§1यह बिज़नेस क्या है

रागी के आटे में पानी, तेल और मसाले मिलाकर आटा गूँधा जाता है, बेलकर चिप्स के आकार में काटा जाता है, तला या बेक किया जाता है, ड्रम में मसाला लगाकर ठंडा किया जाता है और नमी-रोधी पाउच में पैक किया जाता है। स्वाद हैं सादा नमकीन, चटपटा मसाला, हर्ब, चीज़ी और मिर्च; कम तेल वाले बेक्ड चिप्स मधुमेह और फ़िटनेस वाले ख़रीदारों के लिए हैं। बिक्री सुपरमार्केट, किराना और पर्यटक दुकानों, स्कूलों, छात्रावासों, होटलों, कंपनियों की कैंटीन और ऑनलाइन मार्केटप्लेस में होती है।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

स्नैक वितरण से जुड़ा खाद्य उद्यमी जो मोटे अनाज का ब्रांड बनाना चाहता है।

किसके लिए नहीं

जिसके पास दुकानों में जगह और वितरक पाने की योजना नहीं है।

फ़ायदे

  • अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष 2023 के बाद मोटे अनाज के स्नैक की माँग बढ़ी है
  • अल्मोड़ा, पौड़ी, चमोली और बागेश्वर के पहाड़ी किसान और FPO रागी उगाते हैं
  • बेक्ड चिप्स मधुमेह और फ़िटनेस वाले ख़रीदारों तक पहुँचते हैं
  • आटे के टुकड़े और बचा तेल पशु आहार के रूप में बिकते हैं

नुकसान

  • स्नैक की अलमारियाँ बड़े ब्रांडों से भरी हैं
  • रागी का आटा आलू या गेहूँ से बेलने और एक जैसा तलने में मुश्किल है
  • पैकिंग ख़राब हो तो जल्दी ख़राब होते हैं
  • हर महीने 2,00,000 पैकेट के लिए बड़ा वितरण नेटवर्क चाहिए

कौन-से हुनर चाहिए

  • स्नैक की रेसिपी और कुरकुरापन नियंत्रण
  • तलने और बेक करने की प्रक्रिया पर नियंत्रण
  • FSSAI साफ़-सफ़ाई और लेबलिंग
  • वितरक और खुदरा प्रबंधन

कठिनाई 3/5 क्यों: चिप्स बनाना आसान है; बड़े ब्रांडों के बीच दुकानों में जगह पाना मुश्किल।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • सुपरमार्केट, किराना और पर्यटक दुकानें
  • स्कूल, छात्रावास और कंपनियों की कैंटीन
  • होटल
  • सेहत का ध्यान रखने वाले ऑनलाइन ख़रीदार

कैसे बिकता है

  • वितरक और खुदरा
  • Amazon और Flipkart
  • संस्थाओं को सप्लाई
  • उपहार हैंपर और त्योहार पैक

जानने लायक

  • प्रोफ़ाइल आगे रागी नाचोज़, मल्टीग्रेन चिप्स और रागी क्रैकर की योजना बताती है।
  • हर बैच की नमी, कुरकुरापन, स्वाद और कीटाणु-सुरक्षा जाँची जाती है।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
आटा गूँधने की मशीन1—
बेलने और काटने की मशीन2—
तेल छानने की व्यवस्था वाली तलने की इकाई2—
बेकिंग ओवन (बेक्ड चिप्स के लिए)1—
मसाला लगाने का ड्रम1—
पाउच भरने और सील करने की मशीन2—
गुणवत्ता जाँच उपकरण (नमी और सुरक्षा)1 सेट—
कुल मशीनें और औज़ार—₹15,00,000

स्रोत: Uttarakhand DUY project profile — Raagi-Based Chips Manufacturing Unit

  • रागी (मंडुआ) का आटाअल्मोड़ा, पौड़ी, चमोली और बागेश्वर के किसानों, FPO और सहकारी समितियों से
  • खाद्य तेल
  • प्राकृतिक मसाले और मसाला मिश्रणस्थानीय मंडियों से
  • नमी-रोधी पैकिंग फ़िल्महरिद्वार और रुद्रपुर के औद्योगिक क्षेत्रों से

स्रोत: Uttarakhand DUY project profile — Raagi-Based Chips Manufacturing Unit

कच्चे माल के डेटाबेस में

रागी (मंडुआ) →

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. FSSAI लाइसेंस
  2. उद्यम (Udyam) पंजीकरण
  3. GST पंजीकरण
  4. पैक किए माल के लिए विधिक माप-विज्ञान (Legal Metrology) पंजीकरण
  5. जहाँ ज़रूरी हो, स्थानीय अग्निशमन विभाग से फ़ायर NOC
  6. जहाँ राज्य माँगे, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

प्रोफ़ाइल PMFME (सूक्ष्म खाद्य इकाइयों के लिए 35% क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी) और NABARD का नाम लेती है; ₹45 लाख के प्रोजेक्ट पर PMEGP भी लागू; MUDRA ₹20 लाख तक; बिना गिरवी कर्ज़ के लिए CGTMSE।

§7पैसा

निवेश का आधार: ज़मीन और शेड ₹10 लाख + मशीनें और औज़ार ₹15 लाख + शुरुआती कच्चा माल ₹4 लाख + प्रशिक्षण ₹2 लाख + ब्रांडिंग और मार्केटिंग ₹3 लाख + पहले साल का वेतन ₹7 लाख + यूटिलिटी ₹2 लाख + आकस्मिक ख़र्च ₹2 लाख = ₹45 लाख।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): शुरुआती कच्चा माल ₹4 लाख और एक साल का वेतन ₹7 लाख परियोजना लागत में शामिल हैं। पैसा: 25% प्रमोटर, 60% बैंक या NABARD से टर्म लोन, PMFME या राज्य MSME नीति से 15% सब्सिडी।

प्रोफ़ाइल पर साल नहीं छपा है — मशीनों और कच्चे माल के आज के दाम पता करें।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात परिषद / बोर्ड: APEDA

  • मोटे अनाज के स्नैक रेसिपी के अनुसार अध्याय 19 या 21 में आते हैं — 8 अंकों की ITC(HS) लाइन DGFT या कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।
  • DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) और प्रसंस्कृत खाद्य के लिए APEDA पंजीकरण चाहिए।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • तेल की बासी गंध और नमी लगना
  • बड़े स्नैक ब्रांडों से दाम की लड़ाई
  • रागी के दाम और सप्लाई में उतार-चढ़ाव
  • वितरकों की उधारी और माल वापसी

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: रागी (मंडुआ) चिप्स की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (FSSAI लाइसेंस, उद्यम (Udyam) पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

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स्रोत

  1. Uttarakhand DUY project profile — Raagi-Based Chips Manufacturing Unit

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।