूरत नहीं
- रिपोर्ट में अच्छा DSCR (3.60)
नुकसान
- शुद्ध मार्जिन छोटा (पहले साल ₹73.25 लाख बिक्री पर ₹2.29 लाख)
- छोटे ऑर्डर डिजिटल प्रिंटर ले जाते हैं
- काग़ज़ के दाम में उतार-चढ़ाव
- रिपोर्ट के आँकड़े आपस में मेल नहीं खाते (लागत ₹9.75 बनाम ₹9.89 लाख; बिक्री ₹35.63 बनाम ₹73.25 लाख)
कौन-से हुनर चाहिए
- DTP और डिज़ाइन सॉफ़्टवेयर
- प्लेट बनाना और मशीन चलाना
- काम की लागत निकालना और भाव देना
- ग्राहक सेवा
कठिनाई 3/5 क्यों: हुनर का काम, माँग स्थिर, पर मार्जिन पतला और डिजिटल से मुक़ाबला।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- स्कूल और कॉलेज
- दफ़्तर और व्यापार
- प्रकाशक और आयोजक (पत्रिकाएँ, स्मारिकाएँ)
कैसे बिकता है
- सीधे काम के ऑर्डर
- DTP और स्टेशनरी दुकानों से ठेके का काम
जानने लायक
- रिपोर्ट के अनुसार स्कूल, कॉलेज और दफ़्तर बढ़ने से शहरी और अर्ध-शहरी इलाक़ों में बहुत अच्छी संभावना है।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| ऑफ़सेट प्रिंटिंग मशीन (घंटे में लगभग 4,000 छाप) | 1 | — |
| पेपर कटिंग मशीन | 1 | — |
| डिज़ाइन सॉफ़्टवेयर वाला कंप्यूटर, कैमरा और प्लेट एक्सपोज़र | 1 set | — |
| रिपोर्ट में कुल प्लांट व मशीनरी | 1 set | ₹6.50 lakh |
स्रोत: PMEGP sample project report — Offset Printing Unit (prepared by Udyami/Samadhan)
- काग़ज़ और कार्ड शीटपहले साल कच्चा माल ₹49.81 लाख
- छपाई की स्याही
- एल्यूमिनियम PS प्लेट, फ़िल्म और डेवलपर रसायनप्लेट बनाने के लिए
- गोंद और बाइंडिंग सामग्री
स्रोत: PMEGP sample project report — Offset Printing Unit (prepared by Udyami/Samadhan)
Building Business Bazaar में सप्लायर
Batik And Block Printing Cluster · Ujjain →Hand Block Print Cluster · Farrukhabad →Weaving, Printing And Jewelry Cluster · Ahmedabad →Printing & Packaging Cluster · Karnal →Printing Cluster, Chamarajpet · Chamarajpet →Offset Printers Cluster · Kannur →Printing Cluster · Krishnagiri →Printing Cluster, Sivakasi · Sivakasi →Print and Pack Products Cluster, Hosur · Hosur →Printing Cluster, Kakinada · Kakinada →Printing Cluster · Tirupati →Printing Cluster, Chikalthana, Aurangabad · Aurangabad →
कच्चे माल के डेटाबेस में
डुप्लेक्स और कोटेड पेपरबोर्ड →लेबल और सेल्फ़-एडहेसिव सामग्री →
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST पंजीकरण
- स्थानीय निकाय से ट्रेड लाइसेंस
- प्रेस और पत्र-पत्रिका पंजीकरण अधिनियम, 2023 के तहत प्रिंटिंग प्रेस की ऑनलाइन सूचना
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- MudraCentralचालू₹20 लाख तक कर्ज़, बिना कोलैटरल
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
PMEGP (रिपोर्ट में KVIC मार्जिन मनी: शहरी 15% सामान्य / 25% विशेष, ग्रामीण 25% / 35%), MUDRA और CGTMSE।
§7पैसा
निवेश का आधार: न्यूनतम = रिपोर्ट के सारांश पन्ने पर छपा ₹9.75 लाख। अधिकतम = उसकी लागत तालिका: प्लांट व मशीनरी ₹6.50 लाख + फ़र्नीचर ₹0.45 लाख + कार्यशील पूँजी ₹2.94 लाख = ₹9.89 लाख (वित्त: टर्म लोन ₹6.26 लाख, कार्यशील पूँजी ₹2.65 लाख, अपना ₹0.99 लाख)। जगह किराए की या अपनी।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹2.94 लाख (बैंक ₹2.65 लाख) — 15 दिन का खपत सामान स्टॉक में।
रिपोर्ट पर साल छपा नहीं है — मशीनों के आज के दाम पता करें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: CAPEXIL
- HS कोड WCO की HS 2022 सूची से हैं; 8 अंकों वाली ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।
- पहली खेप भेजने से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- ग्राहकों से देर से भुगतान
- डिजिटल माध्यम की ओर बदलाव
- भारी सीज़न में मशीन ख़राब
- काग़ज़ की बर्बादी
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: ऑफ़सेट प्रिंटिंग इकाई की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
ऑफ़सेट प्रिंटिंग इकाई शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
