§1यह बिज़नेस क्या है
पका हुआ पेठा फल (सफ़ेद कद्दू) छीला, काटा और गोदा जाता है, चूने के पानी में भिगोया जाता है, फिर चीनी की चाशनी में पकाकर स्वाद डाला जाता है (केसर, अंगूरी, केवड़ा, नारियल, मेवा)। यह मिठाई की दुकानों, थोक व्यापारियों और यात्रियों को बिकता है। आगरा के पेठे को GI टैग मिला है।
क्षमता: छोटी KVIC इकाई: साल में 76 क्विंटल। स्वचालित इकाई: 10 घंटे की एक पाली में रोज़ 1,000 kg, साल में 3,00,000 kg; पहले साल 50%, ₹45 प्रति kg पर बिक्री।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
यूपी या उत्तर भारत का हलवाई या पारिवारिक कारोबार, जिसके पास स्थानीय दुकानें और यात्री ग्राहक हों।
किसके लिए नहीं
पेठा न खाने वाले इलाक़े का व्यक्ति, जिसके पास ख़रीदारों तक पहुँचने की योजना न हो।
फ़ायदे
- उत्तर भारत में जानी-मानी मिठाई, माँग स्थिर
- आगरा के पेठे को GI टैग
- कच्चा माल — पेठा फल और चीनी — सस्ता और स्थानीय
- बहुत छोटे से शुरू करके बढ़ा सकते हैं
नुकसान
- प्रति kg दाम कम (स्वचालित इकाई रिपोर्ट में ₹45)
- पेठा फल की आपूर्ति मौसमी
- बहुत से स्थानीय कारीगर दाम पर मुक़ाबला करते हैं
- खाद्य सुरक्षा जाँच और साफ़-सफ़ाई के नियम
कौन-से हुनर चाहिए
- पारंपरिक विधि (चूने में भिगोना, चाशनी)
- साफ़-सफ़ाई और FSSAI नियमों का पालन
- यात्रा और उपहार के लिए पैकिंग
- मिठाई की दुकानों और स्टेशनों पर बिक्री
कठिनाई 2/5 क्यों: सीधी पारंपरिक प्रक्रिया; असली काम बिक्री और साफ़-सफ़ाई में है।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- मिठाई की दुकानें
- पर्यटक और यात्री (आगरा, मथुरा, रेलवे स्टेशन)
- त्योहार और उपहार के लिए घर-परिवार
कैसे बिकता है
- अपनी दुकान
- मिठाई की दुकानों और थोक व्यापारियों को सप्लाई
जानने लायक
- KVIC आगरा, मथुरा, लखनऊ और मेरठ को पेठे के केंद्र बताता है।
- स्वाद वाले प्रकार (केसर, अंगूरी, चॉकलेट, पान) बाज़ार बढ़ाते हैं (Samadhan)।
- दूसरी KVIC प्रोफ़ाइल में उत्पादन की पंक्ति "भुने नमकीन काजू" छपी है — नक़ल की ग़लती; उसकी लागत पंक्तियाँ पेठे की हैं।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| ब्लोअर वाली डीज़ल भट्टी | — | — |
| बॉयलर | — | — |
| एग्ज़ॉस्ट पंखा | — | — |
| धोने/रखने के ड्रम | — | — |
| स्टेनलेस स्टील ऊपरी सतह वाली कार्य मेज़ | — | — |
| स्टेनलेस स्टील बर्तन, छोटे बर्तन, तराज़ू | — | — |
| पॉलीथीन सीलिंग मशीन | — | — |
| छोटी KVIC इकाई के उपकरण (कुल) | — | ₹50,000 |
| स्वचालित पेठा प्लांट | 1 | ₹9,00,000 |
| 52 इंच की पेठा कड़ाही | 3 | ₹2,40,000 (₹80,000 each) |
| बर्तन, तौल मशीन आदि | — | ₹30,000 |
| कर, ढुलाई आदि (15%) | — | ₹1,75,500 |
| ट्रे वाला बिजली ड्रायर, मेज़ें, तराज़ू, पंखे, ड्रम, चूल्हे, सीलर (बड़ी KVIC इकाई, कुल) | — | ₹1,25,000 |
स्रोत: KVIC Project Profile — Petha Manufacturing Unit (PMEGP) · PMEGP sample project report — Petha Manufacturing (Automatic) (prepared by Udyami/Samadhan) · KVIC Project Profile — Petha Manufacturing (PMEGP)
- पेठा फल (सफ़ेद कद्दू)पूरा पका, सख़्त गूदे वाला फल (KVIC)
- चीनीपानी के साथ चाशनी के लिए (सूचीबद्ध कच्चा माल)
- चूनाटुकड़े 3–4 घंटे ताज़े चूने के घोल में (KVIC)
- दूध, नींबू का रस, गुलाब जलस्वचालित इकाई रिपोर्ट में सूचीबद्ध
- स्वाद: केसर, केवड़ा, नारियल, मेवास्वाद वाले प्रकारों के लिए
स्रोत: KVIC Project Profile — Petha Manufacturing (PMEGP) · PMEGP sample project report — Petha Manufacturing (Automatic) (prepared by Udyami/Samadhan)
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- FSSAI पंजीकरण या लाइसेंस
- उद्यम (Udyam)
- GST
- स्थानीय निकाय का ट्रेड लाइसेंस
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- PMFMECentralअस्पष्ट35% सब्सिडी, अधिकतम ₹10 लाख
- MudraCentralचालू₹20 लाख तक कर्ज़, बिना कोलैटरल
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
- CM YUVAUPचालू₹5 लाख तक, बिना ब्याज
PMEGP (तीनों PMEGP प्रोफ़ाइल हैं); सूक्ष्म खाद्य इकाइयों के लिए PMFME; MUDRA ₹20 लाख तक; CM-YUVA (यूपी) ₹1.87 लाख की छोटी इकाई पर लागू; बिना गारंटी कर्ज़ के लिए CGTMSE।
§7पैसा
निवेश का आधार: KVIC प्रोफ़ाइल (छोटी इकाई): शेड 500 वर्ग फ़ुट ₹1.00 लाख, उपकरण ₹0.50 लाख, कार्यशील पूँजी ₹0.37 लाख = ₹1.87 लाख। Samadhan स्वचालित इकाई: भवन ₹2.00 लाख, मशीनरी ₹13.46 लाख, फ़र्नीचर ₹0.50 लाख, कार्यशील पूँजी ₹5.56 लाख = ₹21.52 लाख। दूसरी KVIC प्रोफ़ाइल ("Petha Manacturing" नाम से) ₹7.25 लाख (2,000 वर्ग फ़ुट शेड ₹4.00 लाख, उपकरण ₹1.25 लाख, कार्यशील पूँजी ₹2.00 लाख)।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): ₹0.37 लाख (छोटी KVIC इकाई), ₹2.00 लाख (बड़ी KVIC इकाई), ₹5.56 लाख (स्वचालित इकाई)।
KVIC प्रोफ़ाइल पर साल छपा नहीं है — मशीनों के आज के दाम जाँच लें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: APEDA
- HS कोड WCO HS 2022 सूची से हैं; 8 अंकों की ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।
- पहली खेप भेजने से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- चीनी के दाम बढ़ना
- खाद्य सुरक्षा में चूक
- आगरा के जमे-जमाए ब्रांडों से मुक़ाबला
- नमी वाले मौसम में ख़राब होना
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: पेठा बनाना की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (FSSAI पंजीकरण या लाइसेंस, उद्यम (Udyam)), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
¶स्रोत
- KVIC Project Profile — Petha Manufacturing Unit (PMEGP)
- PMEGP sample project report — Petha Manufacturing (Automatic) (prepared by Udyami/Samadhan)
- KVIC Project Profile — Petha Manufacturing (PMEGP)
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
