§1यह बिज़नेस क्या है

यह जॉब शॉप इंजीनियरिंग नक़्शों पर काम के लिए बोली लगाती है और CR कार्बन स्टील, स्टेनलेस स्टील और दूसरी चादरों से पुर्ज़े और ढाँचे बनाती है। चादरें कैंची या लेज़र/प्लाज़्मा मशीन से काटी जाती हैं, छेदी जाती हैं, प्रेस ब्रेक पर मोड़ी जाती हैं, रोल की जाती हैं, स्पॉट और सीम वेल्डिंग से जोड़ी जाती हैं, फिर सैंड-ब्लास्ट, पिकलिंग और पाउडर-कोटिंग होती है। ख़रीदार हैं वाहन और घरेलू उपकरण बनाने वाले, बिजली पैनल बनाने वाले, मशीनरी निर्माता, माल ढुलाई और खनन उपकरण कंपनियाँ, और फ़र्नीचर और भवन ठेकेदार।

क्षमता: साल में 350 टन शीट-मेटल पुर्ज़े; पहले साल 40%।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

फ़ैब्रिकेशन के अनुभव वाला ITI, डिप्लोमा या स्नातक, जिसकी निर्माताओं से जान-पहचान हो।

किसके लिए नहीं

जो इंजीनियरिंग नक़्शे न पढ़ सके या जिसके पास मशीनें चालू रखने लायक ख़रीदार न हों।

फ़ायदे

  • कई उद्योगों को माल जाता है, इसलिए एक ख़रीदार पर निर्भरता नहीं
  • मूल्य जोड़ने वाला काम — पुर्ज़े ₹40–150 किलो बिकते हैं, कार्बन स्टील ₹30–60 किलो आता है
  • मंज़ूर सप्लायर बनने के बाद बार-बार ऑर्डर
  • प्रोफ़ाइल के अनुसार सटीक पुर्ज़ों के निर्यात की गुंजाइश

नुकसान

  • मशीनें महँगी — ₹68.15 लाख
  • प्रोफ़ाइल में पहले साल घाटा
  • जॉब शॉप का काम अनियमित और दाम पर टिका होता है
  • ख़रीदार सटीक नाप और समय पर डिलीवरी माँगते हैं

कौन-से हुनर चाहिए

  • नक़्शे पढ़ना और काम का अनुमान लगाना
  • CNC कटिंग और प्रेस-ब्रेक से मोड़ना
  • वेल्डिंग और सतह की फ़िनिशिंग
  • सप्लायर पंजीकरण और गुणवत्ता प्रणाली

कठिनाई 4/5 क्यों: भारी मशीनों का ख़र्च और लगातार काम के ऑर्डर जीतने की ज़रूरत।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • कार और भारी वाहन बनाने वाले
  • घरेलू उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने वाले (चेसिस, खोल)
  • बिजली कंट्रोल पैनल बनाने वाले (केबल ट्रे, खोल)
  • मशीनरी, माल ढुलाई और खनन उपकरण बनाने वाले

कैसे बिकता है

  • नक़्शों पर सीधे काम के ऑर्डर
  • निर्माताओं से मंज़ूर-सप्लायर अनुबंध

जानने लायक

  • प्रोफ़ाइल बिजली और इलेक्ट्रॉनिक काम के सटीक शीट-मेटल पुर्ज़ों में निर्यात की गुंजाइश देखती है।
  • धातु और काम के हिसाब से बिक्री दाम ₹40 से ₹150 किलो।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
चादर काटने की मशीन1₹2,00,000
लेज़र / प्लाज़्मा प्रोफ़ाइल कटिंग मशीन2₹8,00,000 each
हाइड्रॉलिक प्रेस ब्रेक1₹4,50,000
हाइड्रॉलिक प्रेस2₹8,50,000 each
मैकेनिकल पावर प्रेस1₹2,50,000
हाथ की कटिंग प्रेस3₹40,000 each
हाथ की चादर मोड़ने की मशीन2₹45,000 each
फ़्लाई प्रेस3₹35,000 each
स्पॉट और सीम वेल्डिंग मशीन4₹80,000 each
प्रोफ़ाइल रोलिंग मशीन2₹3,50,000 each
बीडिंग और कर्लिंग मशीन1₹1,20,000
सैंड ब्लास्टिंग मशीन1₹2,00,000
पिकलिंग और सतह उपचार व्यवस्था1₹2,00,000
स्प्रे / पाउडर पेंट शॉप1₹2,50,000
पेंट पकाने का ओवन1₹2,00,000

स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Sheet Metal Fabrication (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें

  • CR कार्बन स्टील की चादरें, एंगल और सेक्शनप्रोफ़ाइल में ₹30–60 किलो
  • स्टेनलेस स्टील की चादरेंप्रोफ़ाइल में ₹150–230 किलो
  • वेल्डिंग तार, इलेक्ट्रोड, फ़्लक्स और नट-बोल्टजोड़ने के लिए
  • सतह उपचार के रसायन और पेंट पाउडरपिकलिंग, पैसिवेशन और कोटिंग के लिए

स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Sheet Metal Fabrication (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. उद्यम (Udyam) पंजीकरण
  2. GST पंजीकरण
  3. राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति (पेंटिंग, पिकलिंग, सैंड ब्लास्टिंग)
  4. फ़ैक्ट्री लाइसेंस
  5. अग्नि सुरक्षा मंज़ूरी
  6. ख़रीदारों के यहाँ सप्लायर पंजीकरण; ISO 9001 से ऑर्डर मिलने में मदद

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

बिना गारंटी कर्ज़ के लिए CGTMSE; SC/ST और महिला उद्यमियों के लिए स्टैंड-अप इंडिया (₹10 लाख–₹1 करोड़)। ₹137.33 लाख की लागत PMEGP की ₹50 लाख सीमा से ज़्यादा है।

§7पैसा

निवेश का आधार: ज़मीन ₹15.00 लाख + इमारत ₹30.00 लाख + प्लांट और मशीनरी ₹68.15 लाख + फ़िक्सचर और बिजली फ़िटिंग ₹3.70 लाख + शुरुआती और संचालन से पहले के ख़र्च ₹1.50 लाख + कार्यशील पूँजी मार्जिन ₹18.98 लाख = ₹137.33 लाख।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कुल कार्यशील पूँजी ₹40.81 लाख (स्टॉक ₹11.09 लाख, उधारी ₹10.12 लाख, ऊपरी ख़र्च ₹4.43 लाख, लेनदार ₹15.18 लाख); मार्जिन ₹18.98 लाख, बैंक ₹21.83 लाख। पैसा: मालिक ₹48.57 लाख, कर्ज़ ₹88.76 लाख।

SIDBI स्टैंड-अप मित्र की प्रोफ़ाइल, 2018 में डाली गई (उस पर साल नहीं छपा) — आज दाम ज़्यादा होंगे; मौजूदा लागत पता करें।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें

7326.90लोहे या स्टील की अन्य वस्तुएँ

निर्यात परिषद / बोर्ड: EEPC India

  • माल भेजने से पहले 8 अंकों की ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की कर लें।
  • पहली खेप भेजने से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • ऑर्डरों के बीच मशीनों का ख़ाली रहना
  • तय दाम वाले काम पर स्टील के दाम बढ़ना
  • नाप या फ़िनिश की ग़लती से माल लौटना
  • बड़े ग्राहकों से देर से भुगतान

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: सटीक शीट-मेटल फ़ैब्रिकेशन (जॉब शॉप) की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

सटीक शीट-मेटल फ़ैब्रिकेशन (जॉब शॉप) शुरू करना है?

DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।

DPR / लोन फ़ाइल बनवाएँ

स्रोत

  1. SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Sheet Metal Fabrication (2018)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।