§1यह बिज़नेस क्या है

आने वाले बोर्ड और पुर्ज़े जाँचे जाते हैं, फिर छोटी असेंबली लाइन पर पुर्ज़े PCB पर अपनी जगह लगाए जाते हैं। भरे हुए बोर्ड हीट-वेव सोल्डरिंग बाथ से गुज़रते हैं, फ़ालतू तार काटे जाते हैं, मैग्नीफ़ायर लैंप से जोड़ जाँचे जाते हैं, और हर बोर्ड भेजने से पहले जिग पर जाँचा जाता है। यह चार लोगों की किराए की जगह वाली इकाई है जो इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बनाने वालों के लिए थ्रू-होल असेंबली करती है। प्रोफ़ाइल के अनुसार भारत अपनी PCB ज़रूरत का लगभग 65% आयात करता है।

क्षमता: बोर्ड की गिनती नहीं छपी; पूरी क्षमता पर ₹21.60 लाख सालाना बिक्री, शुरुआत 60% (₹12.96 लाख) से।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

प्रोफ़ाइल के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक्स या बिजली रख-रखाव के अनुभव वाला स्नातक, जिसकी इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माताओं से जान-पहचान हो।

किसके लिए नहीं

इलेक्ट्रॉनिक्स का हुनर या जॉब-वर्क का पक्का ग्राहक न रखने वाला।

फ़ायदे

  • छोटी शुरुआत — किराए की जगह में ₹9.72 लाख
  • प्रोफ़ाइल में ब्रेक-ईवन सिर्फ़ 21.93%
  • भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण तेज़ी से बढ़ रहा है
  • ज़्यादातर काम मेहनत और हुनर का है, इसलिए कुल मार्जिन ऊँचा

नुकसान

  • हाथ से थ्रू-होल असेंबली की जगह स्वचालित सरफ़ेस-माउंट लाइनें ले रही हैं
  • ऑर्डर के लिए कुछ इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों पर निर्भरता
  • सोल्डरिंग की ग़लतियों से माल लौटता है और दोबारा काम होता है
  • पुर्ज़ों की कमी से ऑर्डर रुक सकते हैं

कौन-से हुनर चाहिए

  • पुर्ज़े पहचानना और सही जगह लगाना
  • वेव और हाथ से सोल्डरिंग
  • ऑसिलोस्कोप, मल्टीमीटर और जिग से बोर्ड जाँचना
  • निर्माताओं से जॉब-वर्क के ऑर्डर लेना

कठिनाई 2/5 क्यों: छोटी और जल्दी लगने वाली इकाई, पर कुशल सोल्डरिंग और लगातार जॉब ऑर्डर चाहिए।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने वाले
  • दूरसंचार, ऑटोमोबाइल और स्वास्थ्य उपकरण बनाने वाले
  • बिजली के उत्पाद बनाने वाले (लाइटिंग, कंट्रोल)

कैसे बिकता है

  • निर्माताओं से जॉब-वर्क अनुबंध
  • इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्लस्टर

जानने लायक

  • प्रोफ़ाइल भारतीय PCB बाज़ार 92 करोड़ अमेरिकी डॉलर बताती है और कहती है कि लगभग 65% माँग आयात से पूरी होती है।
  • प्रोफ़ाइल ELCINA के एक अध्ययन का हवाला देती है, जिसमें 2015–2020 में PCB माँग 20.56% सालाना बढ़ने का अनुमान है।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
हीट-वेव सोल्डरिंग मशीन1₹60,000
ऑसिलोस्कोप (50 MHz), LCR-Q मीटर, फ़ंक्शन जनरेटर और 0–30 V, 3 A पावर सप्लाई1 सेट₹65,000
डिजिटल और एनालॉग मल्टीमीटर1 सेट₹25,000
ट्यूबलाइट वाला मैग्नीफ़ाइंग ग्लास1₹0.30 lakh
तापमान नियंत्रित सोल्डरिंग स्टेशन, 25 W और 65 W सोल्डरिंग आयरन, रिओस्टेट1 सेट₹1,00,000
लगाना, बिजली फ़िटिंग, कर और ढुलाईएकमुश्त₹1,20,000

स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — PCB & Mountings (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें

  • प्रिंटेड सर्किट बोर्डआमतौर पर ग्राहक देता है या बताता है
  • इलेक्ट्रॉनिक पुर्ज़े: रेज़िस्टर, कैपेसिटर, कॉइल, डायोड, ट्रांज़िस्टर, IC, SCRआने पर मानक के हिसाब से जाँचे जाते हैं
  • सोल्डर और फ़्लक्सवेव-सोल्डरिंग बाथ और हाथ से सुधार के लिए

स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — PCB & Mountings (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. उद्यम (Udyam) पंजीकरण
  2. GST पंजीकरण
  3. स्थानीय निकाय से ट्रेड लाइसेंस
  4. जहाँ ज़रूरी हो, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति (सोल्डरिंग का धुआँ, सीसा)
  5. अपने ब्रांड से तैयार इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बेचें तो ई-कचरा (प्रबंधन) नियमों के तहत विस्तारित उत्पादक ज़िम्मेदारी (EPR)

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

₹9.72 लाख की निर्माण परियोजना पर PMEGP लागू होती है; MUDRA (किशोर/तरुण) पूरी लागत ढक लेता है; बिना गारंटी कर्ज़ के लिए CGTMSE।

§7पैसा

निवेश का आधार: प्लांट और मशीनरी ₹4.00 लाख (वेव सोल्डरिंग, जाँच उपकरण, सोल्डरिंग स्टेशन, लगाना) + फ़र्नीचर, कंप्यूटर और बिजली फ़िटिंग ₹1.00 लाख + शुरुआती ख़र्च ₹0.40 लाख + कार्यशील पूँजी ₹4.32 लाख = ₹9.72 लाख। ज़मीन या इमारत नहीं (किराए की)।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹4.32 लाख (स्टॉक ₹2.16 लाख, उधारी ₹1.08 लाख, ऊपरी ख़र्च ₹1.08 लाख); मार्जिन ₹1.89 लाख, बैंक ₹2.43 लाख। पैसा: मालिक ₹2.43 लाख, बैंक ₹7.29 लाख।

SIDBI स्टैंड-अप मित्र की प्रोफ़ाइल, 2018 में डाली गई (उस पर साल नहीं छपा) — आज दाम ज़्यादा होंगे; मौजूदा लागत पता करें।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें

8534प्रिंटेड सर्किट

निर्यात परिषद / बोर्ड: ESC (Electronics and Computer Software Export Promotion Council)

  • जुड़े हुए बोर्ड उस उत्पाद के साथ वर्गीकृत होते हैं जिसका वे हिस्सा हैं; शीर्षक अपने कस्टम ब्रोकर से पक्का करें।
  • पहली खेप भेजने से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • मुख्य ग्राहक का छूट जाना
  • ख़रीदारों का स्वचालित SMT असेंबली की ओर जाना
  • स्टैटिक बिजली या गर्मी से पुर्ज़ों का ख़राब होना
  • छोटी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों से देर से भुगतान

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: PCB असेंबली (पुर्ज़े लगाने) की इकाई की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

PCB असेंबली (पुर्ज़े लगाने) की इकाई शुरू करना है?

DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।

DPR / लोन फ़ाइल बनवाएँ

स्रोत

  1. SIDBI Stand-Up Mitra project profile — PCB & Mountings (2018)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।