यह क्या है
ऊँचे तापमान पर बेलकर बनाई गई स्टील की कॉइल, शीट और प्लेट। पाइप, ट्यूब, ढाँचा निर्माण, कोल्ड-रोलिंग और गैल्वेनाइज़िंग का मूल कच्चा माल।
IS 2062 E250 / E350 ढाँचागतIS 1079 HR कार्बन शीट और स्ट्रिपIS 10748 वेल्डेड ट्यूब के लिए स्ट्रिपIS 11513 कोल्ड-रोलिंग के लिए स्ट्रिपपिकल्ड और ऑयल्ड (HRPO)
भारत में कहाँ बनता है
- ओडिशा
राज्यों में सबसे अधिक हॉट मेटल उत्पादन: 2023-24 में 20,314 हज़ार टन (IMYB में JPC आँकड़े)।
- झारखंड
2023-24 में हॉट मेटल 17,938 हज़ार टन।
- कर्नाटक
2023-24 में हॉट मेटल 12,730 हज़ार टन।
- छत्तीसगढ़
2023-24 में हॉट मेटल 10,550 हज़ार टन।
- महाराष्ट्र
2023-24 में हॉट मेटल 8,672 हज़ार टन।
आयात कहाँ से आता है
कम। 2023-24 में भारत ने 139.15 मिलियन टन तैयार स्टील बनाया और 8.32 मिलियन टन आयात किया।
- China — 2023-24 में आयातित 45,10,768 टन तैयार स्टील (कोल्ड-रोल्ड शीट सहित) में से 16,35,284 टन
- South Korea — 2023-24 में 10,40,951 टन
- Japan — 2023-24 में 5,91,703 टन
- Vietnam — 2023-24 में 2,23,272 टन
ख़रीदने या बेचने से पहले नियम
- इस्पात और इस्पात उत्पाद (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश, 2024 के तहत BIS मानक चिह्न (ISI) अनिवार्य है: IS 2062:2011, IS 1079:2017, IS 10748, IS 11513, IS 5986, IS 6240 और अनुसूची 1 के अन्य मानक। हर खेप के साथ BIS लाइसेंसधारी निर्माता का परीक्षण प्रमाणपत्र चाहिए।
- ITC(HS) 2022 के अनुसार पिग आयरन, स्पंज आयरन, फेरो एलॉय, री-मेल्टिंग स्क्रैप और अर्ध-तैयार व फ्लैट या लॉन्ग स्टील का आयात 'मुक्त' है (IMYB 2024 का सार), पर QCO में शामिल ग्रेड पर BIS चिह्न फिर भी ज़रूरी है।
- अपने सटीक 8-अंकीय HS कोड की मौजूदा आयात-निर्यात नीति DGFT की ITC(HS) अनुसूची में देखें।
भंडारण और रख-रखाव
कॉइल को छत के नीचे लकड़ी या रबर के सैडल पर रखें; जंग से बचाने के लिए सूखा रखें। सही कॉइल लिफ़्टर से उठाएँ, किनारों पर चेन न लगाएँ।
इसका उपयोग करने वाले बिज़नेस
स्टील ट्यूब बनाने की इकाई →सटीक शीट-मेटल फ़ैब्रिकेशन (जॉब शॉप) →भारी फ़ैब्रिकेशन (टंकियाँ, प्रेशर वेसल, पाइपिंग) →एमएस फैब्रिकेशन / स्टील फर्नीचर यूनिट →रोलिंग शटर →स्टील ट्रंक (संदूक) बनाने की इकाई →
