§1यह बिज़नेस क्या है
इकाई पूरी क्वार्ट्ज़ मूवमेंट और डायल, सुइयाँ, काँच व पीछे के कवर वाले केस ख़रीदती है। मूवमेंट केस में लगाई जाती है, सुइयाँ सही समय दिखाने के लिए लगाई जाती हैं, काँच और पीछे का कवर बंद होता है, बैटरी डाली जाती है, और हर घड़ी भेजने से पहले कम से कम दो दिन चलाकर जाँची जाती है। इस उत्पाद का कोई भारतीय मानक नहीं है। प्रोफ़ाइल में खुदरा दाम साधारण प्लास्टिक घड़ी के ₹60 से लेकर घंटा बजाने वाली घड़ी के ₹380 तक दिए हैं।
क्षमता: हर साल 90,000 घड़ियाँ (7,500 महीना), ₹78 प्रति नग के हिसाब से ₹70.20 लाख की।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
डिज़ाइन की समझ रखने वाला व्यक्ति जो उपहार, फ़र्नीचर और कॉर्पोरेट-उपहार चैनलों से बेच सके।
किसके लिए नहीं
जो तकनीकी उत्पाद चाहता है; यहाँ असली मूल्य डिज़ाइन और बिक्री में है।
फ़ायदे
- सरल असेंबली; पूरी मूवमेंट में सोल्डरिंग नहीं
- क्वार्ट्ज़ घड़ियों में सर्विस कम लगती है (प्रोफ़ाइल)
- सस्ती प्लास्टिक से सजावटी घड़ियों तक बड़ी रेंज
- बिजली और जगह कम
नुकसान
- मूवमेंट ज़्यादातर आयातित, इसलिए सप्लाई और दाम आयात पर टिके
- प्रति घड़ी बहुत कम दाम (प्रोफ़ाइल में ₹78)
- मोबाइल फ़ोन से घड़ी की ज़रूरत घटी
- बिक्री डिज़ाइन और डायल के रूप पर टिकी
कौन-से हुनर चाहिए
- असेंबली और जाँच
- डायल और केस डिज़ाइन
- मूवमेंट की ख़रीद
- उपहार और घर-सजावट की दुकानों को बिक्री
कठिनाई 2/5 क्यों: असेंबली आसान; डिज़ाइन और दाम पर बेचना चुनौती है।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- घर-परिवार
- दफ़्तर, स्कूल और दुकानें
- कॉर्पोरेट और उपहार ख़रीदार
कैसे बिकता है
- उपहार, घड़ी और घर-सजावट की दुकानें
- थोक विक्रेता
- ऑनलाइन स्टोर
जानने लायक
- प्रोफ़ाइल के अनुसार क्वार्ट्ज़ घड़ियाँ भारत में 1977–78 में आईं और 2001 में इलेक्ट्रॉनिक घड़ियों का उत्पादन लगभग ₹210 करोड़ था।
- प्रोफ़ाइल में खुदरा दाम सादी प्लास्टिक घड़ियों के ₹60–80 से लेकर क्वाड्राफ़ोनिक घंटे वाली घड़ियों के ₹280–380 तक हैं।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| क्वार्ट्ज़ घड़ी टेस्टर | 3 | ₹60,000 |
| डिजिटल मल्टीमीटर, 3½ अंक | 4 | ₹14,000 |
| दफ़्तर का सामान, फ़र्नीचर और काम की मेज़ें | 1 lot | ₹25,000 |
| औज़ार, फ़िक्सचर, सोल्डरिंग आयरन या स्टेशन | 1 lot | — |
स्रोत: DC-MSME project profile — Electronic Quartz Analog Clocks (2003)
- पूरी क्वार्ट्ज़ मूवमेंटहर महीने 7,500, ₹25 = ₹1,87,500
- डायल, सुइयों और पैकिंग सहित केस (कैबिनेट)हर महीने 7,500, ₹35 = ₹2,62,500
स्रोत: DC-MSME project profile — Electronic Quartz Analog Clocks (2003)
Building Business Bazaar में सप्लायर
EM Electronics Pvt Ltd · Bengaluru →Bhola Plastic Industries · Delhi →Boble Electronics · Delhi →Chawla Plastics Works Pvt. Ltd · Delhi →CINA Electronics · Delhi →Copwud Arts · Mumbai →H.B. Chugh and Co · Delhi →Kanwar S.M. Co · Delhi →Motwane Pvt. Ltd · Delhi →Ruttonsha Simpson Pvt Ltd · Delhi →Sargodha Radio Co · Delhi →Semiconductor Complex · Delhi →
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST
- स्थानीय निकाय से ट्रेड लाइसेंस
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- MudraCentralचालू₹20 लाख तक कर्ज़, बिना कोलैटरल
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
- Stand-Up IndiaCentralबंद₹10 लाख – ₹1 करोड़ कर्ज़
₹16.25 लाख की परियोजना PMEGP, MUDRA (तरुण), CGTMSE और Stand-Up India में आती है।
§7पैसा
निवेश का आधार: DC-MSME प्रोफ़ाइल: स्थायी पूँजी ₹1.26 लाख (3 क्वार्ट्ज़ घड़ी टेस्टर ₹60,000, 4 डिजिटल मल्टीमीटर ₹14,000, दफ़्तर का फ़र्नीचर और काम की मेज़ें ₹25,000, बिजली फ़िटिंग, औज़ार और सोल्डरिंग स्टेशन); 3 महीने की कार्यशील पूँजी ₹14.99 लाख; कुल ₹16.25 लाख। जगह किराए की।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): 3 महीने की कार्यशील पूँजी ₹14.99 लाख; महीने का ख़र्च ₹4.99 लाख, जिसमें मूवमेंट और केस ₹4.50 लाख।
दाम 2002–03 के हैं — मशीन, कच्चे माल और मज़दूरी का ख़र्च अब काफ़ी ज़्यादा होगा।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: EEPC India
- माल भेजने से पहले DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से 8 अंकों की ITC(HS) लाइन पक्की कर लें।
- पहली खेप भेजने से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- मूवमेंट का दाम और सप्लाई
- सस्ती आयातित तैयार घड़ियाँ
- डिज़ाइन का चलन से बाहर होना
- बिना बिका माल
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: क्वार्ट्ज़ एनालॉग दीवार घड़ी असेंबली की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
क्वार्ट्ज़ एनालॉग दीवार घड़ी असेंबली शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
